UPESSC : मंडल नहीं प्रदेश स्तर पर होगी प्रधानाचार्य भर्ती प्रक्रिया, यूपीईएसएससी कर रहा है बदलाव
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक की भर्ती प्रक्रिया अब मंडल नहीं प्रदेश स्तर पर होगी। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी कराएगा।
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अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक की भर्ती प्रक्रिया अब मंडल नहीं प्रदेश स्तर पर होगी। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी कराएगा। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। आयोग भर्ती के लिए जल्द ही विज्ञापन जारी करने की तैयारी कर रहा है।
इससे पहले अभ्यर्थी को अलग-अलग मंडलों के लिए अलग-अलग आवेदन करना होता था। भर्ती अनुभव और साक्षात्कार के आधार पर की जाती थी। कोई लिखित परीक्षा नहीं देनी होती थी। नए बदलाव से अब सिर्फ एक ही आवेदन करना होगा और शुल्क एक बार ही जमा करना होगा।
सहायक अध्यापकों की तरह प्रदेश में कहीं भी मिल सकती है नियुक्ति
आयोग की ओर से हुए इस नए बदलाव से अभ्यर्थियों को सफल होने के बाद किसी भी मंडल में सहायक अध्यापाकों की तरह नियुक्ति दी जाएगी। इस बदलाव से ज्यादा शिक्षकों व अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। मंडल स्तर पर चयन होने पर कई बार एक ही शिक्षक का चयन कई मंडल में हो जाता था, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होती थी।
13 वर्ष बाद होने जा रही भर्ती प्रक्रिया
वर्ष 2013 में एडेड कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। अब एक बार फिर उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से कुछ दिन पहले ही उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग को सूचना भेजी गई थी जिसमें इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद के लिए 1475 और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 पदों पर भर्ती की बात कही गई थी लेकिन स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से आयोग ने इसे वापस भेज दिया था। संभावना है कि नए अधियाचन में कुछ पद और बढ़ सकते हैं।