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सुकूं का वक्त ठहरा, खुली हवा में सांस पर पहरा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 02:53 AM IST
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चंद्रशेखर आजाद पार्क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चंद्रशेखर आजाद पार्क में पांच रुपये प्रस्तावित प्रवेश शुल्क की खबर ने शहरियों को सन्न कर दिया है क्योंकि यह सिर्फ पार्क में प्रवेश पर रोक नहीं बल्कि अपने अतीत और प्रकृति से भी नाता तोड़ने की कोशिश है। ताजी हवा में सांस लेने या पेड़ों की छांव और हरियाली के बीच सुकूं के दो पल गुजारने के लिए आने वालों पर अंकुश लगाने की तैयारी है। यह सिर्फ तरह-तरह के फूलों का बाग और पेड़ों का झुरमुट नहीं है, यहां बचपन और बुढ़ापा एक साथ सांसें लेता है तो धर्मवीर भारती के गुनाहों के देवता के सुधा और चंदर के सपने भी यहीं पलते-बढ़ते हैं। यहीं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से लड़ते मेवातियों की जांबाजी तो दूसरी ओर गोलियों की गूंज के बीच स्वाभिमान के साथ देश के लिए अपनी ही कनपटी पर गोली मारकर शहीद होने वाले चंद्रशेखर आजाद की कहानी भी जिंदा और जवां है।
ऐसे में प्रकृति के वैभव और शहर की विरासत से जुड़े आजाद पार्क में दाखिल होने के लिए टैक्स लगाकर शहरियों को रोकना यानी उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से दूर करना है। आज भी सामान्य वर्ग के परिवारों के लिए यह पार्क सुकूं केकु छ पल बिताने और मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है। कूलर और एसी वाले कमरों से इतर यह पार्क विश्वविद्यालय के तमाम छात्रावासों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए पाठशाला है। सो टैक्स का विरोध लाजिमी है। दरभंगा कॉलोनी की ओर से काफी छात्राएं कमला नेहरू रोड, सिविल लाइंस में कोचिंग जाने के लिए आजाद पार्क से बीच से होकर गुजरती हैं। आजाद प्रतिमा स्थल पर आए दिन कार्यक्रम होते हैं, जिसमें काफी भीड़ जुटती है। बीते वर्ष अप्रैल में आए भूकंप के दौरान सिविल लाइंस, दरभंगा कॉलोनी, कर्नलगंज समेत आसपास के लोगों ने परिवार सहित आजाद पार्क में शरण ली थी। ऐसी स्थिति दोबारा आई तो बचाव के लिए आजाद पार्क पहुंचने वालों को प्रवेश शुल्क देना होगा, यह बड़ा सवाल है।
यहां पढ़ाई करने आने वाले, पार्क से होकर कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं और आजाद प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों पर प्रवेश शुल्क लगाना बवाल का कारण बन सकता है। अगर सुबह-शाम टहलने आने वालों को प्रवेश शुल्क से अलग रखा गया तो यह कैसे तय होगा कि कौन पार्क में टहलने जा रहा और कौन देखने। ऐसे में पार्क में प्रवेश शुल्क लगने के प्रस्ताव पर विचार करने की जरूरत है।
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प्रवेश शुल्क के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी
चंद्रशेखर आजाद पार्क सज संवर कर तैयार हैं। शेष बचे काम भी अगले कुछ दिनों में पूरे हो जाएंगे। इसके बाद यहां आने वालों से प्रवेश शुल्क वसूलने की तैयारी है। इसके लिए कमला नेहरू रोड स्थित आजाद पार्क के मुख्य गेट के बगल में टिकट काउंटर भी बन गया है। शासन आजाद पार्क के सौंदर्यीकरण पर मोटी रकम खर्च कर रहा है। कहा जा रहा है कि इसके रखरखाव का खर्च निकालने के लिए ही प्रवेश शुल्क लगाने की योजना बनाई गई है। पार्क में प्रवेश शुल्क लगाने के प्रस्ताव का चौतरफा विरोध हो रहा है। सामाजिक न्याय मोर्चा धरना-प्रदर्शन कर रहा है तो प्रवेश शुल्क के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने की भी तैयारी है। बहरहाल अब इस पर अंतिम निर्णय जिला प्रशासन को लेना है। भारत की जनवादी नौजवान सभा भी प्रवेश शुल्क के खिलाफ है। सभा के जिला मंत्री भूपेंद्र पांडेय का कहना है पार्क चंद्रशेखर आजाद पार्क की शहादत स्थली है, जहां उनका स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने शहर तथा बाहर से युवाओं समेत सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। शहर का मुख्य पार्क होने के कारण सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने आते हैं। ऐसे में प्रवेश शुल्क लगाना गलत है।
दस दिन में तैयार होगा आजाद पार्क, हाथी पार्क, थार्नहिल रोड
चंद्रशेखर आजाद पार्क, हाथी पार्क और थार्नहिल रोड पर इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर चल रहे विकास कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 23 अप्रैल को इसका उद्घाटन करने आ रहे हैं सो एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने काम में लगी फर्मों एवं निगरानी कर रहे अभियंताओं को अगले दस दिन में सभी काम पूरे कराने का आदेश दिया है। इलाहाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा बारा थर्मल पॉवर प्लांट के उद्घाटन और नैनी में राज्य विश्वविद्यालय तथा नैनी को झूंसी से जोड़ने के लिए संगम के ऊपर से प्रस्तावित फोर लेन एलिवेटेड पुल की आधारशिला भी रखने की संभावना जताई जा रही है। आजाद पार्क एवं हाथी पार्क में सौंदर्यीकरण का काम तकरीबन अंतिम चरण में है। धोबीघाट चौराहा से सेंट एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल चौराहा तक सड़क के दोनों ओर साइकिल ट्रैक, ग्रीनरी, लाइटिंग आदि का काम भी रफ्तार पकड़ चुका है। 23 अप्रैल को इलाहाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। ऐसे में समय से सभी काम पूरे कराने को लेकर एडीए उपाध्यक्ष ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने काम में लगी फर्मों को सभी काम 20-21 अप्रैल तक हर हाल में पूरे करने का कहा है। उपाध्यक्ष स्वयं भी लगातार कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। ताकि समय से सभी काम पूरे हो सके।
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ऐसे में प्रकृति के वैभव और शहर की विरासत से जुड़े आजाद पार्क में दाखिल होने के लिए टैक्स लगाकर शहरियों को रोकना यानी उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से दूर करना है। आज भी सामान्य वर्ग के परिवारों के लिए यह पार्क सुकूं केकु छ पल बिताने और मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है। कूलर और एसी वाले कमरों से इतर यह पार्क विश्वविद्यालय के तमाम छात्रावासों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए पाठशाला है। सो टैक्स का विरोध लाजिमी है। दरभंगा कॉलोनी की ओर से काफी छात्राएं कमला नेहरू रोड, सिविल लाइंस में कोचिंग जाने के लिए आजाद पार्क से बीच से होकर गुजरती हैं। आजाद प्रतिमा स्थल पर आए दिन कार्यक्रम होते हैं, जिसमें काफी भीड़ जुटती है। बीते वर्ष अप्रैल में आए भूकंप के दौरान सिविल लाइंस, दरभंगा कॉलोनी, कर्नलगंज समेत आसपास के लोगों ने परिवार सहित आजाद पार्क में शरण ली थी। ऐसी स्थिति दोबारा आई तो बचाव के लिए आजाद पार्क पहुंचने वालों को प्रवेश शुल्क देना होगा, यह बड़ा सवाल है।
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यहां पढ़ाई करने आने वाले, पार्क से होकर कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं और आजाद प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों पर प्रवेश शुल्क लगाना बवाल का कारण बन सकता है। अगर सुबह-शाम टहलने आने वालों को प्रवेश शुल्क से अलग रखा गया तो यह कैसे तय होगा कि कौन पार्क में टहलने जा रहा और कौन देखने। ऐसे में पार्क में प्रवेश शुल्क लगने के प्रस्ताव पर विचार करने की जरूरत है।
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प्रवेश शुल्क के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी
चंद्रशेखर आजाद पार्क सज संवर कर तैयार हैं। शेष बचे काम भी अगले कुछ दिनों में पूरे हो जाएंगे। इसके बाद यहां आने वालों से प्रवेश शुल्क वसूलने की तैयारी है। इसके लिए कमला नेहरू रोड स्थित आजाद पार्क के मुख्य गेट के बगल में टिकट काउंटर भी बन गया है। शासन आजाद पार्क के सौंदर्यीकरण पर मोटी रकम खर्च कर रहा है। कहा जा रहा है कि इसके रखरखाव का खर्च निकालने के लिए ही प्रवेश शुल्क लगाने की योजना बनाई गई है। पार्क में प्रवेश शुल्क लगाने के प्रस्ताव का चौतरफा विरोध हो रहा है। सामाजिक न्याय मोर्चा धरना-प्रदर्शन कर रहा है तो प्रवेश शुल्क के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने की भी तैयारी है। बहरहाल अब इस पर अंतिम निर्णय जिला प्रशासन को लेना है। भारत की जनवादी नौजवान सभा भी प्रवेश शुल्क के खिलाफ है। सभा के जिला मंत्री भूपेंद्र पांडेय का कहना है पार्क चंद्रशेखर आजाद पार्क की शहादत स्थली है, जहां उनका स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने शहर तथा बाहर से युवाओं समेत सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। शहर का मुख्य पार्क होने के कारण सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने आते हैं। ऐसे में प्रवेश शुल्क लगाना गलत है।
दस दिन में तैयार होगा आजाद पार्क, हाथी पार्क, थार्नहिल रोड
चंद्रशेखर आजाद पार्क, हाथी पार्क और थार्नहिल रोड पर इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर चल रहे विकास कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 23 अप्रैल को इसका उद्घाटन करने आ रहे हैं सो एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने काम में लगी फर्मों एवं निगरानी कर रहे अभियंताओं को अगले दस दिन में सभी काम पूरे कराने का आदेश दिया है। इलाहाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा बारा थर्मल पॉवर प्लांट के उद्घाटन और नैनी में राज्य विश्वविद्यालय तथा नैनी को झूंसी से जोड़ने के लिए संगम के ऊपर से प्रस्तावित फोर लेन एलिवेटेड पुल की आधारशिला भी रखने की संभावना जताई जा रही है। आजाद पार्क एवं हाथी पार्क में सौंदर्यीकरण का काम तकरीबन अंतिम चरण में है। धोबीघाट चौराहा से सेंट एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल चौराहा तक सड़क के दोनों ओर साइकिल ट्रैक, ग्रीनरी, लाइटिंग आदि का काम भी रफ्तार पकड़ चुका है। 23 अप्रैल को इलाहाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। ऐसे में समय से सभी काम पूरे कराने को लेकर एडीए उपाध्यक्ष ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने काम में लगी फर्मों को सभी काम 20-21 अप्रैल तक हर हाल में पूरे करने का कहा है। उपाध्यक्ष स्वयं भी लगातार कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। ताकि समय से सभी काम पूरे हो सके।