प्रयागराज : लाल बंधुओं के करीबी शुआट्स पीआरओ के बंगले में छापामारी, एसआईटी ने खंगाले दस्तावेज
लाल बंधुओं के करीबी शुआट्स के पीआरओ की तलाश में फतेहपुर की एसआईटी ने छापा मारा। कुछ सुराग लगने पर टीम शुआट्स के गेस्ट हाउस तक पहुंची। हालांकि कोई सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी। इसके बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई।
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लाल बंधुओं के करीबी शुआट्स के पीआरओ की तलाश में फतेहपुर की एसआईटी ने छापा मारा। कुछ सुराग लगने पर टीम शुआट्स के गेस्ट हाउस तक पहुंची। हालांकि कोई सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी। इसके बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई। लखनऊ में वर्ल्ड विजन के फरार मैनेजर एसडी राव के होने का टीम को पता लगा है।
प्रयागराज नैनी स्थित सैम हिग्गिनबॉटम एग्रीकल्चर साइंस यूनिवर्सिटी (शुआट्स) के मीडिया प्रभारी रमाकांत दुबे की तलाश में एसआईटी ने छापा मारा। टीम ने नैनी स्थित मीडिया प्रभारी के आलीशान बंगले में बुधवार रात छापेमारी की पर मीडिया प्रभारी नहीं मिला। उनके परिवार के लोगों से पूछताछ की और कुछ दस्तावेजों की पड़ताल की। इसके बाद टीम तलाश में शुआट्स के गेस्ट हाउस तक पहुंची।
शुआट्स के बारे में जानने वालों से भी पूछताछ की है। मीडिया प्रभारी शुआट्स में प्रोफेसर के पद पर तैनात है। उसने धर्मशास्त्र से पीएचडी की है। यूजीसी के नियमों के ताक पर रखकर पीआरओ की नियुक्त हुई थी। सामाजिक दिखावे के लिए रमाकांत ने ब्राह्मण होना बताया, जबकि यीशु दरबार में प्रतिदिन प्रार्थना कराता है। चर्चा है कि उसने ईसाई मूल की एक युवती से दूसरी शादी की है।
उसकी पहली पत्नी उसके गांव में रहती है। करीब दो दशक पहले लाल बंधुओं से जुड़ा था। वह लाल बंधुओं का करीबी माना जाता है। इसके खिलाफ फतेहपुर में तीन धर्म परिवर्तन और एक धमकी का मुकदमा दर्ज है। इन मुकदमों की तलाश में ही टीम ने छापेमारी की है। प्रयागराज के बाद टीम लखनऊ रवाना हुई है।
लग्जरी वाहनों का शौकीन है दुबेधर्म परिवर्तन के मुकदमे में आरोपी रमाकांत दुबे यीशु सेवाभाव नाम की संस्था चलाता है। गरीब और मलिन बस्तियों में अक्सर संस्था की आड़ में प्रलोभन के लिए लोगों को सामान बांटता है। शुआट्स के पूर्व छात्र और धर्मांतरण के मुकदमे स्वतंत्र गवाह दिनेश शुक्ला ने बताया कि धोखाधड़ी कर अकूत संपत्ति इकट्ठा की है। उसके पास फार्च्युनर, इनोवा, इंडीवर, स्कार्पियो, सफारी जैसे लग्जरी वाहन हैं। सरकार बदलने के बाद सत्ता पक्ष का वाहनों में झंडा लगाकर घूमता है। मुकदमे में आरोपी बनाए जाने के बाद भी शुआट्स में उसका अक्सर आना-जाना बना रहता है। पूर्व छात्र ने उसकी अकूत संपत्ति की जांच कराने की मांग की है। धोखाधड़ी के मामले में रमाकांत में 2017 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शुआट्स में एक नेता का करीबी बना ज्वाइंट डायरेक्टर
चौतरफा घिरे शुआट्स मैनेजमेंट में बुधवार को एक और पद पर बदलाव किया गया। ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर एक साल पहले जेनेटिक प्लांट ब्रीडिंग के पद पर तैनाती पाने वाले डा. वैदुर्य प्रताप शाही को ज्वाइंट डायरेक्टर का पदभार सौंपा गया है। डा. शाही एक आला नेता के रिश्तेदार बताए जाते हैं। उनकी तैनाती भी एक सौदेबाजी बताई जाती है।
शुआट्स की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में 77 शिक्षकों की मानकविहीन नियुक्ति पाई गई थी। यह फाइल संंबंधित मंत्रालय में दबा दी गई थी। धर्मांतरण का मामला सामने आने पर इसी फाइल पर एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कराया है। ऑफिशियल रजिस्ट्रार प्रोफेसर डा. दीपक लाल ने ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति की है। खास बात यह है कि शुआट्स के बोर्ड ऑफ मेंबर गायब हैं। इसके बाद भी लाल बंधुओं के करीबियों को ही पदों पर मनचाहे तरीके से पोस्ट किया जा रहा है।
इसके बाद प्रोफेसर राबिन एल प्रसाद की पत्नी डा. रानू प्रसाद को रातोंरात कार्यवाहक कुलपति बनाया गया है।आफिशियल रजिस्ट्रार पद पर डा. दीपक लाल की भी तैनाती की गई। करीब एक साल पहले यूनिवर्सिटी का आईसीआर खत्म हो चुका है। इसके नवीनीकरण के बिना कोई डिग्री, एडमिशन और छात्रों से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं मानी जाती है। चर्चा है कि ज्वाइंट डायरेक्टर की राजनीतिक पकड़ है। आईसीआर नवीनीकरण के लिए उनकी तैनाती की गई है। यूनिवर्सिटी के छात्र और छात्राओं ने इस मामले को लेकर विरोध शुरू कर दिया है। वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
शुआट्स में चंद दिन पहले एक और लाखों का घोटाला
शुआट्स में मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और बायोइन्फर्मेटिक्स साइंस में उपयोग की जाने वाली तकनीकों का कार्यक्रम 27 जनवरी से तीन फरवरी तक चला। इस कार्यक्रम में बायोलॉजी के सारे छात्र शामिल हुए। प्रति छात्र चार-चार हजार रुपये जमा कराए गए। खास बात यह है कि बायोटेक के डीन प्रति कुलपति जॉनथल लाल हैं। जॉनथन लाल वीसी आर बी लाल के बेटे हैं। कार्यक्रम के सचिव बायोटेक प्रो. विजय त्रिपाठी हैं। आरोप है कि छात्रों से वसूले रुपये यूनिवर्सिटी के खाते में जमा नहीं किए गए। इसका यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर विरोध भी कर रहे हैं। प्रो. विजय त्रिपाठी की पत्नी पूजा त्रिपाठी भी कालेज में प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। यूनिवर्सिटी में धोखाधड़ी और गबन की जांच ईडी स्तर पर हो रही है। इन हालातों में एक और गबन का मामला सामने आ रहा है। जॉनथन लाल और विजय त्रिपाठी एक दूसरे के बेहद करीबी बताए जाते हैं। (संवाद)
हाईकोर्ट में बहस के बाद सुनवाई टली
सामूहिक धर्मांतरण के मामले में शुआट्स के लाल बंधुओं समेत पांच की हाईकोर्ट इलाहाबाद में गुरुवार को जमानत याचिका को लेकर बहस हुई। कोर्ट ने बहस के बाद शुक्रवार को फिर सुनवाई के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट में वीसी आर बी लाल, प्रशासनिक निदेशक विनोद बी लाल, मिशन हास्पिटल के चेयरमैन डा. सैम्यू मैथुअल, एकाउंटेंट परमिंदर सिंह, बाईबल सेरेमनी चर्च के विशप मिस्टर पॉल की अग्रिम जमानत पर गए हैं।
उधर, सर्वेंद्र विक्रम सिंह की ओर से आर बी लाल समेत 11 के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे को खारिज किए जाने की मांग आर बी लाल पक्ष ने हाईकोर्ट में की है। सीनियर एडवोकेट कमला सिंह और विशाल टंडन ने बताया कि अगली सुनवाई की तारीख कोर्ट ने 20 फरवरी लगाई है। सामूहिक धर्मांतरण मामले में हाईकोर्ट ने आर बी लाल और विनोद बी लाल को 13 से 15 फरवरी के बीच विवेचक के सामने प्रस्तुत होने के आदेश दिए थे। दोनों सामने नहीं आए।