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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Pressure increased on UPPSC to cancel RO-ARO exam, claim strengthened due to cancellation of police recr

UPPSC : आयोग पर बढ़ा आरओ-एआरओ परीक्षा निरस्त करने का दबाव, पुलिस भर्ती निरस्त होने से और मजबूत हुआ दावा

Sun, 25 Feb 2024 11:53 AM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 Feb 2024 11:53 AM IST
सार

आयोग ने पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों से दो मार्च तक ईमेल आईडी roaro2023info@gmail.com पर साक्ष्य मांगे हैं। ऐसे में दो मार्च से पहले आयोग कोई निर्णय नहीं लेने वाला है। इस बीच शासन ने भी अपने स्तर से मामले की जांच शुरू करा दी है और अभ्यर्थियों से नियुक्ति विभाग के ईमेल आईडी secyappoint@nic.in पर 27 फरवरी तक पेपर लीक से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं।

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Pressure increased on UPPSC to cancel RO-ARO exam, claim strengthened due to cancellation of police recr
UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेपर लीक मामले में पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पर आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 को निरस्त किए जाने का दबाव बढ़ गया है। दोनों ही परीक्षाओं में पेपर लीक के जो मामले सामने आए हैं, उनमें काफी कुछ समानताएं हैं।

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हालांकि, आयोग ने पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों से दो मार्च तक ईमेल आईडी roaro2023info@gmail.com पर साक्ष्य मांगे हैं। ऐसे में दो मार्च से पहले आयोग कोई निर्णय नहीं लेने वाला है। इस बीच शासन ने भी अपने स्तर से मामले की जांच शुरू करा दी है और अभ्यर्थियों से नियुक्ति विभाग के ईमेल आईडी secyappoint@nic.in पर 27 फरवरी तक पेपर लीक से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं।
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पुलिस भर्ती परीक्षा और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में पेपर शुरू होने से कुछ देर पहले प्रश्नपत्र वायरल हुए और कुछ ही देर में प्रश्नपत्रों के उत्तर व्हाट्सएप के माध्यम से लाखों मोबाइल फोन तक पहुंचा दिए गए। पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने दोनों ही परीक्षाओं में पेपर लीक होने का दावा किया था। उनका दावा सही साबित हुआ। पुलिस भर्ती परीक्षा की तरह अब आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी निरस्त होनी चाहिए।

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यूपीपीएससी के बाहर तैनात पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की दो बड़ी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद आयोग को भी अब फूंक-फूंककर कदम आगे बढ़ाना पड़ रहा है। पेपर लीक मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और आयोग की ओर से जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय नया विवाद पैदा कर सकता है। यही वजह है कि आयोग के साथ अब शासन ने भी आरओ/एआरओ पेपर लीक विवाद में अपने स्तर से परीक्षण शुरू कर दिया है।

उधर, आयोग के सूत्रों का कहना है कि आरओ/एआरओ परीक्षा में पेपर वायरल होने के कोई ठोस सुराग अब तक सामने नहीं आए हैं। अभ्यर्थियों की ओर से अब तक जो भी साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी जांच के आधार पर आयोग आगे बढ़ रहा है। पेपर वायरल घटना की मूल जड़ कहां है, यह अभी तक पता नहीं लगाया सका है। वहीं, आयोग की तीन सदस्यीय जांच समिति भी अन्य पहलुओं पर विचार करते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।

Pressure increased on UPPSC to cancel RO-ARO exam, claim strengthened due to cancellation of police recr
प्रतियोगी छात्रों से वार्ता करते पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा। - फोटो : अमर उजाला

आयोग पर प्रदर्शन करने पहुंचे दो छात्राें को पुलिस ने उठाया

आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 के पेपर लीक विवाद में विरोध दर्ज कराने उत्तर प्रदेश लाेक सेवा आयोग पहुंचे छात्रों में से दो को पुलिस ने उठा लिया। वहीं, बालसन चौराहे पर गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे छात्रों को भी पुलिस ने शांतिभंग की आशंका पर वहां से हटा दिया। हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया और ज्ञापन सौंपा गया।

पेपर लीक विवाद में शुक्रवार को आधी रात के बाद भी आयोग गेट पर हंगामा चलता रहा। शनिवार सुबह माहौल शांत था। दिन में 11 बजे के आसपास दर्जन भर छात्र आयोग के गेट पद प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र मनीष और एक अन्य छात्र अनुज को उठा लिया। दोनों देर रात तक पुलिस की हिरासत में रहे।

आयोग के बाहर पुलिस के सक्रिय होने के बाद प्रतियोगी छात्र धरना देने के लिए बालसन चौराहे पर पहुंच गए और गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना शुरू कर दिया। इस बीच वहां पहुंचे पुलिस अफसरों ने शांति भंग की आशंका जताते हुए छात्रों को धरने से उठा दिया और वहां से न हटने पर गिरफ्तार करने की चेतावनी दी। इसके बाद छात्र कलक्ट्रेट पहुंच गए।


छात्राें ने आईसा की इविवि इकाई के अध्यक्ष विवेक कुमार के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों छात्रों की रिहाई के साथ ही आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भानु, अनुराग सिंह, अंशु रंजन, ज्ञान यादव, आलोक, सुयश, अश्वनी, कंचन आदि मौजूद रहे।

परीक्षा निरस्त होने का छात्र संगठनों ने किया स्वागत

पेपर लीक मामले में पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने के निर्णय का छात्र संगठनाें ने स्वागत किया है और इसे छात्रों की जीत बताया है। एबीवीपी यह मांग भी की है कि आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में भी पेपर लीक से जुड़े आरोपों की जांच जल्द पूरी की जाए।

एबीवीपी काशी प्रांत के प्रांत मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष आयोजित हुई दो प्रमुख परीक्षाओं में पेपर लीक की बात सामने आना बेहद चिंताजनक है। प्रदेश सरकार को इसे रोकने के लिए कड़े प्रबंध करने की जरूरत है। साथ ही मांग की कि पेपर लीक के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं, पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त होने पर दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बरगद लॉन में इकट्ठा होकर जीत का जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस जीत के साथ हमें सुस्त नहीं पड़ना है, बल्कि अपनी लड़ाई को तब तक जारी रखना है, जब तक कि हर काम करने योग्य नौजवान को रोजगार का हक कानूनी तौर पर नहीं मिल जाता। इस मौके पर आकाश, चंद्रप्रकाश, प्रियांशु, धर्मराज, अंबरीश आदि मौजूद रहे।

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