भारतीय जनता पार्टी के सांसद, विधायक एवं अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। सर्किट हाउस में पार्टी नेताओं एवं जनप्रतिनधियों के साथ हुई बैठक में सीएम से कहा गया कि अफसर उनकी बिल्कुल भी नहीं सुनते। अमूमन अफसरों का जनसमस्याओं से जुड़े कार्य पर टाल मटोल का ही रवैया रहता है। कौशांबी सांसद विनोद सोनकर द्वारा अफसरों द्वारा जनप्रतिनिधियों को तवज्जों न देने का मामला उठाने के बाद बैठक में मौजूद तमाम नेताओं एवं विधायकों ने भी इस पर हामी भरी।
सीएम योगी से बोले जनप्रतिनधि - हमारी नहीं सुनते अफसर, सीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
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बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद केशरी देवी पटेल आदि की मौजूदगी में अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने खास तौर से बिजली विभाग, सिंचाई विभाग ,नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन के अफसरों की शिकायत की। जनप्रतिनधियों ने यह भी कहा कि अफसरों की लापरवाही से जनता भी परेशान है।
इस पर सीएम ने कहा कि हर माह प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि और अफसरों की समन्वय बैठक होगी। इस बैठक में आम जनता आदि से जुड़ी शिकायतों को जनप्रतिनिधि रखें। अफसरों से भी कहा जाएगा कि उन शिकायतों का निवारण वह करें। अगर उस पर भी अफसर लापरवाही करतें हैं तो मुझ तक मामला पहुंचाया जाए।
इस दौरान अपने-अपने क्षेत्र की तमाम समस्याओं के बारे में भी जनप्रतिनिधियों ने सीएम को अवगत कराया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के राज में प्रदेश में विकास की धारा बह रही है। गुंडों के ऊपर कार्रवाई होने से भी जनता खुश है।