Prayagraj : प्रसपा के लोकसभा प्रत्याशी को पुलिस ने उठाया, जमीन दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने का आरोप
अजीत कुमार पटेल को प्रगतिशील समाज पार्टी ने इलाहाबाद संसदीय सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। सोमवार को भोर में घूरपुर पुलिस ने घर पर पहुंचकर उनको गिरफ्तार कर लिया।
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प्रगतिशील समाज पार्टी के इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अजीत कुमार पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को भोर में घूरपुर पुलिस ने डांडी गांव के मन्ना का पुरवा में पहुंचकर अजीत पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अजीत के खिलाफ जमीन दिलाने के नाम पर धन ऐंठने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अजीत कुमार पटेल को प्रगतिशील समाज पार्टी ने इलाहाबाद संसदीय सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। सोमवार को भोर में घूरपुर पुलिस ने घर पर पहुंचकर उनको गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अजीत के किलाफ धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस संबंध में परिवार के लोगों का कहना है कि प्रशासन चाहता है कि अजीत चुनाव न लड़ सकें। उनको चुनाव लड़न से रोकने के लिए यह हथकंडा अपनाया जा रहा है।
रविवार को अजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर में कहा गया है कि अजीत नेे जमीन दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपया ले लिया है। जमीन नहीं दिलाई न ही पैसा वापस कर रहे हैं। पैसा वापस मांगने पर मारने पीटने के लिए धमकी देते हैं।
कई बार चुनाव लड़ चुके हैं अजीत
अजीत कुमार पटेल चुनाव लड़ने के आदी हैं। वह तीन चार बार विधानसभा चुनाव भी बतौर निर्दल प्रत्याशी लड़ चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में प्रगतिशील समाज पार्टी ने ही उन्हें करछना विधानसभा से प्रत्याशी बनाया था। लोकसभा के चुनाव में भी प्रसपा ने उन्हें टिकट दिया है। इसके पहले भी वह तीन बार बतौर निर्दल चुनाव लड़ चुके हैं। क्षेत्र के लोगों की माने तो अजीत चुनाव लड़ने के आदी हो गए हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से की शिकायत
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन चुनाव लड़ने से रोकने के लिए यह हथकंडा अपना रहा है। कई दिनों से अजीत को धमकी मिल रही थी। सुबह सात बजे जब वह पूजा करने के लिए मंदिर जा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। छह घंटे तक थाने में बैठाए रखा। उनको मारने पीटने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ, प्रेक्षक और चुनाव आयोग से शिकायत की गई है। पुलिस अधिकारी बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। पिछले चुनाव में भी उनको प्रताड़ित किया गया था और चुनाव से पहले इनके भाई की हत्या कर दी गई थी।