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नकली दूध को कुंभ मेले में खपाने की थी तैयारी, बड़े रैकेट का हुआ भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:10 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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त्यौहारी मौसम तथा कुंभ से पहले उतरांव के बलिपुर बाजार में नकली दूध बनाए जाने की फैक्ट्री पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है तथा अफसर सकते में हैं। इसी फैक्ट्री से निकले दूध को कुंभ मेला में भी खपाने की तैयारी थी। चूंकि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क पूरे क्षेत्र में फैले होने की बात कही जा रही है। ऐसे में यह आशंका अब भी बनी हुई है। इसीलिए लगातार छापेमारी की योजना बनाई गई है।
कुंभ क्षेत्र में दो महीने तक लाखों श्रद्धालुओं का स्थायी निवास होगा। पूरे आयोजन के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में रोजाना हजारों लीटर दूध की आवश्यकता होगी। इस मांग का फायदा उठाते हुए नकली दूध को कुंभ क्षेत्र में भी खपाने की तैयारी थी। चूंकि, कुंभ में आने वाले लोग वहां कुछ दिनों के मेहमान होते हैं। इसके अलावा काफी भीड़ होती है। ऐसे में नकली दूध के पकड़ जाने की संभावना भी कम होती है। ऐसे में कुंभ में नकली दूध के कारोबार की आशंका अब भी बनी हुई है।
बलिपुर में पकड़े गए डेयरी संचालक के आसपास तथा दूसरे जिलों के डेयरी संचालकों से भी संपर्क थे। वह दूसरी डेयरी से भी बिना क्रीम वाला दूध लेता था। इतना ही नहीं प्रयागराज के अलावा भदोही तथा आसपास के जिलों में नकली दूध की आपूर्ति की बात भी सामने आई है। ऐसे में इस आशंका को और बल मिल रहा है। नकली दूध का कारोबार दूर तक फैले होने की आशंका खुद अफसर जता रहे हैं। ऐसे में उनके सामने कुंभ से पहले ऐसे लोगों को पकड़े जाने की चुनौती है।
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कुंभ क्षेत्र में दो महीने तक लाखों श्रद्धालुओं का स्थायी निवास होगा। पूरे आयोजन के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में रोजाना हजारों लीटर दूध की आवश्यकता होगी। इस मांग का फायदा उठाते हुए नकली दूध को कुंभ क्षेत्र में भी खपाने की तैयारी थी। चूंकि, कुंभ में आने वाले लोग वहां कुछ दिनों के मेहमान होते हैं। इसके अलावा काफी भीड़ होती है। ऐसे में नकली दूध के पकड़ जाने की संभावना भी कम होती है। ऐसे में कुंभ में नकली दूध के कारोबार की आशंका अब भी बनी हुई है।
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बलिपुर में पकड़े गए डेयरी संचालक के आसपास तथा दूसरे जिलों के डेयरी संचालकों से भी संपर्क थे। वह दूसरी डेयरी से भी बिना क्रीम वाला दूध लेता था। इतना ही नहीं प्रयागराज के अलावा भदोही तथा आसपास के जिलों में नकली दूध की आपूर्ति की बात भी सामने आई है। ऐसे में इस आशंका को और बल मिल रहा है। नकली दूध का कारोबार दूर तक फैले होने की आशंका खुद अफसर जता रहे हैं। ऐसे में उनके सामने कुंभ से पहले ऐसे लोगों को पकड़े जाने की चुनौती है।
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दिल्ली के विशेषज्ञों ने दी थी नकली दूध बनाने की ट्रेनिंग
खतरनाक रसायनों की मदद से नकली दूध बनाने के मामले नोएडा तथा पश्चिम उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में सामने आ चुके हैं, लेकिन इस क्षेत्र में नकली दूध बनाने का मामला पकड़े जाना चौंकाने वाला है। अफसरों की मानें तो नोएडा के जालसाजों ने ही यहां तक नेटवर्क फैला रखा है।
दिल्ली के विशेषज्ञ ने बाबादीन यादव तथा कई अन्य लोगों को नकली दूध बनाने का प्रशिक्षण दिया है। उनमें से एक यहां तीन से चार महीने तक पूरे क्षेत्र में भ्रमण करता रहा। ऐसे में माना जा रहा है कि उसने कई अन्य को भी नकली दूध बनाने का तरीका बताया है।
नकली दूध का कारोबार करीब एक वर्ष से चल रहा था। पकड़े गए डेयरी संचालक ने बताया कि दिल्ली से आए एक व्यक्ति ने उन्हें नकली दूध बनाने का तरीका बताया। वह तीन-चार महीने से यहीं था और नकली दूध कैसे बनता है उसकी जानकारी देता रहता। हालांकि, संचालक ने किसी और का नाम तो नहीं लिया लेकिन कई अन्य डेयरी में भी नकली दूध का धंधा चलने की आशंका जताई जा रही है।
अभिहित अधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली से आए जालसाज के यहीं होने की बात कही जा रही थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। गोदाम में छापेमारी से पहले ही वह फरार हो चुका था। उनका कहना है नकली दूध का कारोबार रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।
दिल्ली के विशेषज्ञ ने बाबादीन यादव तथा कई अन्य लोगों को नकली दूध बनाने का प्रशिक्षण दिया है। उनमें से एक यहां तीन से चार महीने तक पूरे क्षेत्र में भ्रमण करता रहा। ऐसे में माना जा रहा है कि उसने कई अन्य को भी नकली दूध बनाने का तरीका बताया है।
नकली दूध का कारोबार करीब एक वर्ष से चल रहा था। पकड़े गए डेयरी संचालक ने बताया कि दिल्ली से आए एक व्यक्ति ने उन्हें नकली दूध बनाने का तरीका बताया। वह तीन-चार महीने से यहीं था और नकली दूध कैसे बनता है उसकी जानकारी देता रहता। हालांकि, संचालक ने किसी और का नाम तो नहीं लिया लेकिन कई अन्य डेयरी में भी नकली दूध का धंधा चलने की आशंका जताई जा रही है।
अभिहित अधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली से आए जालसाज के यहीं होने की बात कही जा रही थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। गोदाम में छापेमारी से पहले ही वह फरार हो चुका था। उनका कहना है नकली दूध का कारोबार रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।