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हाईकोर्ट : भूमिधरी जमीन पर खेती करने में हस्तक्षेप पर रोक, जवाब तलब
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भूमिधरी जमीन पर खेती करने में हस्तक्षेप पर रोक, जवाब तलब
- डीएम तथा एसएसपी आजमगढ़ को आदेश का पालन कराने का निर्देश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल अदालत की निषेधाज्ञा के बावजूद याचियों को खेती करने से रोकने पर जिले के अधिकारियों सहित विपक्षियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही जिलाधिकारी आजमगढ़, एसडीएम तथा तहसीलदार, फूलपुर एवं एसएचओ पवई को याचियों के खेती करने में हस्तक्षेप न करने के लिए निर्देश दिया है। विपक्षियों से जवाब भी मांगा गया है।
याचिका की अगली सुनवाई के लिए 16दिसंबर की तिथि नियत करते हुए जिलाधिकारी तथा एसएसपी को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने उमेश कुमार पाल व पांच अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अभिषेक यादव तथा आरएन यादव ने बहस की।
इनका कहना है कि उन्होंने खसरा संख्या 591रकबा 1.866 हेक्टेयर भूमिधरी का 4 नवंबर 82 को बैनामा लिया। जमीन उनके नाम दाखिल खारिज हो चुकी है। विपक्षी 6 लगायत 12 याचियों को खेती करने से रोक रहे हैं। इस पर याचीगण ने सिविल कोर्ट से निषेधाज्ञा आदेश भी प्राप्त किया है। इसके बावजूद एसडीओ फूलपुर के कहने पर एसएचओ पवई याचियों को खेती करने से रोक रहे हैं। इस पर यह याचिका दायर की गई है।
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- डीएम तथा एसएसपी आजमगढ़ को आदेश का पालन कराने का निर्देश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल अदालत की निषेधाज्ञा के बावजूद याचियों को खेती करने से रोकने पर जिले के अधिकारियों सहित विपक्षियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही जिलाधिकारी आजमगढ़, एसडीएम तथा तहसीलदार, फूलपुर एवं एसएचओ पवई को याचियों के खेती करने में हस्तक्षेप न करने के लिए निर्देश दिया है। विपक्षियों से जवाब भी मांगा गया है।
याचिका की अगली सुनवाई के लिए 16दिसंबर की तिथि नियत करते हुए जिलाधिकारी तथा एसएसपी को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने उमेश कुमार पाल व पांच अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अभिषेक यादव तथा आरएन यादव ने बहस की।
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इनका कहना है कि उन्होंने खसरा संख्या 591रकबा 1.866 हेक्टेयर भूमिधरी का 4 नवंबर 82 को बैनामा लिया। जमीन उनके नाम दाखिल खारिज हो चुकी है। विपक्षी 6 लगायत 12 याचियों को खेती करने से रोक रहे हैं। इस पर याचीगण ने सिविल कोर्ट से निषेधाज्ञा आदेश भी प्राप्त किया है। इसके बावजूद एसडीओ फूलपुर के कहने पर एसएचओ पवई याचियों को खेती करने से रोक रहे हैं। इस पर यह याचिका दायर की गई है।
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