{"_id":"6a4d6932c0e22e0bfe009e3a","slug":"preparations-underway-for-another-revision-of-circle-rates-standardization-is-being-carried-out-allahabad-news-c-3-1-ald1020-923690-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: सर्किल रेट में फिर बदलाव की तैयारी, किया जा रहा मानकीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: सर्किल रेट में फिर बदलाव की तैयारी, किया जा रहा मानकीकरण
विज्ञापन
साल भर के भीतर सर्किल रेट में फिर से बदलाव की तैयारी की जा रही है। मुख्यालय स्तर से निबंधन विभाग को सर्किल रेट का मानकीकरण करने और एक अगस्त से इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यालय की मंशा है कि प्रदेश के सभी जिलों में सर्किल रेट का प्रारूप एक समान हो ताकि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे जिले में जमीन की रजिस्ट्री कराता है तो किसी तरह का विवाद या असमंजस की स्थित उत्पन्न न हो। हालांकि, प्रयागराज में 15 दिसंबर 2025 को नया सर्किल रेट लागू किया गया था और जिले में जमीन का रेट 10 से 35 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था।
अब दोबारा मानकीकरण के निर्देश जारी किए गए हैं। मानकीकरण के तहत गांव को 15 से 25 श्रेणियों में बांट जाना है। वहीं, शहर के मोहल्लों को भी अलग-अलग श्रेणियों में रखना है। मुख्यालय स्तर से एक समान सर्किल रेट का प्रारूप भी जारी किया गया है, इसके आधार पर मानकीकरण किया जाना है।
विज्ञापन
हालांकि, मानकीकरण के दौरान गांवों और मोहल्लों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटे जाने से उनके सर्किल रेट में भी परिवर्तन होगा। किसी क्षेत्र में सर्किल रेट बढ़ेगा तो किसी में घटने की संभावना भी है।
निबंधन विभाग के सूत्रों का कहना है कि सभी तहसीलों के उप निबंधक कार्यालयों में सर्किल रेट के मानकीकरण पर काम शुरू कर दिया गया है। एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्रा के अनुसार मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में मानकीकरण किया जा रहा है।
विज्ञापन
मुख्यालय की मंशा है कि प्रदेश के सभी जिलों में सर्किल रेट का प्रारूप एक समान हो ताकि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे जिले में जमीन की रजिस्ट्री कराता है तो किसी तरह का विवाद या असमंजस की स्थित उत्पन्न न हो। हालांकि, प्रयागराज में 15 दिसंबर 2025 को नया सर्किल रेट लागू किया गया था और जिले में जमीन का रेट 10 से 35 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था।
विज्ञापन
अब दोबारा मानकीकरण के निर्देश जारी किए गए हैं। मानकीकरण के तहत गांव को 15 से 25 श्रेणियों में बांट जाना है। वहीं, शहर के मोहल्लों को भी अलग-अलग श्रेणियों में रखना है। मुख्यालय स्तर से एक समान सर्किल रेट का प्रारूप भी जारी किया गया है, इसके आधार पर मानकीकरण किया जाना है।
विज्ञापन
हालांकि, मानकीकरण के दौरान गांवों और मोहल्लों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटे जाने से उनके सर्किल रेट में भी परिवर्तन होगा। किसी क्षेत्र में सर्किल रेट बढ़ेगा तो किसी में घटने की संभावना भी है।
निबंधन विभाग के सूत्रों का कहना है कि सभी तहसीलों के उप निबंधक कार्यालयों में सर्किल रेट के मानकीकरण पर काम शुरू कर दिया गया है। एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्रा के अनुसार मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में मानकीकरण किया जा रहा है।