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रेल ब्रिज पर बढ़ा पानी तो सेंसर कर देगा आगाह
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rail bridge naini
- फोटो : NAINI
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-नैनी ब्रिज समेत एनसीआर के दस महत्वपूर्ण पुलों पर लगाई गई जलस्तर निगरानी प्रणाली
प्रयागराज। बारिश के दौरान नदियों में बढ़ने वाले जलस्तर से पुल को कोई खतरा न हो इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे ने नैनी समेत दस प्रमुख पुलों पर जल स्तर निगरानी प्रणाली की स्थापना की है। सेंसर युक्त प्रणाली वाले इस उपकरण की खास बात यह कि अगर किन्हीं कारणों से नदी का पानी उच्च बाढ़ स्तर की ओर पहुंचता है तो पल भर में इसकी सूचना रेलवे के अफसरों और कर्मचारियों को मिल जाएगी।
बारिश के दिनों में संरक्षित यातायात के लिए रेलवे ने यह उपकरण प्रयागराज मंडल के नैनी और मेजा रोड के पास टोंस नदी पुल समेत आगरा एवं झांसी मंडल के कुल दस प्रमुख पुलों पर लगाए हैं। इसके तहत जल स्तर मापने का उपकरण लगातार अल्ट्रासोनिक तरंगें भेजता है। जो नदी में बने वाले पानी के ऊपर से वापस आने में लगने वाले समय से जल स्तर की सटीक मॉनीटरिंग कर लेता है। इंटेलीजेंट फील्ड डिवाइस के साथ जल स्तर मापने वाला उपकरण जो डब्ल्यूएलएमआई के साथ संचार करता है और प्रत्येक पुल के जलस्तर का डेटा एक केंद्रीय सर्वर तक पहुंचाता है।
यह सिस्टम प्रत्येक पांच मिनट में जलस्तर का रिकार्ड करता है। इंटेलीजेंस फील्ड डिवाइस की वजह से बाद में इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से उन रेलवे अफसरों एवं कर्मचारियों तक पहुंचती है जो पुलों के रखरखाव से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अगर ब्रिज के नीचे ज्यादा पानी आ जाता है तो समय रहते रेल प्रशासन संरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम कर सकता है।
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प्रयागराज। बारिश के दौरान नदियों में बढ़ने वाले जलस्तर से पुल को कोई खतरा न हो इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे ने नैनी समेत दस प्रमुख पुलों पर जल स्तर निगरानी प्रणाली की स्थापना की है। सेंसर युक्त प्रणाली वाले इस उपकरण की खास बात यह कि अगर किन्हीं कारणों से नदी का पानी उच्च बाढ़ स्तर की ओर पहुंचता है तो पल भर में इसकी सूचना रेलवे के अफसरों और कर्मचारियों को मिल जाएगी।
बारिश के दिनों में संरक्षित यातायात के लिए रेलवे ने यह उपकरण प्रयागराज मंडल के नैनी और मेजा रोड के पास टोंस नदी पुल समेत आगरा एवं झांसी मंडल के कुल दस प्रमुख पुलों पर लगाए हैं। इसके तहत जल स्तर मापने का उपकरण लगातार अल्ट्रासोनिक तरंगें भेजता है। जो नदी में बने वाले पानी के ऊपर से वापस आने में लगने वाले समय से जल स्तर की सटीक मॉनीटरिंग कर लेता है। इंटेलीजेंट फील्ड डिवाइस के साथ जल स्तर मापने वाला उपकरण जो डब्ल्यूएलएमआई के साथ संचार करता है और प्रत्येक पुल के जलस्तर का डेटा एक केंद्रीय सर्वर तक पहुंचाता है।
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यह सिस्टम प्रत्येक पांच मिनट में जलस्तर का रिकार्ड करता है। इंटेलीजेंस फील्ड डिवाइस की वजह से बाद में इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से उन रेलवे अफसरों एवं कर्मचारियों तक पहुंचती है जो पुलों के रखरखाव से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अगर ब्रिज के नीचे ज्यादा पानी आ जाता है तो समय रहते रेल प्रशासन संरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम कर सकता है।
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