Railway News : रेलकर्मियों को हादसे से बचाएगा रक्षक, ट्रैकमैन, पेट्रोलमैन व कीमैन डिवाइस करेगा सचेत
रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सेफ्टी के लिए उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल एक बड़ी पहल करने जा रहा है। ट्रैकमैन, कीमैन, पेट्रोलमैन आदि कर्मचारियों की सुरक्षा अब रक्षक नाम की डिवाइस से होगी।
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रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सेफ्टी के लिए उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल एक बड़ी पहल करने जा रहा है। ट्रैकमैन, कीमैन, पेट्रोलमैन आदि कर्मचारियों की सुरक्षा अब रक्षक नाम की डिवाइस से होगी। प्रयागराज मंडल के काम करने वाले कर्मचारियों को यह डिवाइस जल्द ही उपलब्ध करवाई जाएगी।
अमूमन देखा गया है कि रेल ट्रैक पर कार्य के दौरान कर्मचारी अपने कार्य में इतने तल्लीन हो जाते है कि वह कभी-कभार सुपरवाइजरों के दिशा निर्देशों की अनदेखी कर देते हैं। ट्रैक पर कार्य के दौरान जब ट्रेन आती है तो वह उसकी चपेट में भी आ जाते हैं। बीते पांच में इस तरह के हादसों में 40 से ज्यादा रेलकर्मियों की जान जा चुकी है।
इन घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे प्रशासन रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले रेलकर्मियों को अप्रोचिंग ट्रेन वार्निंग सिस्टम (रक्षक) से लैस करने जा रहा है। एनसीआर के आगरा मंडल से इसकी शुरुआत हुई है। अब प्रयागराज मंडल में भी इसका प्रयोग जल्द होगा। कोहरे के दौरान यह सिस्टम खासा कारगर सिद्ध होगा।
एनसीआर के सीनियर पीआरओ डाॅ. अमित मालवीय बताते हैं कि रक्षक वेरी हाई फ्रीक्वेंसी आधारित अप्रोचिंग ट्रेन वार्निंग सिस्टम (उच्च-आवृत्ति रेडियो-आधारित चेतावनी प्रणाली) है। यह सीधे रेलवे के सिग्नल कंट्रोल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। रक्षक हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी डिवाइस है। यह उपकरण एलईडी इंडिकेशन के साथ-साथ बजर और आने वाली ट्रेनों के कंपन के बारे में अलर्ट प्रदान करता है। रेलकर्मी जिस सेक्शन में कार्य कर रहे हैं वहां सिग्नल ग्रीन होते ही डिवाइस से तेज बीप की आवाज आने लगेगी। इससे कर्मचारी भी सतर्क हो जाएंगे।
रेलवे ट्रैक पर काम करने वालों के लिए ही यह डिवाइस डिजाइन की गई है। प्रयागराज मंडल में भी रक्षक डिवाइस रेलकर्मियों को मुहैया कराई जाएगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। -रजनीश अग्रवाल, डीआरएम, प्रयागराज मंडल।