मछुआरों की नावों की मरम्मत के लिए प्रियंका देंगी 10 लाख रुपये

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Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2021 01:17 AM IST
प्रयागराज के बसवार गांव में रविवार को यमुना के कछार में मछुआरों की समस्याओं को सुनने और देखने पहु
प्रयागराज के बसवार गांव में रविवार को यमुना के कछार में मछुआरों की समस्याओं को सुनने और देखने पहु - फोटो : CITY DESK

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प्रयागराज। करछना तहसील के बसवार गांव के मछुआरों को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया है। यह धनराशि मछुआरों को दो-तीन दिनों में मुहैया करा दी जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से सहायता पाने वाले मछुआरों की सूची भी बनाई गई है। इसमें कुल 23 लोगों के नाम शामिल हैं। मछुआरों का आरोप था कि अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने उनकी नावों को तोड़ दिया था।
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मछुआरों को प्रियंका द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने की जानकारी मंगलवार को कांग्रेस की प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज यादव और मछुआरा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव तूफानी निषाद, देवेंद्र निषाद ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। प्रियंका गांधी ने विगत 21 फरवरी को बसवार पहुंचकर पीड़ित मछुआरों का दर्द सुना था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पहुंचकर मछुआरों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का एलान किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि यह सहायता मछुआरों को संयुक्त रूप से दी जाएगी। कुल 23 लोगों की सूची है। इसमें से 18 लोगों के नाम फाइनल कर लिए गए हैं, जबकि बाकी पांच लोगों का भी विवरण जुटाया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने इस सहायता की जानकारी ट्विटर पर भी साझा की है।

निकाली जाएगी जन नदी अधिकार यात्रा
मछुआरा प्रकोष्ठ के तूफानी निषाद ने बताया कि मछुआरों को उनका हक दिलाने के लिए दो-तीन दिनों के भीतर ही जन नदी अधिकार यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा करछना के बसवार से शुरू होकर वाराणसी तक जाएगी। यात्रा के सदस्य प्रतिदिन 12 से 14 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यात्रा में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के भी शामिल होने की उम्मीद है। यह यात्रा लगातार 10 दिनों तक चलेगी। इसके माध्यम से मछुआरा समाज के लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी के संसाधनों पर पहला हक निषादों का है। यात्रा के दौरान बालू खनन के लिए निषादराज कोऑपरेटिव सोसायटी के गठन की मांग सरकार से की जाएगी।

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