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प्रयागराज में कोरोना पॉजिटिव युवक सहित क्वारंटीन महिला की मौत
Mon, 25 May 2020 02:44 PM IST
विनोद सिंह
news desk amar ujala, prayagraj
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Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 May 2020 02:44 PM IST
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मौत
- फोटो : file
कालिंदीपुरम क्वारंटीन सेंटर में रखे गए तीन लोगों की दो दिनों में मौत से पूरी व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। लेखपाल की बहन के निधन के मामले में समय से अस्पताल नहीं पहुंचाने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि जब तक अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उधर, इन घटनाओं से क्वारंटीन सेंटर में रह रहे लोगों में भय है तथा हड़कंप मचा हुआ है।
शनिवार को एक युवक की क्वारंटीन सेंटर में ही मौत हो गई थी। डाक्टरों का कहना है कि हार्टअटैक से मौत हुई है। कालिंदीपुरम सेंटर में क्वारंटीन प्रतापगढ़ के एक अन्य व्यक्ति की रविवार रात में अचानक तबीयत खराब हुई, जिन्हें एसआरएन में भर्ती कराया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। सोमवार की सुबह उनकी मौत हो गई।
रविवार की रात में ही वहां क्वारंटीन महिला की तबीयत बिगड़ने पर एसआरएन ले जाने की व्यवस्था की गई लेकिन देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। महिला लेखपाल की बहन थी। कालिंदीपुरम में ही क्वारंटीन लेखपाल के संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सागर का कहना है कि साथी की बहन दो दिनों से क्वारंटीन सेंटर में थीं और तबीयत को देखते हुए परिवारवालों की तरफ से लगातार एसआरएन रेफर करने की बात कही जा रही थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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उनका कहना है कि ‘रात में 12.30 बजे तबीयत बिगड़ने पर लेखपाल साथी का फोन आया और मैं मौके पर पहुंचा।’ उन्हें एसआरएन भेजने की व्यवस्था की गई लेकिन सुबह सूचना आई कि उनकी मौत हो चुकी है। राजकुमार का कहना है कि 24 घंटे में साथी की बहन और एक युवक की मृत्यु से लेखपाल परिवार स्तब्ध है। राजकुमार ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है।
वहीं कोरोना प्रभारी डॉ.ऋषि सहाय का कहना है कि महिला 23 मई को क्वारंटीन सेंटर में लाई गई थीं। रविवार को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। तत्काल एंबुलेंस बुलाकर एसआरएन भेजा गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम रहती है। अन्य पूरी व्यवस्था भी है। यदि कोई कमी है तो उसे दूर किया जाएगा।
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शनिवार को एक युवक की क्वारंटीन सेंटर में ही मौत हो गई थी। डाक्टरों का कहना है कि हार्टअटैक से मौत हुई है। कालिंदीपुरम सेंटर में क्वारंटीन प्रतापगढ़ के एक अन्य व्यक्ति की रविवार रात में अचानक तबीयत खराब हुई, जिन्हें एसआरएन में भर्ती कराया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। सोमवार की सुबह उनकी मौत हो गई।
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रविवार की रात में ही वहां क्वारंटीन महिला की तबीयत बिगड़ने पर एसआरएन ले जाने की व्यवस्था की गई लेकिन देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। महिला लेखपाल की बहन थी। कालिंदीपुरम में ही क्वारंटीन लेखपाल के संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सागर का कहना है कि साथी की बहन दो दिनों से क्वारंटीन सेंटर में थीं और तबीयत को देखते हुए परिवारवालों की तरफ से लगातार एसआरएन रेफर करने की बात कही जा रही थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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उनका कहना है कि ‘रात में 12.30 बजे तबीयत बिगड़ने पर लेखपाल साथी का फोन आया और मैं मौके पर पहुंचा।’ उन्हें एसआरएन भेजने की व्यवस्था की गई लेकिन सुबह सूचना आई कि उनकी मौत हो चुकी है। राजकुमार का कहना है कि 24 घंटे में साथी की बहन और एक युवक की मृत्यु से लेखपाल परिवार स्तब्ध है। राजकुमार ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है।
वहीं कोरोना प्रभारी डॉ.ऋषि सहाय का कहना है कि महिला 23 मई को क्वारंटीन सेंटर में लाई गई थीं। रविवार को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। तत्काल एंबुलेंस बुलाकर एसआरएन भेजा गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम रहती है। अन्य पूरी व्यवस्था भी है। यदि कोई कमी है तो उसे दूर किया जाएगा।