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Prayagraj News: इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड में सिलेबस से बाहर के सवालों ने उलझाया
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सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 को लेकर अभ्यर्थियों के मन में जो भी आशंकाएं थीं, वह रविवार को दूर हो गईं। इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड में सिलेबस से बाहर के कुछ सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया तो कई सवाल रोजमर्रा के जीवन से जुड़े होने के कारण काफी आसान भी लगे। अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र स्तरीय व संतुलित रहा।
सहायक अभियंता के 604 पदों पर भर्ती के लिए पहली बार प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। इससे पूर्व केवल एक लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर चयन होता था। नई व्यवस्था के तहत प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन परिणाम घोषित किया जाएगा। सुबह 11 से अपराह्न एक बजे के सत्र में हुई परीक्षा में अभ्यर्थियों को दो घंटे में 150 बहुविकल्पीय सवालों के उत्तर देने थे।
प्रश्नपत्र में 25 सवाल सामान्य ज्ञान, 25 सवाल सामान्य हिंदी व 100 सवाल इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड के थे। अभ्यर्थी अजीत साेनकर, गौरव, प्रांजल शर्मा व दीपक का कहना है कि इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड में जो 22 विषय जोड़े गए थे, उनमें सिलेबस से बाहर के सवाल भी पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिलेबस में अचानक बदलाव के बाद तैयारी के लिए मिला केवल चार माह का वक्त पर्याप्त नहीं था।
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हालांकि, इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से जुड़े कई सवाल काफी आसान भी थे। वर्नियर स्केल, आईपीआर, पेटेंट, फैक्ट्री अधिनियम, हाइड्रोग्राफ, समतापी प्रक्रिया से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों के ज्ञान को परखा तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लाकचेन, 5-जी से जुड़े सवालों के जरिये अभ्यर्थियों की तकनीकी दक्षता को परखा गया।
वहीं, संविधान, उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन प्रक्रिया, उत्तर प्रदेश की योजनाओं, यूक्रेन में उत्पन्न संकट के बाद भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन, विश्व हृदय दिवस से जुड़े सवालों के जरिये अभ्यर्थियों के सामान्य ज्ञान का परीक्षण किया गया। सामान्य हिंदी में समास, तत्सम रूप, विशेषण, शुद्ध वर्तनी से जुड़े सवाल अभ्यर्थियों को औसत दर्जे के लगे। हालांकि, निगेटिव मार्किंग के कारण अभ्यर्थियों काफी सोच-समझकर जवाब देना पड़ा।
सिर्फ 40 फीसदी अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
- सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 के लिए कुल 78798 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से महज 40 फीसदी परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रयागराज समेत बेरली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ एवं वाराणसी में 173 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। अभ्यर्थियों की कम उपस्थित तमाम सवाल भी खड़े कर रही है।
सहायक अभियंता के पदों पर भर्ती के लिए चार साल बाद परीक्षा कराई गई। पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार पदों की संख्या दोगुने से अधिक थी, इसके बावजूद अभ्यर्थियों की उपस्थिति महज 40 फीसदी रही। परीक्षार्थियों का कहना है कि बदले गए सिलेबस की तैयारी के लिए पर्याप्त समय न मिल पाने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छाेड़ी है।
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सहायक अभियंता के 604 पदों पर भर्ती के लिए पहली बार प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। इससे पूर्व केवल एक लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर चयन होता था। नई व्यवस्था के तहत प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन परिणाम घोषित किया जाएगा। सुबह 11 से अपराह्न एक बजे के सत्र में हुई परीक्षा में अभ्यर्थियों को दो घंटे में 150 बहुविकल्पीय सवालों के उत्तर देने थे।
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प्रश्नपत्र में 25 सवाल सामान्य ज्ञान, 25 सवाल सामान्य हिंदी व 100 सवाल इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड के थे। अभ्यर्थी अजीत साेनकर, गौरव, प्रांजल शर्मा व दीपक का कहना है कि इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड में जो 22 विषय जोड़े गए थे, उनमें सिलेबस से बाहर के सवाल भी पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिलेबस में अचानक बदलाव के बाद तैयारी के लिए मिला केवल चार माह का वक्त पर्याप्त नहीं था।
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हालांकि, इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से जुड़े कई सवाल काफी आसान भी थे। वर्नियर स्केल, आईपीआर, पेटेंट, फैक्ट्री अधिनियम, हाइड्रोग्राफ, समतापी प्रक्रिया से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों के ज्ञान को परखा तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लाकचेन, 5-जी से जुड़े सवालों के जरिये अभ्यर्थियों की तकनीकी दक्षता को परखा गया।
वहीं, संविधान, उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन प्रक्रिया, उत्तर प्रदेश की योजनाओं, यूक्रेन में उत्पन्न संकट के बाद भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन, विश्व हृदय दिवस से जुड़े सवालों के जरिये अभ्यर्थियों के सामान्य ज्ञान का परीक्षण किया गया। सामान्य हिंदी में समास, तत्सम रूप, विशेषण, शुद्ध वर्तनी से जुड़े सवाल अभ्यर्थियों को औसत दर्जे के लगे। हालांकि, निगेटिव मार्किंग के कारण अभ्यर्थियों काफी सोच-समझकर जवाब देना पड़ा।
सिर्फ 40 फीसदी अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
- सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 के लिए कुल 78798 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से महज 40 फीसदी परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रयागराज समेत बेरली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ एवं वाराणसी में 173 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। अभ्यर्थियों की कम उपस्थित तमाम सवाल भी खड़े कर रही है।
सहायक अभियंता के पदों पर भर्ती के लिए चार साल बाद परीक्षा कराई गई। पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार पदों की संख्या दोगुने से अधिक थी, इसके बावजूद अभ्यर्थियों की उपस्थिति महज 40 फीसदी रही। परीक्षार्थियों का कहना है कि बदले गए सिलेबस की तैयारी के लिए पर्याप्त समय न मिल पाने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छाेड़ी है।