UPPSC : दो प्रेस में छपेंगे प्रश्नपत्र, मल्टीपल सीरीज में होंगी OMR शीट, पेपर लीक के बाद आयोग ने किए बदलाव
पुलिस, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद भर्ती आयोग के साथ ही सरकार की इस मामले में जमकर फजीहत हुई है। इस कारण सरकार ने 14 बिंदुओं वाली नई गाइडलाइन तैयार की है।
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विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में व्यापक पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। इसके तहत हर भर्ती के दो अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार करने के साथ इनकी प्रिंटिंग भी दो प्रेस में होगी। इतना ही नहीं ओएमआर शीट भी ए, बी, सी नहीं, मल्टीपल सीरीज में होंगी। पुलिस, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद भर्ती आयोग के साथ ही सरकार की इस मामले में जमकर फजीहत हुई है। इस कारण सरकार ने 14 बिंदुओं वाली नई गाइडलाइन तैयार की है। इसमें प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर, छपाई, परीक्षा केंद्र निर्धारण समेत हर स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। साथ ही पूरी प्रक्रिया निर्धारित कर अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार हर भर्ती परीक्षा के प्रत्येक पाली के लिए कम से कम दो प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। दोनों ही प्रश्नपत्र दो अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस में छपवाए जाएंगे। कौन सा प्रश्न पत्र उपयोग में लाया जाएगा इसका निर्धारण परीक्षा वाले दिन या एग्जाम शुरू होने से अधिकतम पांच घंटे पूर्व किया जाएगा।
हर सेट में होंगी न्यूनतम आठ सीरीज
गौर करने वाली बात यह भी है कि पेपर के हर सेट की न्यूनतम आठ सीरीज होगी, वह भी मल्टीपल नंबरों वाली। ए, बी, सी, डी सीरिज में प्रश्न पत्र नहीं होंगे। इतना ही नहीं हर सेट में प्रश्नों के क्रम तो बदले ही होंगे उनमें जवाब के विकल्प भी परिवर्तित रहेंगे। यानी, किसी सीरीज में एक सवाल के जवाब का ‘ए’ विकल्प सही है तो दूसरी सीरीज में उसी प्रश्न का कोई दूसरा विकल्प सही होगा। ताकि, नकल की आशंका को खत्म किया जा सके। परीक्षा कक्ष में पेपर बांटते समय इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि अगल-बगल के अभ्यर्थियों को अलग-अलग सीरीज मिले।
ओएमआर शीट (उत्तर पुस्तिका) भी मल्टीसीरीज में होंगी। ताकि, ओएमआर बदले जाने की आंशका भी न रहे। इसके अलावा हर ओएमआर की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति मूल्यांकन के लिए भर्ती कराने वाली संस्था को दी जाएगी तो दूसरी कोषागार में सुरक्षित रखी जाएगी। ताकि, किसी तरह के विवाद होने की स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके। तीसरी प्रति अभ्यर्थी को सौंपी जाएगी।
परीक्षा की हर प्रक्रिया के लिए हाेगी अलग-अलग एजेंसी
पूरी परीक्षा की व्यवस्था एक एजेंसी के पास नहीं होगी। इसके लिए चार अलग-अलग एजेंसियों का चयन किया जाएगा। एक एजेंसी पेपर तैयार करने, छपवाने तथा सभी जिलों के कोषागार तक पहुंचाने का काम करेगी। दूसरी एजेंसी के पास परीक्षा संपन्न कराएगी। यानी, कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने, केंद्र की व्यवस्था तथा परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को आयोग तक पहुंचाने का काम होगा। तीसरी एजेंसी के पास परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था होगी। चौथी एजेंसी के पास ओएमआर शीट की स्कैनिंग तथा अभ्यर्थियों के प्राप्तांक आयोग को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी। यह काम आयोग परिसर में ही होगा।
एक पाली में अधिकतम पांच लाख अभ्यर्थियों की होगी परीक्षा
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार किसी भर्ती में चार लाख से अधिक आवेदक हैं तो दो स्तरीय परीक्षा होगी। यानी, एक स्क्रीनिंग परीक्षा होगी। इसके अलावा एक पाली में अधिकतम पांच लाख अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी हैं तो उसी के अनुसार परीक्षा पालियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। पांच लाख से कम अभ्यर्थियों की स्थिति में भी आयोग एक से अधिक पालियों में परीक्षा करा सकता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस भर्ती परीक्षा में यह शर्त लागू नहीं होगी।
चार लाख से अधिक अभ्यर्थी तो मुख्य सचिव लेंगे बैठक
किसी भर्ती परीक्षा में चार लाख से अधिक अभ्यर्थी हैं तो एग्जाम से पहले मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के स्तर पर बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसमें भर्ती आयोग के अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा मंडल और जिला स्तर पर भी बैठक होगी।
अफवाहों का तत्काल खंडन करेगा आयोग
भर्ती परीक्षाओं से पहले या परीक्षा के दौरान पेपर आउट होने एवं अन्य तरह की अफवाहें भी खूब उड़ती हैं। इससे परीक्षा सवालों में घेरे में आ जाती है, जिससे भर्ती आयोग की गरिमा को भी ठेस पहुंचती है। इससे बचने के लिए गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि आयोग की ओर से किसी अफवाह का तत्काल खंडन किया जाएगा। इसके अलावा आयोग के अफसर एसटीएफ एवं पुलिस के अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहेंगे। परीक्षा केंद्र स्थापित कर वहां से निगरानी भी रखेगी जाएगी।