सांस्कृतिक आतंकवाद के खात्मे के लिए भी हो सर्जिकल स्ट्राइक

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 10 Dec 2016 02:10 AM IST
इलाहाबाद
इलाहाबाद - फोटो : इलाहाबाद
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शुक्रवार को मीरापुर स्थित डीएवी कॉलेज परिसर राधे-राधे और जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा। श्रीराधे-राधे सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रख्यात कथाव्यास देवकी नंदन ठाकुर ने श्रीमद्भागवत की महिमा बखानी। कथा आरंभ करने से पहले उन्होंने गुरुओं को प्रणाम एवं विश्व शांति के लिए पूजन अर्चन किया।
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कथाक्रम में उन्होंने सांस्कृतिक आतंकवाद को सबसे अधिक घातक बताया। कहा, यह ऐसा घुन है जो हमारी संस्कृति को खोखला कर रहा है। युवाओं का रुझान पाश्चात्य संस्कृति की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऋषि मुनियों के वंशज होने के बावजूद धीरे-धीरे हमारी संस्कृति और संस्कार धूमिल होते जा रहे हैं, हमें इन्हें बचाना होगा। संस्कृत भाषा के जानने वाले गिनती के रह गए हैं। कहा, सांस्कृतिक आतंकवाद को समाप्त करने के लिए सरकार को सर्जिकल स्ट्राइक जैसी पहल करे।


विश्व शांति मिशन की ओर से सांस्कृतिक आतंकवाद के खात्मे के लिए योजना तैयार की गई है। कथा के दौरान स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से मिलेंगे और उन्हें विज्ञान पर खरी उतरने वाली सनातन धर्म की पद्धतियों, परंपराओं, पूजा और जीवन शैलियों के बारे में जागरूक करेंगे। इसी क्रम में जेल में जाकर सजा काट करे कैदियों को भी जीवन की मुख्य धारा में शामिल हो शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सांस्कृतिक आतंकवाद मानवता की हत्या कर रहा है। इस दौरान उन्होंने संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार को बचाने का संकल्प दोहराया। कहा, संगम की रेती से उठने वाली आवाज पूरे देश को दिशा देगी।

आरंभ में कथाव्यास देवकीनंदन ठाकुर के साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी, न्यायमूर्ति रणविजय सिंह, महापौर अभिलाषा गुप्ता ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। छात्राओं ने स्वागत गीत, नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रमोद अरोरा मोदी, प्रकाश डालमिया, अनिल जैन, विजय केसरवानी, विजय अरोरा, बृजराज तिवारी, पवन तिवारी आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह से पहले कल्याणी देवी मंदिर से डीएवी इंटर कॉलेज मैदान स्थित कथास्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। पीत वस्त्र पहने और सिर पर कलश रखे सैकड़ों महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान श्रीमद्भागवत और कथाव्यास देवकीनंदन जी के जयकारे लगे।

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