{"_id":"5d7bf3e68ebc3e93aa191d9b","slug":"railway-claim-triunal-bench-in-prayagraj-allahabad-news-ald254813357","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज में अब रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज में अब रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच
विज्ञापन
Railway Claim Triunal Bench in Prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज में अब रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच
0 रेलवे क्लेम से जुड़े मामलों के शहर के बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत
0 जीएम एनसीआर के प्रयास से मिली मंजूरी, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने की घोषणा
प्रयागराज। एक तरफ जहां प्रयागराज से तमाम सरकारी कार्यालय लखनऊ शिफ्ट किए जाने की तैयारी चल रही है तो वहीं दूसरी ओर इन सबके बीच रेलवे की ओर से संगम नगरी में क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच खोली जा रही है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। प्रयागराज प्रदेश का चौथा ऐसा शहर होगा जहां रेलवे क्लेम टिव्यूनल (आरसीटी) की बेंच खुलेगी। प्रदेश में वर्तमान समय लखनऊ, गाजियाबाद एवं गोरखपुर में रेलवे क्लेम से जुड़े मामलों का निस्तारण होता है।
दरअसल एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी और पीसीसीएम एमएन ओझा द्वारा लंबे समय से प्रयास किया जा रहा था कि प्रयागराज में रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच खुले। जोन में तीन बड़े मंडल और बड़ा मुख्यालय होने के बाद भी एनसीआर जोन में आरसीटी की बेंच नहीं थी। इस संबंध में जीएम ने रेलवे बोर्ड में भी आरसीटी की बेंच प्रयागराज में खोले जाने का मुद्दा उठाया था। क्योंकि यहां के अफसरों एवं कर्मचारियों को अक्सर लखनऊ, गोरखपुर जाना पड़ता था। उससे भी ज्यादा परेशानी उन गरीब प्रार्थियों को होती थी जो प्रयागराज एवं आस पास के निवासी हैं। ऐसे में उन्हें क्लेम से जुड़े मामलों के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। बता दें कि आरसीटी की बेंच की स्थापना का अधिकार रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के चेयरमैन को होता है। उनकी संस्तुति पर रेल मंत्रालय अधिसूचना जारी करता है। इस संबंध में पिछले माह एनसीआर के पीसीसीएम एमएन ओझा ने रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस अहलूवालिया से दिल्ली में मुलाकात भी की थी। सीपीआरओ एनसीआर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने प्रयागराज में आरसीटी की बेंच खोले जाने की औपचारिक घोषणा मुंबई में की है।
000000000000000000000
ट्रिव्यूनल के माध्यम से रेलवे देता है सभी तरह के क्लेम
0 रेल दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिजनों और घायल यात्रियों को मुआवजे की राशि आरसीटी के माध्यम से ही दी जाती है। इसके अलावा माल बुक कराने एवं उसकी क्षति होने पर भी उसका मुआवजा आदि दिए जाने का प्रावधान आरसीटी के माध्यम से ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 रेलवे क्लेम से जुड़े मामलों के शहर के बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत
0 जीएम एनसीआर के प्रयास से मिली मंजूरी, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने की घोषणा
प्रयागराज। एक तरफ जहां प्रयागराज से तमाम सरकारी कार्यालय लखनऊ शिफ्ट किए जाने की तैयारी चल रही है तो वहीं दूसरी ओर इन सबके बीच रेलवे की ओर से संगम नगरी में क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच खोली जा रही है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। प्रयागराज प्रदेश का चौथा ऐसा शहर होगा जहां रेलवे क्लेम टिव्यूनल (आरसीटी) की बेंच खुलेगी। प्रदेश में वर्तमान समय लखनऊ, गाजियाबाद एवं गोरखपुर में रेलवे क्लेम से जुड़े मामलों का निस्तारण होता है।
दरअसल एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी और पीसीसीएम एमएन ओझा द्वारा लंबे समय से प्रयास किया जा रहा था कि प्रयागराज में रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल की बेंच खुले। जोन में तीन बड़े मंडल और बड़ा मुख्यालय होने के बाद भी एनसीआर जोन में आरसीटी की बेंच नहीं थी। इस संबंध में जीएम ने रेलवे बोर्ड में भी आरसीटी की बेंच प्रयागराज में खोले जाने का मुद्दा उठाया था। क्योंकि यहां के अफसरों एवं कर्मचारियों को अक्सर लखनऊ, गोरखपुर जाना पड़ता था। उससे भी ज्यादा परेशानी उन गरीब प्रार्थियों को होती थी जो प्रयागराज एवं आस पास के निवासी हैं। ऐसे में उन्हें क्लेम से जुड़े मामलों के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। बता दें कि आरसीटी की बेंच की स्थापना का अधिकार रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के चेयरमैन को होता है। उनकी संस्तुति पर रेल मंत्रालय अधिसूचना जारी करता है। इस संबंध में पिछले माह एनसीआर के पीसीसीएम एमएन ओझा ने रेलवे क्लेम ट्रिव्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस अहलूवालिया से दिल्ली में मुलाकात भी की थी। सीपीआरओ एनसीआर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने प्रयागराज में आरसीटी की बेंच खोले जाने की औपचारिक घोषणा मुंबई में की है।
विज्ञापन
000000000000000000000
ट्रिव्यूनल के माध्यम से रेलवे देता है सभी तरह के क्लेम
0 रेल दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिजनों और घायल यात्रियों को मुआवजे की राशि आरसीटी के माध्यम से ही दी जाती है। इसके अलावा माल बुक कराने एवं उसकी क्षति होने पर भी उसका मुआवजा आदि दिए जाने का प्रावधान आरसीटी के माध्यम से ही है।
विज्ञापन