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Prayagraj News: फरवरी में तापमान बढ़ने से खतरे में है रबी की फसल
Mon, 16 Feb 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:28 AM IST
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फरवरी माह में बढ़ती गर्माहट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र मौर्य ने बताया कि इस समय तापमान का सामान्य से अधिक रहना रबी की फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बदलने के साथ गर्मी में इजाफा होने से रबी की फसलों पर कुप्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती है।
फरवरी का महीना गेहूं की फसल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस समय फसल के दाने भरने या दूधिया अवस्था में होते हैं। अधिक तापमान के कारण फसल समय से पहले पकने लगती है, इससे दोनों की नमी जल्दी सूख जाती है और दाने छोटे होकर सिकुड़ जाते हैं।
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इसके अलावा सरसों की फलियों में दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसमें तेल की मात्रा कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि चना और मटर में अधिक तापमान के कारण फूल झड़ने लगते हैं और फलियां समय से पहले सूख सकती हैं। टमाटर में झुलसा रोग और कीटों के प्रकोप बढ़ने की भी आशंका रहती है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि सुबह जल्दी या शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि खेत की नमी बनी रहे और तापमान नियंत्रित रहे। एक प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने से फसल को गर्मी सहन करने की क्षमता मिलती है।
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फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बदलने के साथ गर्मी में इजाफा होने से रबी की फसलों पर कुप्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती है।
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फरवरी का महीना गेहूं की फसल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस समय फसल के दाने भरने या दूधिया अवस्था में होते हैं। अधिक तापमान के कारण फसल समय से पहले पकने लगती है, इससे दोनों की नमी जल्दी सूख जाती है और दाने छोटे होकर सिकुड़ जाते हैं।
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इसके अलावा सरसों की फलियों में दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसमें तेल की मात्रा कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि चना और मटर में अधिक तापमान के कारण फूल झड़ने लगते हैं और फलियां समय से पहले सूख सकती हैं। टमाटर में झुलसा रोग और कीटों के प्रकोप बढ़ने की भी आशंका रहती है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि सुबह जल्दी या शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि खेत की नमी बनी रहे और तापमान नियंत्रित रहे। एक प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने से फसल को गर्मी सहन करने की क्षमता मिलती है।