प्रयागराज : गोशाला में घुसने वाली अनियंत्रित इनोवा आईएएस अफसर की निकली
अनियंत्रित इनोवा कार से गोवंशों के आश्रय स्थल को क्षति पहुंचाने और गोवंशों को घायल करने का मामला दो आला अफसरों के गले की फांस बन सकता है। शिकायत के बाद इस मामले की जांच के लिए गोवंश आश्रय स्थल संचालक धर्मेंद्र स्वामी को 11 मई को जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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तीन महीने पहले अरैल के गोवंश आश्रय स्थल में अनियंत्रित होकर घुसी इनोवा कार जिले में तैनात एक आईएएस अफसर की बताई जा रही है। इस हादसे में गोवंशों का आश्रय स्थल क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कार की चपेट में आने से घायल दो गोवंशों की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। गोशाला संचालक धर्मेद्र स्वामी की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ और डीएम संजय खत्री से शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू हो गई है।
अनियंत्रित इनोवा कार से गोवंशों के आश्रय स्थल को क्षति पहुंचाने और गोवंशों को घायल करने का मामला दो आला अफसरों के गले की फांस बन सकता है। शिकायत के बाद इस मामले की जांच के लिए गोवंश आश्रय स्थल संचालक धर्मेंद्र स्वामी को 11 मई को जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
यमुना पुल फूलमंडी से लगे अरैल मोड़ पर सात फरवरी की भोर में यह हादसा हुआ था। धर्मेंद्र स्वामी ने डीएम के अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में कहा है कि अनियंत्रित होकर आश्रय स्थल में घुसी इनोवा कार क्रमांक संख्या- यूपी 70 ईके 5999 को भोर में ही पुलिस क्रेन से उठाकर ले गई।
इनोवा के धक्के से नाद, बाड़ा, हैंडपंप क्षतिग्रस्त हो गया
उस इनोवा कार के धक्के से बाड़ा, नाद और हैंडपंप क्षतिग्रस्त होकर नष्ट हो गया। इस हादसे में एक गोवंश के पैर की हड्डी टूट गई दूसरा घायल हो गया। समुचित उपचार के अभाव में दोनों गोवंशों की मौत हो गई। शिकायत में कहा गया है कि बाद में पता चला कि वह इनोवा कार एक आईएएस अफसर की थी। उस कार में आईएएस अफसर के अलावा एक पीसीएस अधिकारी भी सवार थे। टक्कर के दौरान कार के कई पार्ट टूटकर आश्रय स्थल पर ही गिर गए थे।
हादसे की जानकारी के बाद पुलिस जब वहां पहुंची और पता चला कि इनोवा कार अफसर की है, तब आनन-फानन में उसे क्रेन से उठवाकर मरम्मत के लिए ले जाया गया। जबकि, दूसरी सरकारी इनोवा कार मंगाकर दोनों अफसरों को वहां से रवाना किया गया। इनोवा कार की वीडियोग्राफी कराए जाने की भी बात कही गई है। धर्मेंद्र स्वामी का कहना है कि उन्होंने अफसरों से क्षतिग्रस्त आश्रय स्थल की मरम्मत के लिए भी कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
गोवंश आश्रय स्थल में इनोवा कार घुसने के मामले में जांच कमेटी किसकी ओर से गठित की गई है, अभी वह इस पर कुछ कह नहीं सकते। इस मामले का वह पता करेंगे कि कब और कैसे हादसा हुआ था। इसकी जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। - संजय कुमार खत्री, जिलाधिकारी- प्रयागराज।