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ट्रेनें तय करती हैं खाने-पीने की चीजों के दाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 13 May 2016 01:33 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी शुरू होते ही इलाहाबाद जंक्शन पर ओवर चार्जिंग के मामले बढ़ने लगे हैं। बीते कुछ समय से इलाहाबाद जंक्शन पर ओवर चार्जिंग अब ट्रेनों के हिसाब से होने लगी हैं। अगर ट्रेन ज्यादा देर रुक रही है तो खाद्य पदार्थों की दरें एमआरपी रेट या उससे थोड़ी ज्यादा रहती हैं, जबकि मेल/एक्सप्रेस एवं कम ठहराव वाली ट्रेनों के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही खाने पीने की चीजों के दाम दोगुने तक हो जाते हैं। फुटकर न होने का बहाना कर एक कप चाय का दाम अधिकांश वेंडर आसानी से दस रुपये तक वसूल लेते हैं।
बृहस्पतिवार की ही बात करें तो यहां दिन में तकरीबन एक बजे के आसपास सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस पहुंची। ट्रेन के जंक्शन पर पहुंचते ही उसमें सवार यात्री खाने-पीने की वस्तुएं खरीदने के लिए तमाम स्टॉलों पर इकट्ठा हो गए। जंक्शन पर ट्रेन का महज पांच मिनट का स्टॉपेज होेने की वजह यात्रियों को भी जल्दी थी कि उन्हें जल्द से जल्द अपने जरूरत की खाने-पीने की चीजें खरीद लें। इस बीच ट्रेन के स्लीपर कोच के यात्री की स्टॉल में खड़े वेंडर से झड़प होने लगी। दरअसल संबंधित यात्री ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल मांगी थी। उस बोतल में दाम 34 रुपये लिखा था, आरोप है कि स्टॉल में मौजूद वेंडर कोल्ड ड्रिंक की बोतल के 40 रुपये मांग रहा था।
इस आपाधापी में ट्रेन चली तो संबंधित यात्री बिना कोल्ड ड्रिंक लिए मायूस होकर ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन जाने के बाद जब एक दूसरा यात्री उसी स्टॉल पर पहुंचा तो उसे एमआरपी रेट पर ही कोल्डड्रिंक मिल गई। बताया जा रहा है कि इलाहाबाद जंक्शन पर जिन ट्रेनों का ठहराव महज पांच मिनट या उससे कम है उसके यात्रियों को ओवरचार्जिंग कुछ ज्यादा ही देनी पड़ती है। ट्रेनों का कम ठहराव होने का फायदा जंक्शन पर मौजूद वेंडर जमकर उठाते हैं। यात्रियों को भी जल्दी होती है ऐसे में वह वेंडरों द्वारा मांगी गई कीमत तुरंत चुका देते हैं। वेंडरों की ठगी का शिकार सबसे ज्यादा मुंबई रूट की ओर जाने वाले यात्री होते हैं।
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क्योंकि इन दिनों मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ जा रही है। कोच से बाहर तक निकलने में भी यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। 15 रुपये में मिलने वाली पूड़ी भाजी के लिए भी यात्रियों को 20 से 25 रुपये तक चुकाने पड़ जाते हैं। फुटकर न होने के बहाने सात रुपये की चाय के लिए इन यात्रियों से वेंडर दस रुपये वसूल लेते हैं। जबकि ट्रेनें चले जाने के बाद ज्यादातर स्टॉलों पर एमआरपी के हिसाब से ही सामानों की बिक्री शुरू हो जाती है।
इलाहाबाद जंक्शन के स्टॉलों पर मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक एवं बोतल बंद पानी को ठंडा करने के नाम पर भी वेंडर मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रेलवे का अधिकृत ब्रांड ‘रेलनीर’ की कीमत 15 रुपये हैं, लेकिन कूलिंग चार्ज के नाम पर कुछ वेंडर इसके बदले 20 रुपये यात्रियों से आसानी से वसूल लेते हैं। यही स्थिति तमाम ब्रांडों के कोल्डड्रिंक की भी है। कूलिंग चार्ज के नाम पर कोल्डड्रिंक की कीमत भी कुछ वेंडर एमआरपी से ज्यादा वसूल रहे हैं।
‘ओवर चार्जिंग के खिलाफ जंक्शन पर समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। ये अभियान आगे भी चलेगा। यात्री इसकी शिकायत स्टेशन में वाणिज्य प्रबंधक से भी कर सकते हैं। ’
00 एसके श्रीवास्तव, पीआरओ, इलाहाबाद मंडल।
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बृहस्पतिवार की ही बात करें तो यहां दिन में तकरीबन एक बजे के आसपास सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस पहुंची। ट्रेन के जंक्शन पर पहुंचते ही उसमें सवार यात्री खाने-पीने की वस्तुएं खरीदने के लिए तमाम स्टॉलों पर इकट्ठा हो गए। जंक्शन पर ट्रेन का महज पांच मिनट का स्टॉपेज होेने की वजह यात्रियों को भी जल्दी थी कि उन्हें जल्द से जल्द अपने जरूरत की खाने-पीने की चीजें खरीद लें। इस बीच ट्रेन के स्लीपर कोच के यात्री की स्टॉल में खड़े वेंडर से झड़प होने लगी। दरअसल संबंधित यात्री ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल मांगी थी। उस बोतल में दाम 34 रुपये लिखा था, आरोप है कि स्टॉल में मौजूद वेंडर कोल्ड ड्रिंक की बोतल के 40 रुपये मांग रहा था।
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इस आपाधापी में ट्रेन चली तो संबंधित यात्री बिना कोल्ड ड्रिंक लिए मायूस होकर ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन जाने के बाद जब एक दूसरा यात्री उसी स्टॉल पर पहुंचा तो उसे एमआरपी रेट पर ही कोल्डड्रिंक मिल गई। बताया जा रहा है कि इलाहाबाद जंक्शन पर जिन ट्रेनों का ठहराव महज पांच मिनट या उससे कम है उसके यात्रियों को ओवरचार्जिंग कुछ ज्यादा ही देनी पड़ती है। ट्रेनों का कम ठहराव होने का फायदा जंक्शन पर मौजूद वेंडर जमकर उठाते हैं। यात्रियों को भी जल्दी होती है ऐसे में वह वेंडरों द्वारा मांगी गई कीमत तुरंत चुका देते हैं। वेंडरों की ठगी का शिकार सबसे ज्यादा मुंबई रूट की ओर जाने वाले यात्री होते हैं।
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क्योंकि इन दिनों मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ जा रही है। कोच से बाहर तक निकलने में भी यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। 15 रुपये में मिलने वाली पूड़ी भाजी के लिए भी यात्रियों को 20 से 25 रुपये तक चुकाने पड़ जाते हैं। फुटकर न होने के बहाने सात रुपये की चाय के लिए इन यात्रियों से वेंडर दस रुपये वसूल लेते हैं। जबकि ट्रेनें चले जाने के बाद ज्यादातर स्टॉलों पर एमआरपी के हिसाब से ही सामानों की बिक्री शुरू हो जाती है।
इलाहाबाद जंक्शन के स्टॉलों पर मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक एवं बोतल बंद पानी को ठंडा करने के नाम पर भी वेंडर मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रेलवे का अधिकृत ब्रांड ‘रेलनीर’ की कीमत 15 रुपये हैं, लेकिन कूलिंग चार्ज के नाम पर कुछ वेंडर इसके बदले 20 रुपये यात्रियों से आसानी से वसूल लेते हैं। यही स्थिति तमाम ब्रांडों के कोल्डड्रिंक की भी है। कूलिंग चार्ज के नाम पर कोल्डड्रिंक की कीमत भी कुछ वेंडर एमआरपी से ज्यादा वसूल रहे हैं।
‘ओवर चार्जिंग के खिलाफ जंक्शन पर समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। ये अभियान आगे भी चलेगा। यात्री इसकी शिकायत स्टेशन में वाणिज्य प्रबंधक से भी कर सकते हैं। ’
00 एसके श्रीवास्तव, पीआरओ, इलाहाबाद मंडल।