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निष्कासन के विरोध में प्रदर्शन, परिसर में तनाव

Tue, 09 Aug 2016 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 09 Aug 2016 03:00 AM IST
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के निवर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा अन्य छात्र नेताओं के निष्कासन एवं निलंबन के विरोध में विद्यार्थियों ने सोमवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। परिसर में जुलूस निकालने के अलावा छात्रों ने मेन गेट पर बैरिकेडिंग कर दी। इससे अध्यापकों और अफसरों के वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सके। नाराज छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू, सुरक्षा अधिकारी समेत कई अध्यापकों का रात आठ बजे तक घेराव भी किया। इस दौरान अध्यापक चीफ प्रॉक्टर कक्ष में बंद रहे। गतिरोध के बीच कुलपति भी परिसर नहीं पहुंचे। हालांकि विज्ञान संकाय परिसर में आयोजित इंस्पायर कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे। इससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया था। नाराज छात्रों ने मंगलवार से क्रमिक अनशन की घोषणा की है।
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गेट पर तालाबंदी तथा काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को चार छात्र नेताओं के खिलाफ निष्कासन तथा अन्य चार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी। इसके विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार छात्र-छात्राआें का पहले छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा हुआ। वहां से वे जुलूस बनाकर कुलपति दफ्तर पहुंचे और धरना दिया लेकिन कुलपति नहीं थे। इससे नाराज छात्र-छात्रा लाइब्रेरी गेट पर पहुंचे और बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। आंदोलन में छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह तथा अन्य संगठन के छात्र भी शामिल हुए। हालांकि बाद में यह आंदोलन एबीवीपी का बन गया। इसमें कई जनप्रतिनिधि तथा अन्य लोग भी शामिल हुए। छात्र शाम तक लाइब्रेरी गेट पर डटे रहे लेकिन समाधान नहीं निकला तो वे चीफ प्रॉक्टर दफ्तर पहुंच गए। वहां उन्होंने चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार समेत कई अन्य शिक्षकों और अफसरों का घेराव किया। पुलिस की तरफ से कार्रवाई का दबाव बढ़ने तथा घेराव से समाधान न निकलता देख छात्र वहां से चले गए लेकिन उन्होंने मंगलवार से और तेज आंदोलन की चेतावनी दी। छात्रों की ओर से मंगलवार से क्रमिक अनशन की भी घोषणा की गई जो मांग माने जाने तक जारी रहेगा। आंदोलन में निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष तथा निष्कासित छात्र विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू, जितेंद्र शुक्ल, श्रवण जायसवाल, नीरज सिंह, सूरज मिश्र, मुकेश गौड़, शैलेंद्र मौर्य, अनुभव उपाध्याय आदि शामिल रहे।
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एमएचआरडी मंत्री का पुतला फूंका
 एसएफआई की बैठक में छात्र नेताओं के निष्कासन की कड़े शब्दों में निंदा की गई। छात्रों में कुलपति की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी। उनका कहना था कि छात्रों का निष्कासन और निलंबन वापस नहीं लिया गया तो वे तेज आंदोलन करेंगे। बैठक में जय प्रकाश, विकास स्वरूप, ज्ञानेंद्र यादव, सतीश खरवार, अनुप सिंह, राजेंद्र पाल, अनिल कुशवाहा आदि मौजूद रहे। छात्र युवा अधिकार मंच के बैनर तले छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्री (एमएचआरडी) मंत्री का पुतला दहन किया। वे कुलपति को हटाने की मांग कर रहे थे। पुतला दहन करने वालों में अनीस यादव, मनेंद्र प्रताप सिंह, गिरजेश सिंह, अमरेंदु सिंह आदि शामिल रहे।
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