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Prayagraj : चेक बाउंस के मामले में रेलकर्मी को जेल, काेर्ट ने जारी किया था गैर जमानती वारंट और कुर्की का नोटिस
Sat, 15 Jun 2024 05:02 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Jun 2024 05:02 PM IST
सार
राजरूपपुर निवासी रामसजीवन और लीडर रोड निवासी हंसराज दोनों रेलवे कर्मचारी थे। नौकरी के दौरान ही दोनों का परिचय हुआ था। रामसजीवन ने तीन लाख रुपये हंसराज को उधार लिए थे। इसके बदले में हंसराज ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
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- फोटो : Istock
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विस्तार
चेक बाउंस के मामले में सहयोग नहीं करने पर अतिरिक्त न्यायालय एनआईएक्ट ने रेल कर्मचारी हंसराज को जेल भेज दिया। अभियुक्त बार-बार वारंट रिकॉल होने के बाद भी पुन: जमानत का दुरुपयोग करते हुए अनुपस्थित हो रहा था। ऐसे में कोर्ट ने वारंट रिकाॅल प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए अभियुक्त को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। वादी के अधिवक्ता नितेश सिंह ने पक्ष रखा।
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राजरूपपुर निवासी रामसजीवन और लीडर रोड निवासी हंसराज दोनों रेलवे कर्मचारी थे। नौकरी के दौरान ही दोनों का परिचय हुआ था। रामसजीवन ने तीन लाख रुपये हंसराज को उधार लिए थे। इसके बदले में हंसराज ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
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ऐसे में एनआईएक्ट के तहत हंसराज पर केस दर्ज कराया था। मामले के लंबित होने पर परिवादी ने हाईकोर्ट अर्जी दाखिल कर शीघ्र निस्तारण की गुहार लगाई। इस पर हाईकोर्ट ने छह माह में मामले का निस्तारण किए जाने का आदेश दिया था।
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मामले में विपक्षी हंसराज सुनवाई में सहयोग नहीं कर रहा था। कोर्ट ने विपक्षी को वारंट जारी किया। विपक्षी वारंट रिकाॅल कर पुन: अनुपस्थित हो गया। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया। कुर्की का आदेश भी दिया। इस दौरान अभियुक्त की ओर वारंट रिकाॅल का प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने निरस्त करते हुए उसे जेल भेज दिया।