प्रयागराज हिंसा में नया खुलासा : भाड़े पर भी आए थे उपद्रवी, नाश्ते-पेट्रोल का था इंतजाम
बवाल के प्रायोजित होने संबंधी क्लू मिलने के बाद पुलिस व खुफिया एजेंसियाें ने फंडिंग के एंगल पर भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि उपद्रव के लिए कहीं से कोई रकम तो नहीं जुटाई गई। इस मामले में पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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जुमे के दिन अटाला में हुई हिंसा के बाबत एक दिन पहले तक यही बात सामने आई थी कि अगल-बगल के इलाकों से नमाज पढ़ने आए युवकों ने ही उपद्रव किया। लेकिन जांच पड़ताल में जुटी एजेंसियों को एक चौंकाने वाली जानकारी मिली है। वह यह है कि अटाला में बवाल कराने के लिए भाड़े पर भी उपद्रवियों को बुलाया गया था। इनके लिए न सिर्फ नाश्ते, बल्कि पेट्रोल का भी इंतजाम किया गया था। यह जानकारी सामने आने के बाद मामले में बाहरी फंडिंग के एंगल पर भी जांच शुरू हो गई है।
अटाला बवाल मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस दौरान कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आ रही हैं। दरअसल जांच के दौरान जानकारी की गई तो पता चला कि अटाला में यूं तो कई मस्जिदें हैं लेकिन यहां स्थित बड़ी मस्जिद व मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास स्थित मस्जिद में ही जुमे के दिन बड़ी संख्या में नमाजी जुटते हैं। अन्य मस्जिदों के मुकाबले यहां काफी ज्यादा भीड़ होती है। लेकिन 10 जून को जिस दिन अटाला में बवाल हुआ, खुल्दाबाद क्षेत्र में स्थित छोटी-बड़ी हर मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे।
पेट्रोल पंप पर देखी गई थी भारी भीड़
खासतौर से मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास स्थित मस्जिद के बाहर नमाज के बाद अचानक भीड़ बहुत तेजी से जुटी। इनमें कई नए चेहरे भी शामिल थे। ऐसे में इस बात की आशंका बेहद प्रबल है कि बवाल के लिए बाहरी लोगों को बुलाया गया। सूत्रों का कहना है कि नमाज से पहले खुल्दाबाद क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में बाइकसवार युवक भी पहुंचे थे। जिनके साथ इलाके का ही एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर देखा गया था।
बाद में यही बाइकसवार एक नाश्ते की दुकान पर भी देखे गए। ऐेसे में आशंका जताई जा रही है कि बवाल में शामिल बाहरी कहीं यही बाइकसवार तो नहीं थे, जिन्हें भाड़े पर बुलाया गया हो। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद अफसर पूरे बवाल के प्रायोजित होने की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैैं।
फंडिंग के एंगल से भी जांच में जुटीं एजेंसियां
सूत्रों का कहना है कि बवाल के प्रायोजित होने संबंधी क्लू मिलने के बाद पुलिस व खुफिया एजेंसियाें ने फंडिंग के एंगल पर भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि उपद्रव के लिए कहीं से कोई रकम तो नहीं जुटाई गई। इस मामले में पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। एक अफसर का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
बैंक खातों की भी खंगाली जाएगी डिटेल
फंडिंग के एंगल पर जांच शुरू होने के बाद अब पुलिस आरोपियों केबैंक अकाउंट की डिटेल भी खंगालने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि पहले मुख्य संदिग्धों, जिनमें मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद व अन्य नौ लोग शामिल हैं, उनके बैंक अकाउंट डिटेल को देखा जाएगा। पता लगाया जाएगा कि उनके खातों में पिछले कुछ समय से कोई अप्रत्याशित लेनदेन हुआ या नहीं। इसकी भी पड़ताल की जाएगी कि किन खातों से रकम आई या किन खातों में रकम भेजी गई। उपद्रव में नामजद व गिरफ्तार किए गए लोगों व इन मुख्य संदिग्धों के बीच किसी तरह के लेनदेन की बात सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।