जुमे पर अटाला में हुए बवाल में शामिल उपद्रवियों के अब शहर में पोस्टर लगाने की तैयारी है। यह वह हैं जिनकी तस्वीरें पुलिस को वीडियो व सर्विलांस कैमरों की फुटेज से मिली हैं। दरअसल घटना के चार दिनों बाद भी इनका कुछ अता-पता नहीं चल सका है। ऐसे में उन्हें चिह्नित करने के लिए ही पोस्टर लगवाए जाएंगे।
prayagraj violence : अटाला हिंसा में शामिल उपद्रवी चिन्हित, पोस्टर लगाने की तैयारी
अटाला में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद जमकर बवाल हुआ था। इसमें पुलिस ने कुल तीन केस दर्ज करते हुए 95 नामजद और 5400 अज्ञात को आरोपी बनाया है। नामजद और प्रकाश में आए कुल 92 आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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प्रयागराज में जुमे के दिन अटाला में हुए बवाल के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद के खिलाफ रविवार को बड़ी कार्रवाई हुई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने करेली के जेके आशियाना स्थित उसके आलीशान मकान को बुलडोजर चलवाकर जमींदोज कर दिया। दोपहर 12 बजे के करीब शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चार घंटे तक चली। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ ही पीएसी के जवान भी मौके पर तैनात रहे। जावेद को एक दिन पहले ही 67 अन्य आरोपियों संग गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जुमे पर अटाला में हुए बवाल के बाद ही अफसरों ने कह दिया था कि उपद्रवियों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक दिन पहले ही पीडीए, नगर निगम और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की थी और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए सूची भी बनाई थी। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि आरोपियों के अवैध रूप से बने मकानों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चल सकता है।
नमाज के बाद हुई थी हिंसा
जुमे के दिन अटाला में हुई हिंसा के बाबत एक दिन पहले तक यही बात सामने आई थी कि अगल-बगल के इलाकों से नमाज पढ़ने आए युवकों ने ही उपद्रव किया। लेकिन जांच पड़ताल में जुटी एजेंसियों को एक चौंकाने वाली जानकारी मिली है। वह यह है कि अटाला में बवाल कराने के लिए भाड़े पर भी उपद्रवियों को बुलाया गया था। इनके लिए न सिर्फ नाश्ते, बल्कि पेट्रोल का भी इंतजाम किया गया था। यह जानकारी सामने आने के बाद मामले में बाहरी फंडिंग के एंगल पर भी जांच शुरू हो गई है।
अटाला बवाल मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस दौरान कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आ रही हैं। दरअसल जांच के दौरान जानकारी की गई तो पता चला कि अटाला में यूं तो कई मस्जिदें हैं लेकिन यहां स्थित बड़ी मस्जिद व मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास स्थित मस्जिद में ही जुमे के दिन बड़ी संख्या में नमाजी जुटते हैं। अन्य मस्जिदों के मुकाबले यहां काफी ज्यादा भीड़ होती है। लेकिन 10 जून को जिस दिन अटाला में बवाल हुआ, खुल्दाबाद क्षेत्र में स्थित छोटी-बड़ी हर मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे।
पेट्रोल पंप पर देखी गई थी भारी भीड़
खासतौर से मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास स्थित मस्जिद के बाहर नमाज के बाद अचानक भीड़ बहुत तेजी से जुटी। इनमें कई नए चेहरे भी शामिल थे। ऐसे में इस बात की आशंका बेहद प्रबल है कि बवाल के लिए बाहरी लोगों को बुलाया गया। सूत्रों का कहना है कि नमाज से पहले खुल्दाबाद क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में बाइकसवार युवक भी पहुंचे थे। जिनके साथ इलाके का ही एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर देखा गया था।
बाद में यही बाइकसवार एक नाश्ते की दुकान पर भी देखे गए। ऐेसे में आशंका जताई जा रही है कि बवाल में शामिल बाहरी कहीं यही बाइकसवार तो नहीं थे, जिन्हें भाड़े पर बुलाया गया हो। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद अफसर पूरे बवाल के प्रायोजित होने की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैैं।