कुंभ मेला में तानाशाही के विरुद्ध कर्मचारी आक्रोशित, मांग को लेकर किया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
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पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आज कुंभ मेला के परेड ग्राउंड स्थित केंद्रीय भंडार पर सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता विपिन पचौरी के तानाशाही के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और जोरदार नारा लगाते हुए अधिकारियों से कुंभकरणी निद्रा दूर कर कर्मचारियों की मांगो पर अविलंब हल निकालने की आवाज बुलंद की।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय, ओपी सिंह, अरुण पांडे एवं युवराज मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा कि अधिशाषी अभियंता से कुंभ मेला में कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्पेशल वर्दी देने, ओवरटाइम भुगतान करने, सातवें वेतन का एरियर, सहित 10 सूत्रीय मांग पर 10 दिसंबर को ही वार्ता हुई थी लेकिन वादाखिलाफी करते हुए अधिशाषी अभियन्ता महोदय कर्मचारियों की मांगो को अनदेखी कर लॉलीपाप बांटने का काम कर रहे है और कर्मचारी रात दिन एक करके मेला कार्य संपन्न कराने में मशगूल है।
वहीं अधिशासी अभियंता का रैकेट मेले में अलग ही खेल रचने में मस्त है। श्री पांडे ने कहा कि अधिशासी अभियंता अपनी लाल फीताशाही को दूर करते हुए कल ठिठुरते ठंड में कार्यरत्त कर्मचारियों को स्पेशल वर्दी नहीं वितरित करते और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते तो बुधवार को दिनांक 26 दिसंबर से मेला का कर्मचारी काम बंद कर अधिशासी अभियंता के खिलाफ लगातार आंदोलन करता रहेगा और उच्चाधिकारियों एवं मुख्यमंत्री से इनके तानाशाही की शिकायत भी की जाएगी।
आंदोलन को अनिश्चितकालीन चलाने के लिए मोर्चे का गठन किया गया है। इसमें हिंद मजदूर सभा के मंडल अध्यक्ष युवराज मिश्रा को संघर्ष समिति का अध्यक्ष एवं अजय राणा को समिति का उपाध्यक्ष नामित किया गया साथ ही निर्णय लिया गया कि जब तक कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं कर दिया जाता आंदोलन लगातार चलता रहेगा। श्री पांडे ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता ने धरना स्थल पर आने और वार्ता करने का आश्वासन देकर भी उपस्थित नहीं हुए जिससे इनकी तानाशाही की मानसिकता स्पष्ट रूप से झलकती है।