उपलब्धि : पद्मभूषण सम्मान पाने वाले पुणे के वैज्ञानिक दीपक धर का संगमनगरी से गहरा नाता
पद्मभूषण सम्मान पाने वाले देश के जाने माने वैज्ञानिक प्रो. दीपक धर की इस उपलब्धि ने संगमनगरी का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित प्रो. दीपक धर का शहर से गहरा नाता रहा है।
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पद्मभूषण सम्मान पाने वाले देश के जाने माने वैज्ञानिक प्रो. दीपक धर की इस उपलब्धि ने संगमनगरी का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित प्रो. दीपक धर का शहर से गहरा नाता रहा है। बेल्हा जहां उनकी जन्मभूमि रही है, वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने पढ़ाई की है।
पद्मभूषण सम्मान से विभूषित प्रो. दीपक धर का संगम के शहर की गलियों में उनका लंबा समय बीता है। पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर तैनात प्रो. दीपक धर ने 1970 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की थी। इसके बाद 1972 में आईआईटी कानपुर से भौतिकी में एमएससी की उपाधि हासिल की।
अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले प्रो. दीपक धर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मुरली धर के इकलौते पुत्र हैं। न्यायमूर्ति मुरली धर 1990-91 में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। हालांकि पुत्र की इस उपलब्धि से तीन वर्ष पहले ही उनका निधन हो चुका है। न्यायमूर्ति मुरलीधर प्रतापगढ़ में मुंसफ मजिस्ट्रेट भी रहे। उसी दौरान बेल्हा में प्रोफेसर दीपक धर का जन्म हुआ था।
हाल के वर्षों तक दीपक धर के पिता न्यायमूर्ति मुरली धर अशोक नगर में सर्किट हाउस के सामने अलकापुरी कॉलोनी में एक फ्लैट में रहते थे। उनके करीबी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट अरविंद कुमार बताते हैं कि हाल के वर्षों में ही उनका बंगला बिक चुका है, लेकिन यादें अब भी बरकरार हैं।
प्रो. दीपक धर को सांख्यिकीय भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए 1991 में विज्ञानी और औद्योगिक अनुसंधान पुरषद ने शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2001 में आईएनएसए की ओर से उन्हें सत्येंद्र नाथ बोस पुरस्कार से भी नवाजा गया था। इससे पहले उन्हें प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बोल्ट्जमान पदक से भी नवाजा जा चुका है।