NCR : माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व पर 75 स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेलवे, पहली बार कलर कोड स्टीकर का होगा इस्तेमाल
माघ मेले के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने ट्रेनों की समय सारिणी जारी की है। सबसे ज्यादा ट्रेन मौनी अमावस्या के दिन चलाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही भीड़ देखकर ट्रेन चलाने की तैयारी भी की गई है, इससे यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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उत्तर मध्य रेलवे द्वारा माघ मेले के मौके पर इस बार 75 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने की तैयारी की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 20 स्पेशल ट्रेन माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर चलाई जाएंगी। वहीं बसंत पंचमी पर 15 एवं अन्य चार स्नान पर्व पर दस-दस मेला स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था रेलवे द्वारा की गई है। इन सभी ट्रेनों का संचालन यात्रियों की भीड़ के हिसाब से होगा। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो स्पेशल ट्रेनें बढ़ाई भी जा सकती हैं।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में माघ मेले की तैयारियों को लेकर डीआरएम हिमांशु बडोनी ने बताया कि माघ मेले में प्रयोग के तौर पर यात्रियों को टिकट के साथ-साथ यात्री आश्रयों के रंग के अनुरूप दिशावर अलग-अलग रंग के स्टिकर भी टिकट पर लगाकर दिए जाएगे। साथ ही दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेट्रो रिफ्लेक्टिव एरो मार्क्स भी लगाए जाएंगे। इससे यात्री स्टेशन पर प्रवेश करने के बाद कलर कोड के हिसाब से रूट वार ट्रेनों के लिए चिह्नित किए गए प्लेटफार्म पर पहुंच जाएंगे।
इसके अलावा रेलवे ने मेला प्रशासन से समन्वय बनाने के लिए प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मेला कंट्रोल रूम की स्थापना की है। इस दौरान एडीआरएम संजय सिंह, सीनियर डीसीएम हिमांशु शुक्ला और सीनियर डीओएम श्रीकृष्ण शुक्ला ने भी विभागीय तैयारियों का ब्यौरा पेश किया। एडीआरएम संजय सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या पर प्रयागराज संगम को बंद रखा जाएगा। ऐसे में यात्रियों को अमावस्या के दिन प्रयाग स्टेशन जाकर ट्रेनें पकड़नी होंगी।
माघ मेले के लिए की जा रही है विशेष तैयारी
- रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश द्वार पर स्कैनिंग व जांच के बाद ही स्टेशन पर मिलेगी प्रवेश की अनुमति।
- लीडर रोड साइड में यात्री आश्रय स्थल के बाहर रहेंगे आठ अनारक्षित टिकट काउंटर।
- यात्रियों की सुविधा के लिए आठ ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की रहेगी सुविधा
- स्नान पर्व के दौरान सिटी साइड से प्रवेश और निकास होगा सिविल लाइंस साइड से ।
- जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में तीसरे मार्ग और सातवें मार्ग से होगा निकास।
- जंक्शन के सभी चार फुट ओवर ब्रिज पर दिशावार होगा यात्रियों का मूवमेंट।
- स्नान पर्व के दिन ट्रेन आने के 30 मिनट पहले ही आरक्षित यात्रियों को प्लेटफार्म पर जाने की मिलेगी अनुमति।
- प्रयागराज जंक्शन पर रहेगी दो एंबुलेंस एवं शहर के अन्य स्टेशनों पर रहेगी एक-एक एंबुलेंस।
- प्रयागराज जंक्शन के सभी प्लेटफार्म पर रहेंगे मेडिकल बूथ।
- संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टिकट काउंटर एवं पूछताछ काउंटर की रहेगी व्यवस्था।
- स्नान पर्व के दिन जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से नहीं दिया जाएगा प्रवेश।
जंक्शन पर स्नान पर्व के दिन तीर्थ यात्रियों को आश्रय स्थल से होगा प्रवेश
- लाल रंग वाले यात्री आश्रय स्थल से लखनऊ और वाराणसी दिशा की ओर जाने वाले यात्रियों का होगा प्रवेश।
- नीले रंग वाले यात्री आश्रय स्थल से मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर जाने वालों का होगा प्रवेश।
- पीले रंग वाले आश्रय स्थल से मानिकपुर, सतना एवं झांसी की ओर जाने वाले यात्रियों को होगा प्रवेश।
- हरे रंग वाले आश्रय स्थल से फतेहपुर, कानपुर, दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को होगा प्रवेश।
दिशावार इन स्टेशनों से मिलेंगी ट्रेनें
- प्रयागराज जंक्शन - मेजा रोड, विंध्याचल, मिर्जापुर, चुनार, पंडित दीन दयाल उपाध्याय की ओर
- प्रयागराज जंक्शन - भरवारी, सिराथू, खागा, फतेहपुर एवं कानपुर की ओर
- छिवकी, नैनी, प्रयागराज जंक्शन - शंकरगढ़, डभौरा, मानिकपुर, झांसी, सतना, जबलपुर आदि की ओर
- प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ - फूलपुर, भदोही, जौनपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, ऊंचाहार, रायबरेली, लखनऊ, अयोध्या धाम की ओर
- प्रयागराज रामबाग, झूंसी - ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराासी, मऊ, बलिया, भटनी, गोरखपुर की ओर