प्रयागराज : दुष्कर्म के बाद मारी गई छात्रा के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट में लिखा...
सलोरी में किराये के कमरे में रहकर बीए कर रही छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्याकर लाश कुएं में फेंक दी गई थी। तीन दिन पहले इस मामले में मृतका के दोस्त अमन सिंह व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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‘हम गरीब लोग हैं। सोचा था कि बेटी पढ़ लिखकर कुछ बन जाएगी लेकिन दरिंदों ने वह सपना भी तोड़ दिया। सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। हमारी हैसियत नहीं कि बेटी की लड़ाई लड़ सकें। लेकिन आपसे गुजारिश है कि वह सिर्फ हमारी नहीं, आप सबकी बेटी थी।
इसलिए हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं कि उसे इंसाफ दिलाएं।’ यह गुहार उस मां और पिता की है जिनकी बेटी को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। सोशल मीडिया पर की गई यह भावुक पोस्ट रविवार को दिन भर चर्चा का विषय बनी रही। जिस पर कई लोगों ने न सिर्फप्रतिक्रिया दी बल्कि बेटी को इंसाफ दिलाने की मुहिम में सहयोग का भी आश्वासन दिया है।
सलोरी में किराये के कमरे में रहकर बीए कर रही छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्याकर लाश कुएं में फेंक दी गई थी। तीन दिन पहले इस मामले में मृतका के दोस्त अमन सिंह व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब खुलासे के बाद भी पुलिस ढूढ़ नहीं सकी है।
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही पुलिस
पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है लेकिन परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दो दिन पहले उन्होंने कर्नलगंज थाने में पहुंचकर पुलिस पर कार्रवाई में हीलाहवाली का आरोप लगाया था। रविवार को मृतका के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो वायरल किया जिसके माध्यम से लोगों से गुहार लगाई कि वह बेटी को इंसाफ दिलाने में उनकी मदद करें।
वीडियो में वह यह कहते दिख रहे हैं कि मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस प्रशासन मामले को दबा रहा है। खेती करके हम अपनी बेटी को पढ़ा रहे थे। इसी उम्मीद के साथ कि पढ़लिख कर कुछ बनने के बाद बेटी हमारे बुढ़ापे का सहारा होगी। लेकिन दरिंदों ने सबकुछ खत्म कर दिया। हमारी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
हम हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि हमारी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लोग आगे आएं। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट जमकर वायरल हुई। ट्विटर पर सैकड़ों लोगों ने इसे रीट्वीट किया और बेटी को इंसाफ की मांग की। उधर फेसबुक पर भी वीडियो शेयर किया गया।
कौन थे आवाज लगाने वाले, सुराग नहीं
उधर घटनास्थल पर अमन के अलावा अन्य कौन लोग मौजूद थे, इस बारे में पुलिस खुलासे के तीन दिन बाद भी सुराग हासिल नहीं कर पाई है। दरअसल खुलासे के मुताबिक, छात्रा को कुएं में फेंकने से पहले ही किसी ने ‘कौन है, कौन है’ आवाज लगाई थी जिसे सुनकर ही अमन भाग निकला था।
खुलासे के दौरान पुलिस अफसरों ने कहा था कि पता लगाया जा रहा है कि आवाज लगाने वाले कौन थे। लेकिन फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है।