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जामा मस्जिद के सामने विरोध प्रदर्शन
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Protests in front of Jama Masjid
- फोटो : CITY DESK
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जुमे की नमाज के बाद बढ़ा विरोध-प्रदर्शन
0 जामा मस्जिद चौक से कारी मकबूल की अपील के बाद घरों को लौटे लोग
प्रयागराज। जुमे की नमाज के दौरान चौक स्थित जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी, लेकिन हुआ वही जिसकी आशंका थी। नमाज पढ़कर बारी-बारी से निकलकर लोग अपने-अपने घरों की ओर रुखसत हो रहे थे लेकिन चंद नमाजियों के जाने के बाद ही मस्जिद की नुक्कड़ पर कुछ नमाजी रुक गए।
सब कुछ शांतिपूर्ण चल रहा था। इसी बीच मस्जिद से ‘सलाम’ की शुरुआत हुई तो रानीमंडी के शराफत अली की अगुवाई में नुक्कड़ पर खड़े नमाजियों ने भी सड़क पर ही सलाम पढ़ना शुरू कर दिया। विरोध-प्रदर्शन के बीच नागरिकता संशोधन कानून से निजात की दुआ मांगी गई। इसके बाद जुलूस की शक्ल में लोगों ने आगे बढ़कर कोतवाली के सामने विरोध-प्रदर्शन किया और नारे भी लगाए। प्रदर्शन बढ़ने पर इधर-उधर खड़े लोग भी साथ आ गए। थोड़ी देर तनाव और विरोध-प्रदर्शन के बाद एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने उन्हें नखासकोहना नहीं चौक की ओर जाने को कहा। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी उन्हें समझा बुझा करके घर जाने को कहते रहे।
विरोध बढ़ने पर जामा मस्जिद से पूर्व काजी और सरपरस्त कारी मकबूल अहमद हबीबी ने माइक पर अमन की अपील की। कहा, आप इत्मिनान और सुकून के साथ अपने-अपने घरों को तशरीफ ले जाएं। आपका एहतेजाज (विरोध-प्रदर्शन) कामयाब रहा, अब आप लोग अमन के साथ घरों को जाएं। तब एक-एक करके लोग वहां से रुखसत हुए। इससे पहले एसपी सिटी सहित वहां जुटे सिविल डिफेंस के अनिल कुमार गुप्ता अन्नू भइया, सरदार अजीत सिंह, सरदार सत्येंद्र सिंह सहित तमाम स्वयंसेवक , विनोद चंद्र दुबे, व्यापार मंडल के विजय अरोरा, कादिर भाई, रघुनाथ द्विवेदी आदि नमाजियों से अपने-अपने घरों को जाने की अपील करते रहे।
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हम हिन्दुस्तानियों की हिज्र, हिफाज़त रखे खुदा
प्रयागराज। जुमे की नमाज के बाद नुक्कड़ पर सलाम पढ़ने वालों की अगुवाई करने वाले रानीमंडी के शराफत अली ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा, अपने नबी के नाम सलाम में हमने यही दुआ मांगी कि जो हम लोगों पर जुल्म हो रहा है और जालिम हुकूमत ने जो हम लोगों पर यह कानून लगाया है, वह खत्म हो। यह हम सब हिंदुस्तानियों की बात का वकार है, जो अब तक नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। यह हिटलरशाही और जुल्म ज्यादती पूरी दुनिया देख रही है, तरह-तरह के कानून पास कराए जा रहे हैं। लिहाजा हम उस पाक परवरदिगार से दुआ मांगते हैं कि अपने नबी के सदके में हम मुसलमानों, हम हिन्दुस्तानियों की हिज्र, हिफाज़त रखे। ऐसा कुछ न हो कि हमारी अवाम का नुकसान हो, हम जान और माल की हिफाजत चाहते हैं। आमीन!
पोस्टर लेकर बेटियों ने भी जताया विरोध
प्रयागराज। जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन के क्रम में रानीमंडी की ओर से भी कोतवाली के पास पहुंचीं बेटियां ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘डोंट बी साइलेंट, डोंट बी वायलेंट’ लेकिन दूसरी तख्ती पर लिखा था, ‘वी द पीपुल ऑफ इंडिया, रिजेक्ट डिस्क्रिमिनेशन ऐंड रैसिज्म।’नेतृत्व कर रहीं दिल्ली से आईं अतिया बोली, हमें विरोध इसलिए है क्योंकि यह भेदभाव करने वाला कानून है। प्रदर्शन करने वालों में आफरीन फातिमा, रूफी, साइमा, नियाज हुसैन, आलम मिर्जा आदि शामिल थे।
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0 जामा मस्जिद चौक से कारी मकबूल की अपील के बाद घरों को लौटे लोग
प्रयागराज। जुमे की नमाज के दौरान चौक स्थित जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी, लेकिन हुआ वही जिसकी आशंका थी। नमाज पढ़कर बारी-बारी से निकलकर लोग अपने-अपने घरों की ओर रुखसत हो रहे थे लेकिन चंद नमाजियों के जाने के बाद ही मस्जिद की नुक्कड़ पर कुछ नमाजी रुक गए।
सब कुछ शांतिपूर्ण चल रहा था। इसी बीच मस्जिद से ‘सलाम’ की शुरुआत हुई तो रानीमंडी के शराफत अली की अगुवाई में नुक्कड़ पर खड़े नमाजियों ने भी सड़क पर ही सलाम पढ़ना शुरू कर दिया। विरोध-प्रदर्शन के बीच नागरिकता संशोधन कानून से निजात की दुआ मांगी गई। इसके बाद जुलूस की शक्ल में लोगों ने आगे बढ़कर कोतवाली के सामने विरोध-प्रदर्शन किया और नारे भी लगाए। प्रदर्शन बढ़ने पर इधर-उधर खड़े लोग भी साथ आ गए। थोड़ी देर तनाव और विरोध-प्रदर्शन के बाद एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने उन्हें नखासकोहना नहीं चौक की ओर जाने को कहा। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी उन्हें समझा बुझा करके घर जाने को कहते रहे।
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विरोध बढ़ने पर जामा मस्जिद से पूर्व काजी और सरपरस्त कारी मकबूल अहमद हबीबी ने माइक पर अमन की अपील की। कहा, आप इत्मिनान और सुकून के साथ अपने-अपने घरों को तशरीफ ले जाएं। आपका एहतेजाज (विरोध-प्रदर्शन) कामयाब रहा, अब आप लोग अमन के साथ घरों को जाएं। तब एक-एक करके लोग वहां से रुखसत हुए। इससे पहले एसपी सिटी सहित वहां जुटे सिविल डिफेंस के अनिल कुमार गुप्ता अन्नू भइया, सरदार अजीत सिंह, सरदार सत्येंद्र सिंह सहित तमाम स्वयंसेवक , विनोद चंद्र दुबे, व्यापार मंडल के विजय अरोरा, कादिर भाई, रघुनाथ द्विवेदी आदि नमाजियों से अपने-अपने घरों को जाने की अपील करते रहे।
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हम हिन्दुस्तानियों की हिज्र, हिफाज़त रखे खुदा
प्रयागराज। जुमे की नमाज के बाद नुक्कड़ पर सलाम पढ़ने वालों की अगुवाई करने वाले रानीमंडी के शराफत अली ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा, अपने नबी के नाम सलाम में हमने यही दुआ मांगी कि जो हम लोगों पर जुल्म हो रहा है और जालिम हुकूमत ने जो हम लोगों पर यह कानून लगाया है, वह खत्म हो। यह हम सब हिंदुस्तानियों की बात का वकार है, जो अब तक नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। यह हिटलरशाही और जुल्म ज्यादती पूरी दुनिया देख रही है, तरह-तरह के कानून पास कराए जा रहे हैं। लिहाजा हम उस पाक परवरदिगार से दुआ मांगते हैं कि अपने नबी के सदके में हम मुसलमानों, हम हिन्दुस्तानियों की हिज्र, हिफाज़त रखे। ऐसा कुछ न हो कि हमारी अवाम का नुकसान हो, हम जान और माल की हिफाजत चाहते हैं। आमीन!
पोस्टर लेकर बेटियों ने भी जताया विरोध
प्रयागराज। जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन के क्रम में रानीमंडी की ओर से भी कोतवाली के पास पहुंचीं बेटियां ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘डोंट बी साइलेंट, डोंट बी वायलेंट’ लेकिन दूसरी तख्ती पर लिखा था, ‘वी द पीपुल ऑफ इंडिया, रिजेक्ट डिस्क्रिमिनेशन ऐंड रैसिज्म।’नेतृत्व कर रहीं दिल्ली से आईं अतिया बोली, हमें विरोध इसलिए है क्योंकि यह भेदभाव करने वाला कानून है। प्रदर्शन करने वालों में आफरीन फातिमा, रूफी, साइमा, नियाज हुसैन, आलम मिर्जा आदि शामिल थे।