Prayagraj Transport News : परमिट नियमों का उल्लंघन करते पकड़ी गईं 152 टूरिस्ट बसें
बीते एक सप्ताह के दौरान सीटों की क्षमता से अधिक सवारी बैठाने व बिना स्टेट परमिट के सवारी ढोते पाए जाने पर 152 बसों का चालान किया गया, जबकि आधा दर्जन बसों को टीम ने सीज कर दिया। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाली बसों में प्रति अतिरिक्त सवारी केआधार पर एक -एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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हाईवे पर टूरिस्ट बसें बगैर नियम कानून के धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। क्षमता के अधिक सवारी बैठाने के कारण ये बसें दुर्घटना का कारण बन जाती हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान बिहार से दिल्ली रूट पर चलने वाली ऐसी 152 बसों का चालान किया गया, जबकि छह बसों को सीज भी किया गया।
परमिट के नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों की धरपकड़ के लिए विगत 10 मई से अभियान शुरू किया गया है, जोकि 17 मई तक चलेगा। इसमें विशेष रूप से बिहार से दिल्ली जाने वाली टूरिस्ट बसों की हंडिया टोल प्लाजा पर निगरानी की जा रही है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने तीन टीमों का गठन किया है, जोकि टोल प्लाजा पर 24 घंटे आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में टूरिस्ट बसों की चेकिंग कर रही है।
बीते एक सप्ताह के दौरान सीटों की क्षमता से अधिक सवारी बैठाने व बिना स्टेट परमिट के सवारी ढोते पाए जाने पर 152 बसों का चालान किया गया, जबकि आधा दर्जन बसों को टीम ने सीज कर दिया। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाली बसों में प्रति अतिरिक्त सवारी केआधार पर एक -एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
उधर आरटीओ विभाग द्वारा 47 स्लीपर बसों की लिस्ट जारी की थी, जो कि प्रयागराज में पंजीकृत होने के बाद लापता थीं। तीन बार नोटिस जारी करने के बाद जब बसमालिकों ने कोई जवाब नहीं दिया तो आरटीओ ने इन बसों का रजिस्ट्रेशन निलंबित करते हुए 15 दिन की मोहलत देते हुए इनके मालिकों को नोटिस जारी किया। इसके बाद 20 बसों के मालिक आरटीओ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें मंगलवार को बस नंबर पर पंजीकृत मोबाइल नंबर केसाथ उपस्थित होने को कहा गया है।
क्या है नेशनल व टूरिस्ट परमिट
नेशनल व टूरिस्ट परमिट केअंतर्गत बसों को बुक करके सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जाता है। इन बसों में डग्गामारी नहीं की जा सकती है। किसी निर्धारित रूट पर फुटकर सवारी बस में बैठाने के लिए स्टेट परमिट बनाए जाने का प्रावधान है।
बिहार-दिल्ली रूट पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने व परमिट नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत मिली थी। पूरे प्रदेश में इस अभियान को चलाया जा रहा है। - अल्का शुक्ला, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), प्रयागराज