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प्रयागराजः किशोरी के पेट में घुसा दो फीट का डंडा, चिकित्सकों ने बचाया
Mon, 15 Jun 2020 01:08 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Jun 2020 01:08 AM IST
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prayagraj news: छत पर से गिरन के बाद किशोरी के पेट में घुसा डंडा। एसआरएन के चिकित्सकों ने आपरेशन कर बचाई जान।
- फोटो : prayagraj
धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने मौत की दहलीज पर पहुंच गई किशोरी को नई जिंदगी दे दी। किशोरी छत से गिर गई थी, इस दौरान दो फुट का डंडा उसके पेट के बाईं तरफ घुस गया और सीने को पार कर गया। गंभीर अवस्था में एसआरएन लाई गई चिकित्सकों ने घंटों आपरेशन कर डंडे को बाहर निकाल लिया। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल किशोरी की हालत स्थिर है और उसे सर्जरी इमरजेंसी में रखा गया है।
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चित्रकूट निवासी राममिलन की 15 वर्षीय पुत्री पार्वती देवी रविवार सुबह छह बजे छत से गिर गई। इस दौरान दो फुट का डंडा उसके पेट के बाईं तरफ से घुसते हुए सीने को पार कर गया। इससे उसकी जान पर बन आई। आननफानन में घर वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। लेकिन वहां से उसे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
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एसआरएन में उसका उपचार शुरू हुआ और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी की गई। वरिष्ठ सर्जन डॉ. अभिनव अग्रवाल के नेतृत्व में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉक्टर नीरज त्रिपाठी, डॉ. राहुल सिंह, एनेस्थेटिस्ट डॉ. धर्मेंद्र यादव, डॉ. विदुषी की टीम ने कई घंटे ऑपरेशन कर किशोरी के पेट से डंडा निकालकर उसकी जान बचाई। डॉ. अभिनव अग्रवाल ने बताया कि यह एक जटिल ऑपरेशन था।
ज्यादा देर होती तो किशोरी की मौत भी हो सकती थी। इस दौरान मरीज को बेहोश करना और वापस होश में लाना भी जटिल प्रक्रिया है। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत फिलहाल स्थिर है। उसे इमरजेंसी में रखकर निगरानी की जा रही है। मोती लाल नेहरू के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी है।
ज्यादा देर होती तो किशोरी की मौत भी हो सकती थी। इस दौरान मरीज को बेहोश करना और वापस होश में लाना भी जटिल प्रक्रिया है। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत फिलहाल स्थिर है। उसे इमरजेंसी में रखकर निगरानी की जा रही है। मोती लाल नेहरू के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी है।