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प्रयागराज शहर के स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू
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Process to include Prayagraj city stations in NCR
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प्रयागराज। प्रयागराज शहर में स्थित इलाहाबाद सिटी, दारागंज, झूंसी, प्रयाग जंक्शन, प्रयागघाट, फाफामऊ रेलवे स्टेशन का उत्तर मध्य रेलवे में विलय करने की प्रक्रिया रेलवे बोर्ड स्तर से शुरू हो गई है। सीआरबी वीके यादव ने बताया कि इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) एवं उत्तर रेलवे (एनआर) से पत्राचार भी किया गया है।
कुंभ के पूर्व ही शहर के इन सभी स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने की योजना बनी थी लेकिन मेला कार्य प्रभावित न हो इस वजह से यह निर्णय टाल दिया गया था। अब यह प्रक्रिया रेलवे ने एक बार फिर से शुरू की है। सीआरबी वीके यादव का कहना है कि विलय की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एनसीआर में इन स्टेशनों का विलय तो होगा ही। इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी एवं इलाहाबाद छिवकी के नाम में प्रयागराज जोड़ने के सवाल में सीआरबी ने कहा कि यह गृह मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए बोर्ड ने यह नाम बदलने की फाइल भेजी गई है। गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद संबंधित स्टेशनों के नाम बदल दिए जाएंगे।
लखनऊ शताब्दी के लिए मांगा गया है नया रैक
0 इलाहाबाद जंक्शन से लखनऊ के बीच शताब्दी ट्रेन के संचालन पर सीआरबी ने कहा कि रेल कोच फैक्टरी से शताब्दी शुरू करने के लिए नया रैक मांगा गया है। निश्चित ही इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच शताब्दी का संचालन शुरू होगा। दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष लखनऊ शताब्दी का संचालन शुरू हो जाएगा।
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देश में चल रही किसी भी ट्रेन का नहीं होगा निजीकरण
सीआरबी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि देश में वर्तमान समय चल रही किसी भी ट्रेन का निजीकरण नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों से लखनऊ तेजस एक्सप्रेस के संचालन के बाद चर्चा चल रही थी कि वंदे भारत, प्रयागराज एक्सप्रेस, शताब्दी, राजधानी आदि प्रीमियम ट्रेनों को भी रेलवे निजी हाथों में देगा। फिलहाल सीआरबी ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि जो ट्रेनें वर्तमान समय चल रही है उनका निजीकरण नहीं किया जाएगा। लखनऊ तेजस भी अभी प्रयोग के तौर पर आईआरसीटीसी को सौंपी गई है।
सुविधा स्पेशल का किराया घटाने पर होगा विचार
0 फेस्टिवल सीजन में यात्रियों के लिए चलाई जाने वाली सुविधा स्पेशल ट्रेनों में ज्यादा किराये के सवाल पर सीआरबी ने कहा यह ट्रेनें सिर्फ रेलवे की आय बढ़ाने के लिए चलाई जाती हैं। रोड ट्रांसपोर्ट के मुकाबले रेलवे का किराया कम है। फिर भी सुविधा स्पेशल का किराया कम करने पर विचार किया जाएगा।
सुबह चार बजे पहुंचे सीआरबी, नौ बजे निकले सैलून से
0 इलाहाबाद जंक्शन पर सीआरबी सुबह 4 बजे ही शिवगंगा एक्सप्रेस में लगे सैलून से यहां पहुंच गए थे। इस दौरान सुबह जीएम एनसीआर राजीव चौधरी, जीएम कोर यशपाल सिंह, डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ आदि अफसर उनसे मिलने के लिए वीआईपी साइडिंग में खड़े सैलून में पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद ही सीआरबी अपने सैलून से निकले। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर वह कुछ देर खड़े भी रहे। वहां उन्होंने कुंभ के दौरान बने स्काईवाक के बारे में अफसरों से पूछा। वापसी में सीआरबी शाम 7.30 बजे के बाद अपने सैलून पर पहुंच गए थे।
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कुंभ के पूर्व ही शहर के इन सभी स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने की योजना बनी थी लेकिन मेला कार्य प्रभावित न हो इस वजह से यह निर्णय टाल दिया गया था। अब यह प्रक्रिया रेलवे ने एक बार फिर से शुरू की है। सीआरबी वीके यादव का कहना है कि विलय की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एनसीआर में इन स्टेशनों का विलय तो होगा ही। इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी एवं इलाहाबाद छिवकी के नाम में प्रयागराज जोड़ने के सवाल में सीआरबी ने कहा कि यह गृह मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए बोर्ड ने यह नाम बदलने की फाइल भेजी गई है। गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद संबंधित स्टेशनों के नाम बदल दिए जाएंगे।
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लखनऊ शताब्दी के लिए मांगा गया है नया रैक
0 इलाहाबाद जंक्शन से लखनऊ के बीच शताब्दी ट्रेन के संचालन पर सीआरबी ने कहा कि रेल कोच फैक्टरी से शताब्दी शुरू करने के लिए नया रैक मांगा गया है। निश्चित ही इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच शताब्दी का संचालन शुरू होगा। दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष लखनऊ शताब्दी का संचालन शुरू हो जाएगा।
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देश में चल रही किसी भी ट्रेन का नहीं होगा निजीकरण
सीआरबी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि देश में वर्तमान समय चल रही किसी भी ट्रेन का निजीकरण नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों से लखनऊ तेजस एक्सप्रेस के संचालन के बाद चर्चा चल रही थी कि वंदे भारत, प्रयागराज एक्सप्रेस, शताब्दी, राजधानी आदि प्रीमियम ट्रेनों को भी रेलवे निजी हाथों में देगा। फिलहाल सीआरबी ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि जो ट्रेनें वर्तमान समय चल रही है उनका निजीकरण नहीं किया जाएगा। लखनऊ तेजस भी अभी प्रयोग के तौर पर आईआरसीटीसी को सौंपी गई है।
सुविधा स्पेशल का किराया घटाने पर होगा विचार
0 फेस्टिवल सीजन में यात्रियों के लिए चलाई जाने वाली सुविधा स्पेशल ट्रेनों में ज्यादा किराये के सवाल पर सीआरबी ने कहा यह ट्रेनें सिर्फ रेलवे की आय बढ़ाने के लिए चलाई जाती हैं। रोड ट्रांसपोर्ट के मुकाबले रेलवे का किराया कम है। फिर भी सुविधा स्पेशल का किराया कम करने पर विचार किया जाएगा।
सुबह चार बजे पहुंचे सीआरबी, नौ बजे निकले सैलून से
0 इलाहाबाद जंक्शन पर सीआरबी सुबह 4 बजे ही शिवगंगा एक्सप्रेस में लगे सैलून से यहां पहुंच गए थे। इस दौरान सुबह जीएम एनसीआर राजीव चौधरी, जीएम कोर यशपाल सिंह, डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ आदि अफसर उनसे मिलने के लिए वीआईपी साइडिंग में खड़े सैलून में पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद ही सीआरबी अपने सैलून से निकले। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर वह कुछ देर खड़े भी रहे। वहां उन्होंने कुंभ के दौरान बने स्काईवाक के बारे में अफसरों से पूछा। वापसी में सीआरबी शाम 7.30 बजे के बाद अपने सैलून पर पहुंच गए थे।