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प्रयागराजः बच्चे को नीचे फेंकने के बाद गला भी घोंटा था आरोपी ने
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नीचे फेंकने के बाद गला भी घोंटा था आरोपी ने
हैवानियत थी सवार, मासूम को तड़पते देख भी नहीं पसीजा दिल
मौत के बाद खंडहरनुमा भवन के कमरे में छिपा दिया था शव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के मुंडेरा में मासूम की हत्या करने के आरोपी के सिर पर हैवानियत सवार थी। पुलिस की मानें तो पूछताछ में उसने जो बताया, उसे सुनकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। बताया कि मासूम को टंकी से नीचे फेंकने के बाद उसने नीचे आकर उसका गला भी घोंटा था। इस दौरान वह लहूलुहान हालत में तड़पता रहा लेकिन इसके बाद भी उसे उस पर रहम नहीं आया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अशफाक मृतक बच्चे के परिजनों का दूर का रिश्तेदार है। बच्चे का पिता जियाउल्ला उसका नाना लगता है। आरोपी भी बिहार में उसी जगह का रहने वाला है जहां मृतक बच्चे के परिजनों का घर है। वर्तमान में वह धूमनगंज के गयासुद्दीनपुर में रहता था। परिवार का होने के कारण ही बच्चा भी उससे काफी घुला-मिला था। यही वजह थी कि जब रविवार दोपहर उसने उसे साथ चलने को कहा, तो वह झट से तैयार हो गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मासूम को 30 फीट उंची टंकी पर सीढ़ियों के सहारे यह कहकर ले गया कि ऊंचाई से पूरा मोहल्ला दिखाई देगा। जैसे ही वह ऊपर पहुंचा, आरोपी ने उसे धकेल दिया जिससे वह चीखते हुए नीचे जा गिरा। सिर के बल गिरने पर उसे गहरी चोट लगी और वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। इससे भी जी नहीं भरा तो आरोपी ने नीचे आकर उसका गला भी घोंट दिया। इस दौरान खून से लथपथ मासूम तड़पता रहा लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। इसके बाद मछली मंडी के पास बने खंडहरनुमा भवन के कमरे में शव फेंककर घर भाग निकला। उधर जब मासूम की खोजबीन करते हुए घरवाले पहुंचे तो उसने उसके बारे में कोई जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया।
चार दिन पहले साजिशन ले आया था मदरसे से
परिवारवालों ने पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने दिलकश को पिपरी स्थित काठगांव मदरसे में पढ़ने भेज दिया था। जहां से साजिशन अशफाक उसे अपने साथ ले आया था। पुलिस की मानें तो पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चार दिन पहले वह मदरसे से मासूम को यह कहकर अपने साथ ले आया था कि उसके पिता ने उसे बुलाया है। उधर यहां आकर बच्चे के परिजनों को बताया कि वह पिपरी की ओर काम से गया था। जहां मिलने पर दिलकश ने घर चलने की जिद की, तो वह उसे अपने साथ ले आया। घरवालों का कहना था कि उन्हें जरा भी अंदेशा नहीं था कि अशफाक मन ही मन इतनी बड़ी साजिश रच रहा है।
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हैवानियत थी सवार, मासूम को तड़पते देख भी नहीं पसीजा दिल
मौत के बाद खंडहरनुमा भवन के कमरे में छिपा दिया था शव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के मुंडेरा में मासूम की हत्या करने के आरोपी के सिर पर हैवानियत सवार थी। पुलिस की मानें तो पूछताछ में उसने जो बताया, उसे सुनकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। बताया कि मासूम को टंकी से नीचे फेंकने के बाद उसने नीचे आकर उसका गला भी घोंटा था। इस दौरान वह लहूलुहान हालत में तड़पता रहा लेकिन इसके बाद भी उसे उस पर रहम नहीं आया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अशफाक मृतक बच्चे के परिजनों का दूर का रिश्तेदार है। बच्चे का पिता जियाउल्ला उसका नाना लगता है। आरोपी भी बिहार में उसी जगह का रहने वाला है जहां मृतक बच्चे के परिजनों का घर है। वर्तमान में वह धूमनगंज के गयासुद्दीनपुर में रहता था। परिवार का होने के कारण ही बच्चा भी उससे काफी घुला-मिला था। यही वजह थी कि जब रविवार दोपहर उसने उसे साथ चलने को कहा, तो वह झट से तैयार हो गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मासूम को 30 फीट उंची टंकी पर सीढ़ियों के सहारे यह कहकर ले गया कि ऊंचाई से पूरा मोहल्ला दिखाई देगा। जैसे ही वह ऊपर पहुंचा, आरोपी ने उसे धकेल दिया जिससे वह चीखते हुए नीचे जा गिरा। सिर के बल गिरने पर उसे गहरी चोट लगी और वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। इससे भी जी नहीं भरा तो आरोपी ने नीचे आकर उसका गला भी घोंट दिया। इस दौरान खून से लथपथ मासूम तड़पता रहा लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। इसके बाद मछली मंडी के पास बने खंडहरनुमा भवन के कमरे में शव फेंककर घर भाग निकला। उधर जब मासूम की खोजबीन करते हुए घरवाले पहुंचे तो उसने उसके बारे में कोई जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया।
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चार दिन पहले साजिशन ले आया था मदरसे से
परिवारवालों ने पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने दिलकश को पिपरी स्थित काठगांव मदरसे में पढ़ने भेज दिया था। जहां से साजिशन अशफाक उसे अपने साथ ले आया था। पुलिस की मानें तो पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चार दिन पहले वह मदरसे से मासूम को यह कहकर अपने साथ ले आया था कि उसके पिता ने उसे बुलाया है। उधर यहां आकर बच्चे के परिजनों को बताया कि वह पिपरी की ओर काम से गया था। जहां मिलने पर दिलकश ने घर चलने की जिद की, तो वह उसे अपने साथ ले आया। घरवालों का कहना था कि उन्हें जरा भी अंदेशा नहीं था कि अशफाक मन ही मन इतनी बड़ी साजिश रच रहा है।
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