Prayagraj : नक्सल समस्या पर आधारित फिल्म बस्तर के प्रीमियर शो का प्रदर्शन, लगे भारत माता की जय के नारे
निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एवं सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी ये फिल्म भारत में नक्सलवाद की समस्या पर आधारित है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अदाह शर्मा ने नीरजा माधवन का किरदार निभाया।
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सिविल लाइन स्थित पीवीआर में काशी प्रयाग चित्र साधना समिति के द्वारा 'बस्तर' फिल्म का प्रीमियर शो प्रदर्शित किया गया। बस्तर फिल्म के प्रीमियर शो में मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी रहे।निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एवं सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी ये फिल्म भारत में नक्सलवाद की समस्या पर आधारित है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अदाह शर्मा ने नीरजा माधवन का किरदार निभाया। यशपाल शर्मा जैसे प्रतिष्ठित अभिनेताओं ने भी इसमे महत्वपूर्ण काम किया। फिल्म के मुख्य संवाद के दौरान भारत माता की जय के नारे लगते रहे।
आयोजकों ने बताया कि फिल्म ने नक्सलवाद से संघर्ष में भारतीय सैनिक एवं छत्तीसगढ़ पुलिस को कितनी हानि एवं पीड़ा से गुज़रना पड़ा को प्रतिबिंबित किया। फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। ये फिल्म देश विरोधी कार्य कर रहे एकोसिस्टम से भी रूबरू कराती है। फिल्म का एक संवाद है, 'कामरेड माओ कहते हैं, भारत पर राज करना है तो हमें जुडिशरी और जर्नलिज्म में घुसपैठ करनी होगी। कुछ यूनिवर्सिटीज को अपने लिए सुरक्षित करना होगा'।
अदा शर्मा के अभिनय को सराहा
फिल्म की मुख्य भूमिका में आईपीएस अफसर के रूप में अदा शर्मा ने शानदार अभिनय किया है। दूसरे अन्य कलाकारों का भी अभिनय अच्छा है। फिल्म का एक गीत वन्दे वीरम अच्छा है। सुदीप्तो सेन का निर्देशन कमाल का है। कुल मिलाकर नक्सली आतंकवाद के विभिन्न आयामों को समझने के लिए यह फिल्म देखी जानी चाहिए। फिल्म सार्थक बौद्धिक विमर्श को तो प्रेरित करती ही है, पैसा, सुरा और सुंदरी के लिए बिक जाने वाले भारत के बुद्धिजीवियों की विश्वसनीयता पर सोचने को विवश करती है।
मुख्य अतिथि गणेश केसरवानी ने दर्शकों से अपील की कि वो बड़ी संख्या में इस सार्थक फिल्म को देखने सिनेमाघरों में आएं। इस प्रीमियर शो में प्रो दिगंबर तंगलवाड, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, काशी प्रयाग चित्र साधना समिति के अध्यक्ष डॉ यशार्थ मंजुल एवं सचिव वसु पाठक, कार्यकारिणी सदस्य प्रो. आशुतोष सिंह, कार्यकारिणी सदस्य डॉ संत प्रकाश तिवारी, आरएस द्विवेदी. हरीराम चौरसिया, डॉ प्रदीप भटनागर, डॉ अनूप त्रिपाठी, यश तिवारी, कृष्ण मनोहर, रवि शंकर, विष्णु जायसवाल, श्रीधर त्रिपाठी, संतोष जी आदि रहे।