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प्रयागराजः डकैत आधे घंटे तक करते रहे तांडव, सोती रही पुलिस
Fri, 05 Apr 2019 01:40 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2019 01:40 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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मऊआइमा के सरायअलाउद्दीनपुर स्थित रिटायर स्वास्थ्यकर्मी के घर डकैत करीब आधे घंटे तक तांडव करते रहे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। घर की हालत उनकी दरिंदगी की कहानी बयां कर रही थी। छत पर जहां संविदाकर्मी की हत्या हुई, काफी मात्रा में खून बिखरा हुआ था। उधर दहशत ऐसी थी कि घंटे भर बाद भी महिलाएं दहशत के चलते कांपती रहीं।
इंद्रपाल करीब पांच साल पहले मऊआइमा पीएचसी से वॉर्ड ब्वॉय के पद से रिटायर हुए हैं। सत्येंद्र उनके तीन संतानों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा बेटा संदीप रेलवे में छत्तीसगढ़ में तैनात है। उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने आंख का ऑपरेशन कराया है और उन्हें देखने के लिए ही दो दिन पहले बहन चंपा देवी आई थी। बुधवार रात जिस वक्त डकैत घर में दाखिल हुए, पुष्पा, उनकी बेटी रेखा व बहन चंपा एक ही कमरे में सो रही थीं। हालात यह थे कि घटना के घंटे भर बाद भी महिलाएं दहशत कते चलते कुछ बोल नहीं पा रही थीं। उनके हाथ-पांव कांप रहे थे।
पुलिस अफसरों व परिजनों ने हिम्मत बंधाई तब वह कुछ बोलने की स्थिति में आईं। बताया कि छत पर क्या हुआ, नींद में होने के कारण इस बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं चला। नींद तब खुली जब दरवाजे पर ठोकर लगने की आवाजें आने लगीं। चार-पांच ठोकर के बाद ही दरवाजा टूट गया और अगले ही पल लाठी-डंडा व धारदार हथियार लिए पांच बदमाश कमरे में आ धमके। उन्होंने बड़े से पत्थर से दरवाजा तोड़ा था। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने चीखने की कोशिश की तो बदमाशों ने सबसे पहले पुष्पा के सिर पर डंडे से वार किया। इसके बाद पुष्पा व रेखा को भी पीटा और जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया।
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दहशत के चलते महिलाएं एक कोने में दुबक र्गईं जिसके बाद बदमाशों ने एक-एक करके आलमारी व बक्सों का ताला तोड़कर नगदी व गहने समेत अन्य सामान समेट लिए। इसके बाद वह गहने भी उतरवा लिए, जो महिलाओं ने पहन रखे थे। जाते वक्त महिलाओं को कमरे में बंद कर दरवाजा पर बाहर से सिटकनी लगा दी। यही नहीं घर के सामने रहने वाले किरायेदारों के कमरों में भी बाहर से सिटकनी लगा दी। महिलाओं का कहना है कि बदमाश करीब आधे घंटे तक घर में तांडव करते रहे। उधर घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। दरिंदगी की दास्तां सुन वह भी खौफजदा हो उठे।
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इंद्रपाल करीब पांच साल पहले मऊआइमा पीएचसी से वॉर्ड ब्वॉय के पद से रिटायर हुए हैं। सत्येंद्र उनके तीन संतानों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा बेटा संदीप रेलवे में छत्तीसगढ़ में तैनात है। उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने आंख का ऑपरेशन कराया है और उन्हें देखने के लिए ही दो दिन पहले बहन चंपा देवी आई थी। बुधवार रात जिस वक्त डकैत घर में दाखिल हुए, पुष्पा, उनकी बेटी रेखा व बहन चंपा एक ही कमरे में सो रही थीं। हालात यह थे कि घटना के घंटे भर बाद भी महिलाएं दहशत कते चलते कुछ बोल नहीं पा रही थीं। उनके हाथ-पांव कांप रहे थे।
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पुलिस अफसरों व परिजनों ने हिम्मत बंधाई तब वह कुछ बोलने की स्थिति में आईं। बताया कि छत पर क्या हुआ, नींद में होने के कारण इस बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं चला। नींद तब खुली जब दरवाजे पर ठोकर लगने की आवाजें आने लगीं। चार-पांच ठोकर के बाद ही दरवाजा टूट गया और अगले ही पल लाठी-डंडा व धारदार हथियार लिए पांच बदमाश कमरे में आ धमके। उन्होंने बड़े से पत्थर से दरवाजा तोड़ा था। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने चीखने की कोशिश की तो बदमाशों ने सबसे पहले पुष्पा के सिर पर डंडे से वार किया। इसके बाद पुष्पा व रेखा को भी पीटा और जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया।
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दहशत के चलते महिलाएं एक कोने में दुबक र्गईं जिसके बाद बदमाशों ने एक-एक करके आलमारी व बक्सों का ताला तोड़कर नगदी व गहने समेत अन्य सामान समेट लिए। इसके बाद वह गहने भी उतरवा लिए, जो महिलाओं ने पहन रखे थे। जाते वक्त महिलाओं को कमरे में बंद कर दरवाजा पर बाहर से सिटकनी लगा दी। यही नहीं घर के सामने रहने वाले किरायेदारों के कमरों में भी बाहर से सिटकनी लगा दी। महिलाओं का कहना है कि बदमाश करीब आधे घंटे तक घर में तांडव करते रहे। उधर घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। दरिंदगी की दास्तां सुन वह भी खौफजदा हो उठे।
मृतक व डकैतों के बीच हुआ था संघर्ष
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- फोटो : प्रयागराज
प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तब वह कमरे के बाहर आ सकीं। भागकर छत पर पहुंचने पर देखा कि सत्येंद्र का खून से लथपथ शव जमीन पर पड़ा था। उसके सिर के पिछले हिस्से में गहरे जख्म का निशान था और वहां काफी मात्रा में खून भी फैला हुआ था। पुलिस का कहना है कि मौके की हालत देखकर यह भी लग रहा है कि सत्येंद्र ने डकैतों से संघर्ष भी किया था।
बंजारों के घर आए युवकों की तलाश
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- फोटो : प्रयागराज
जांच पड़ताल के बाद पुलिस अब बंजारों के उन रिश्तेदार युवकों की तलाश में जुटी है जो कुछ दिनों पहले ही वहां आए थे। सूत्रों की मानें तो बंजारों की बस्ती में तीन दिन पहले एक शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए बाहर से करीब एक दर्जन रिश्तेदार भी आए थे। इनमें से पांच युवकों की गतिविधियां संदिग्ध थीं। पुलिस ने बंजारों से पूछताछ की लेकिन उनका कहना था कि शादी के बाद वह चले गए। हालांकि जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि युवक करीब एक हफ्ते पहले ही यहां आ गए थे। ऐसे में अब उनकी तलाश की जा रही है। बंजारों की बस्ती से उठाए गए लोगोें से उन्हीं युवकों के बारे में देर रात तक पूछताछ होती रही।
पुलिस अफसरों का कहना है कि वारदात के बाद घर में मौजूद रहीं महिलाओं ने बताया है कि पांच बदमाशों में से दो ही बदमाशों ने कच्छा-बनियान पहन रखा था। अन्य बदमाश पैंट व बनियान पहने हुए थे। ऐसे में एक आशंका यह भी है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाशों ने कच्छा-बनियान पहना हो। इस आशंका को इसलिए भी बल मिलता है कि आमतौर पर कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश वारदात को अंजाम देते वक्त्त चेहरा खुला रखते हैं। लेकिन इस घटना में डकैतों ने अपने चेहरों पर नकाब बांध रखा था।
पुलिस हर एंगल को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रही है। इलाके के संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
-अमित कुमार श्रीवास्तव, सीओ सोरांव
पुलिस अफसरों का कहना है कि वारदात के बाद घर में मौजूद रहीं महिलाओं ने बताया है कि पांच बदमाशों में से दो ही बदमाशों ने कच्छा-बनियान पहन रखा था। अन्य बदमाश पैंट व बनियान पहने हुए थे। ऐसे में एक आशंका यह भी है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाशों ने कच्छा-बनियान पहना हो। इस आशंका को इसलिए भी बल मिलता है कि आमतौर पर कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश वारदात को अंजाम देते वक्त्त चेहरा खुला रखते हैं। लेकिन इस घटना में डकैतों ने अपने चेहरों पर नकाब बांध रखा था।
पुलिस हर एंगल को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रही है। इलाके के संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
-अमित कुमार श्रीवास्तव, सीओ सोरांव