Shardiya Navratri 2022: प्रथम दिन शक्तिपीठ मां ललिता देवी और मां कल्याणी के दर्शन के लिए लगी कतार
Shardiya Navratri 2022: शक्तिपीठ मां देवी ललिता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भोर में ही तांता लग गया। प्रधान पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमान संजीव अग्रवाल ने सपत्नीक कलश स्थापना की।
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शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन शहर के शक्तिपीठों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की नयनाभिराम झांकियों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगीं। भोर में मंगला आरती के बाद पट खुलते ही नारियल-चुनरी के साथ भक्त फूलों से सजे मां के दरबारों में जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ने लगे। फूलों से सजे मंदिरों में एक तरफ घंटे-घड़ियाल और दूसरी ओर भजनों की गूंज सुनाई देती रही।
शक्तिपीठ मां देवी ललिता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भोर में ही तांता लग गया। प्रधान पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमान संजीव अग्रवाल ने सपत्नीक कलश स्थापना की। रंग-बिरंगे फूलों, आभूषणों से देवी शैलपुत्री स्वरूप में मां का शृंगार किया गया। मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी पाठ के अलावा कई अनुष्ठान हुए।
भोर से लेकर रात तक देवी दर्शनए पूजन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की मौजीदगी में विविध अनुष्ठान आरंभ हुए। इस दौरान महामंत्री धीरज नागर सुमित श्रीवास्तव के अलावा कई पदाधिकारियों ने मंदिर की व्यवस्था संभाली। उधर, नवरात्र के पहले दिन महाशक्ति पीठ मां कल्याणी देवी के मंदिर में मां का शैलपुत्री के स्वरूप में भव्य शृंगार किया गया।
वृष पर आरूढ़, अपने हाथ में त्रिशूल, कमल पुष्प धारण कर अपने आभूषणों से सुसज्जित चांदी के महल में विराजमान मां शैलपुत्री का 11 वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन किया। माता के दर्शन पूजन का दौर रात 12 बजे तक चलता रहा। माता की शृंगार झांकी का दर्शन सुबह छह बजे से आरंभ हुआ। मां कामंडप बेला और गेंदा केफूलों से सजाया गया। इस दौरान विश्व शांति और समाज कल्याण केलिए मां शतचंडी महायज्ञ भी आरंभ हो गया।
तप मुद्रा में आज दर्शन देंगी ब्रह्मचारिणी
नवरात्र कीद्वितीया यानी मंगलवार को कल्याणी देवी धाम में मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में शृंगार होगा। इस दौरान माता ब्रह्मचारिणी तप मुद्रा मेें दर्शन देंगी। वह अपने हाथ में कमंडल और जयमाला धारण किए रहेंगी। यह जानकारी मंदिर समिति के अध्यक्ष पं सुशील कुमार पाठक ने दी।
अलोपशंकरी माता के दर्शन के लिए लगा तांता
अलोपीबाग स्थित अलोपीदेवी स्थित मां अलोपशंकरी देवी मंदिर में दर्शन, पूजन के लिए पौ फटने से पहले ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मंदिर परिसर में जगह-जगह अनुष्ठान शुरू हो गए। महंत यमुनापुरी महाराज ने भोर में मंगला आरती की। इस दौरान गर्भगृह परिसर और पालकी को फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया। परिसर में शतचंडी पाठ, यज्ञ हुए।