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Prayagraj News: लाइट मेट्रो परियोजना पर विधान परिषद में उठे सवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:53 AM IST
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Questions raised in Legislative Council on Light Metro project
संगम नगरी में यातायात की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए लाइट मेट्रो रेल परियोजना अहम मानी जा रही है लेकिन नौ साल बाद भी यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। विधान परिषद में एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं जिस पर विधान परिषद की याचिका समिति ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और मेट्रो लाइट कारपोरेशन के अधिकारियों से पूरा ब्योरा तलब किया है। शुक्रवार 29 अगस्त को दोनों एजेंसियां अपना विवरण प्रस्तुत करेंगी।
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2016 से फंसी है परियोजना

लाइट मेट्रो परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी लेकिन अब तक सेना से भूमि के अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार है। इसकी वजह से डीपीआर भी अंतिम रूप नहीं ले सकी है। पीडीए और कार्यदायी संस्था मेसर्स राइट्स द्वारा कई दौर की बैठकें और मौके का निरीक्षण किए जाने के बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
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दो चरणों में बनना है कॉरिडोर

योजना के तहत शहर में 44 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना है। पहले चरण में बमरौली एयरपोर्ट से त्रिवेणीपुरम झूंसी तक 23 किमी में 21 स्टेशन बनेंगे। वहीं दूसरे चरण में शांतिपुरम कॉलोनी से फाफामऊ होते हुए नैनी-छिवकी तक 21 किमी में 19 स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। कॉरिडोर, स्टेशन और डिपो के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जानी है।
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यातायात दबाव को देखते हुए लाइट मेट्रो जरूरी

अप्रैल 2022 में नई मेट्रो नीति-2017 के अंतर्गत परियोजना को संशोधित कर डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया। राइट्स द्वारा अप्रैल 2023 में प्रस्तुत रिपोर्ट में यह माना गया कि प्रयागराज में 2052 तक बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए लाइट मेट्रो व मेट्रो प्रणाली दोनों ही आवश्यक होंगी। शहर की सड़कों पर बढ़ती जाम की समस्या और सार्वजनिक परिवहन की सीमित व्यवस्था को देखते हुए मेट्रो प्रणाली को उच्च क्षमता वाली वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था माना गया है।




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मेट्रो रेल के विकास संबंधी कार्य की प्रयागराज विकास प्राधिकरण नोडल एजेंसी है। इस कार्य के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन समन्वयक की भूमिका निभा रहा है। विधान परिषद की याचिका समिति ने ब्योरा मांगा है, शुक्रवार को विस्तृत जानकारी समिति को दी जाएगी। - अजीत कुमार सिंह, सचिव पीडीए
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