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Prayagraj : श्रृंग्वेरपुरधाम की संस्कृति, रहन सहन और समरसता की भावना से रूबरू हुए प्रोफेसर हेरोल्ड गुड़विन

Wed, 04 Sep 2024 05:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 04 Sep 2024 05:19 PM IST
सार

होम स्टे और बेड एन्ड ब्रेकफास्ट योजना के तहत लंदन इंरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सब्ल टुरिज्म के संस्थापक हेरोल्ड गुड़विन एवं आईसीआरटी के संस्थापक निदेशक मनीषा पाण्डेय बुधवार को श्रृंग्वेरपुरधाम पहुंचे। जहाँ पर्यटक सुविधा केंद्र पर त्रेता युग की तरह अतिथि सत्कार करके स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

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Professor Harold Goodwin came face to face with the culture, lifestyle and spirit harmony of Shringverpurdham
यूनाइटेड किंगडम से प्रोफेसर हेरोल्ड गुड़विन श्रृंगवेरपुरधाम पहुंचे। - फोटो : संवाद

विस्तार

श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि एवं प्रभु श्रीराम की कर्मभूमि श्रृंग्वेरपुरधाम की बदलती तस्वीर के बीच यूनाइटेड किंगडम से प्रोफेसर हेरोल्ड गुड़विन एवं उनके सहयोगियों का दल बुधवार को श्रृंग्वेरपुरधाम की संस्कृति, रहन सहन और समरसता की भावना से रूबरू होने के लिए पहुंचा। पर्यटन विभाग की थीम एवं प्रदेश सरकार द्वारा महाकुम्भ 2025 से पहले श्रृंग्वेरपुरधाम को महाकुम्भ से जोड़कर पर्यटको को श्रृंग्वेरपुरधाम लाने एवं श्रृंग्वेरपुरधाम की पौराणिक कथाओके साथ प्रभु श्रीराम के समरसता की भावना को विश्व शिखर तक पहुंचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित है।

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होम स्टे और बेड एन्ड ब्रेकफास्ट योजना के तहत लंदन इंरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सब्ल टुरिज्म के संस्थापक हेरोल्ड गुड़विन एवं आईसीआरटी के संस्थापक निदेशक मनीषा पाण्डेय बुधवार को श्रृंग्वेरपुरधाम पहुंचे। जहाँ पर्यटक सुविधा केंद्र पर त्रेता युग की तरह अतिथि सत्कार करके स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, जय श्रीराम सेवा समिति अध्यक्ष संजय तिवारी एवं तीर्थ पुरोहितो ने फूलमालाओ से स्वागत किया। स्वागत सत्कार देख प्रोफेसर एवं टूरिस्ट दल प्रभावित हुए। इसके पश्चात निषादराज पार्क का भृमण किया। प्रोफेसर हेरोल्ड ने भगवान राम, ऋषि श्रृंगी और राम केवट मिलन की प्रतिमा देखकर उत्साहित और प्रसन्न नजर आए।

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Professor Harold Goodwin came face to face with the culture, lifestyle and spirit harmony of Shringverpurdham
यूनाइटेड किंगडम से प्रोफेसर हेरोल्ड गुड़विन श्रृंगवेरपुरधाम पहुंचे। - फोटो : संवाद

जहाँ पड़े चरण रघुवर के वहाँ मिला सम्मान

श्रृंग्वेरपुरधाम के मौनी बाबा आश्रम जिसे श्रीराम विश्राम आश्रम के नाम से जाना जाता है। स्थानीय ग्रामीण, परम्पराओ और शास्त्रों के अनुसार यहाँ भगवान श्रीराम ने एक रात्रि विश्राम किया था। श्रृंग्वेरपुरधाम पीठाधीश्वर महंत रामप्रसाद दास शास्त्री महाराज एवं कृपापात्र श्रीधरणीधर दास जी महाराज बताया की इसी अशोक वृक्ष के नीच प्रभु राम ने विश्राम किया उन्होंने पांचमुखशिवलिंग के बारे मे बताया  प्रोफेसर हेरोल्ड बहुत प्रभावित हुये । श्रृंग्वेरपुरधाम पीठाधीश्वर महाराज ने धर्म ग्रंथो मे वर्णित श्रृंग्वेरपुरधाम की महिमा के विषय मे बताया। हालांकि अभी तक श्री राम विश्राम आश्रम का जीर्णोद्धार नहीं होने के कारण क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने अपने अधिकारी को फटकार लगाई और नाराजगी जतायी । बता दें कि नेपाल नरेश द्वारा इस आश्रम का निर्माण कराया गया था।

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गंगा तट पर शव जलाने की परम्परा पर किया कड़ा प्रहार, नाराजगी 

प्रोफेसर हेरोल्ड ने कहा की शमशान से निकलने वाला धुआं एवं आसपास बिखरी गंदगी के कारण पर्यटको का यहाँ आना समस्याजनक है। क्योंकि मनोरम दृश्य के बीच गंगा तट पर प्रदूषण फ़ैल रहा है। इसी बीच श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी का कहना है कि सनातन संस्कृति मे गंगा तट पर शवो को जलाया जाना हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है। मृत्यु के पश्चात हमारा शव पंच तत्व मे विलीन होता है। और गंगा के सम्मुख होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए गंगा तट पर ही शवो का जलाया जाना संस्कृति का एक हिस्सा है। हालांकि तीर्थ पुरोहितो ने भी अरुण द्विवेदी का समर्थन करते हुए कहा कि पर्यटक श्रृंग्वेरपुरधाम इसलिए आएंगे क्योंकि यहाँ कि संस्कृति ही यहाँ की पहचान है। इसके लिए हम अपनी संस्कृति नहीं बदल सकते।

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प्रोफेसर हेरोल्ड के प्रोटोकॉल से कई स्थलों के नाम हटा दिए गए 

स्थानीय राजनीति एवं कुछ कर्मचारियों ने कई स्थानों की महत्ता को छिपाने का प्रयास किया। पहले ये स्थल प्रोटोकॉल मे थे। लेकिन बाद मे इसे प्रोटोकॉल से हटा दिया गया। जैसे की संस्कृत महाविद्यालय और निषादराज मंदिर, मुख्य मंदिर ऋषि श्रृंगी के जाने से भी प्रोफेसर हेरोल्ड को रोका गया। हालांकि संस्कृत महाविद्यालय  के विद्यार्थी उनका इंतजार करते रहे।बाद मे बहुत मायूस हुये |

गिफ्ट की हुई नाव को प्रेमपूर्वक लिया और टांगे के साथ ली सेल्फी

होम स्टे योजना के तहत प्रोफेसर हेरोल्ड श्रृंग्वेरपुरधाम की बस्तीयों का भृमण किया। जहाँ निषाद परिवार के घरो मे पहुंचकर विभिन्न स्थानीय कलाओ से रूबरू हुए। ग्रामीणों ने मूंज से बनी समाग्री के बारे मे  प्रोफेसर हेरोल्ड को बताया। इसके साथ नाव बनाकर उन्हें गिफ्ट किया। जिससे वे प्रभावित हुए। इसके साथ टांगे के साथ भी सेल्फी ली। साथ ही कुछ और अलग सामग्री बनाने की टिप्स दिए। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ बायो वेद पहुंचकर स्थानीय कलाओ के बारे मे जाना। डॉ बी के कश्यप ने राम केवट प्रतिमा स्मारिका भेंट की।

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