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एक करोड़ के बकाए पर पीडब्ल्यूडी का खाता सीज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:15 AM IST
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नगर निगम ने गृहकर के बड़े बकाएदारों के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एक करोड़ के बकाए पर पीडब्ल्यूडी का एसबीआई में खाता सीज कर दिया गया। इसी क्रम में लीडर रोड स्थित मीलिंग कंपनी का भी एबीआई मुख्य शाखा का खाता 16 लाख के बकाए पर सीज किया गया है। करीब एक करोड़ के बकाए पर तीन अन्य बकाएदारों के खाते भी सीज किए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी के अफसर कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी गृहकर का बकाया जमा करने नहीं आए। हर बार कोई न कोई बहाना, फिर जब सारी त्रुटियां दुरुस्त हो गईं तो भी गृहकर जमा नहीं किया गया। बुधवार को नगर आयुक्त हरिकेश चौरसिया के निर्देश पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग का खाता सीज कराया तो मुख्य अभियंता के निर्देश पर मातहत अफसर भागदौड़ करने लगे। नगर निगम पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अफसर खाता रिलीज करने को कहने लगे। बताया कि गृहकर भुगतान के लिए उनके पास बजट ही नहीं है। इस पर निगम अफसरों ने कहा कि बकाया गृहकर जमा कराएं या नगर आयुक्त से बात कर लें। आखिरकार पीडब्ल्यूडी अफसरों की नहीं सुनी गई। इसी क्रम में एक मीलिंग कंपनी समेत तीन अन्य बड़े बकाएदारों के खाते भी सीज कराए गए।
दूसरी ओर खाता सीज होने की चेतावनी पर पीवीआर, अटलांटिस मॉल जैसे कई बड़े बकाएदारों ने करीब एक करोड़ रुपये जमा कर दिए। इसी तरह एमएनएनआईटी और इविवि ने भी बकाए की रकम में से अधिकांश धनराशि जमा कर दी है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा के मुताबिक गृहकर बकाए की कार्रवाई जारी रहेगी।
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नगर निगम ने गृहकर के निर्धारित लक्ष्य को अभी हासिल नहीं किया है। अगले तीन दिन अवकाश रहेगा फिर भी वसूली का काम जारी रहेगा। अभी 48 करोड़ में आठ करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। हालांकि बुधवार को देर शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से वसूल की गई बकाया गृहकर के मद में चेक आदि जमा करा खाता दुरुस्त करने का काम किया जाता रहा।
गृहकर वसूली में लापरवाही बरतने वाले 12 टैक्स इंस्पेक्टरों को नगर आयुक्त ने प्रतिकूल प्रविष्टि और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने चेतावनी पत्र जारी किया है। आरोपी इंस्पेक्टरों ने अपने स्पष्टीकरण में बताया है कि बीते वर्ष तीन महीने उनकी ड्यूटी शौचालय निर्माण कराने में लगाई गई। इस वजह से वसूली का काम प्रभावित हुआ। कई इंस्पेक्टरों ने 31 मार्च तक निर्धारित पूरा करने का भरोसा दिलाया है।
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पीडब्ल्यूडी के अफसर कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी गृहकर का बकाया जमा करने नहीं आए। हर बार कोई न कोई बहाना, फिर जब सारी त्रुटियां दुरुस्त हो गईं तो भी गृहकर जमा नहीं किया गया। बुधवार को नगर आयुक्त हरिकेश चौरसिया के निर्देश पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग का खाता सीज कराया तो मुख्य अभियंता के निर्देश पर मातहत अफसर भागदौड़ करने लगे। नगर निगम पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अफसर खाता रिलीज करने को कहने लगे। बताया कि गृहकर भुगतान के लिए उनके पास बजट ही नहीं है। इस पर निगम अफसरों ने कहा कि बकाया गृहकर जमा कराएं या नगर आयुक्त से बात कर लें। आखिरकार पीडब्ल्यूडी अफसरों की नहीं सुनी गई। इसी क्रम में एक मीलिंग कंपनी समेत तीन अन्य बड़े बकाएदारों के खाते भी सीज कराए गए।
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दूसरी ओर खाता सीज होने की चेतावनी पर पीवीआर, अटलांटिस मॉल जैसे कई बड़े बकाएदारों ने करीब एक करोड़ रुपये जमा कर दिए। इसी तरह एमएनएनआईटी और इविवि ने भी बकाए की रकम में से अधिकांश धनराशि जमा कर दी है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा के मुताबिक गृहकर बकाए की कार्रवाई जारी रहेगी।
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नगर निगम ने गृहकर के निर्धारित लक्ष्य को अभी हासिल नहीं किया है। अगले तीन दिन अवकाश रहेगा फिर भी वसूली का काम जारी रहेगा। अभी 48 करोड़ में आठ करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। हालांकि बुधवार को देर शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से वसूल की गई बकाया गृहकर के मद में चेक आदि जमा करा खाता दुरुस्त करने का काम किया जाता रहा।
गृहकर वसूली में लापरवाही बरतने वाले 12 टैक्स इंस्पेक्टरों को नगर आयुक्त ने प्रतिकूल प्रविष्टि और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने चेतावनी पत्र जारी किया है। आरोपी इंस्पेक्टरों ने अपने स्पष्टीकरण में बताया है कि बीते वर्ष तीन महीने उनकी ड्यूटी शौचालय निर्माण कराने में लगाई गई। इस वजह से वसूली का काम प्रभावित हुआ। कई इंस्पेक्टरों ने 31 मार्च तक निर्धारित पूरा करने का भरोसा दिलाया है।