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प्रयागराजः सुहाना हुआ मौसम तो बरसेंगे वोट
Sun, 12 May 2019 03:09 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 12 May 2019 03:09 AM IST
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मतदान (सांकेतिक तस्वीर)
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रविवार को मौसम कूल-कूल होने के आसार हैं। शनिवार को पूर्वानुमान के मुताबिक बादलों की धमाचकौड़ी से दस दिन से बढ़ी तपन से कुछ राहत मिली। बदरी और बूंदाबांदी का असर रहा कि पारा 46.8 डिग्री से 4.4 डिग्री लुढ़ककर 42.4 सेल्सियस पर आ टिका। हवा की रफ्तार तो बढ़ी लेकिन नमी का स्तर कुछ ऊपर उठा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले तीन दिन तक मौसमी उठापटक के संकेत मिल रहे हैं। धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं। ऐसे में मौसम सुहाना हुआ तो वोट प्रतिशत बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
शनिवार को न्यूनतम पारा भी दो करीब दो डिग्री कम होकर 28.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। एक दिन पहले सूबे में सबसे गर्म जिला बना प्रयागराज तपन के लिहाज से पिछड़ते हुए लोगों को राहत दे गया। आर्द्रता का स्तर 26/9 प्रतिशत से बढ़कर 37/15 प्रतिशत पर आ गया। यहीं बादलों के डेरा जमाने और बूंदाबांदी का कारण बना। मौसम के करवट लेने की शुरूआत बूंदाबांदी से हुई। दोपहर में कई स्थानों पर बौछारें पड़ीं।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गर्मी के बावजूद इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में 53.44 प्रतिशत रहा वहीं फूलपुर संसदीय क्षेत्र में 50.20 प्रतिशत था। वहीं इससे पहले हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत बेहद कम रहा। सियासी जानकारों का मानना है कि यदि तपिश कम हुई तो पिछली बार की अपेक्षा इस बार अधिक वोटर मतदान करने बूथों तक पहुंचेंगे, जिसके पूरे आसार दिख रहे हैं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक हर दिन तपिश का बढ़ता क्रम मौसम बदलने का संकेत दे रहा था। 11से 13 मई तक ऊष्ण चक्रवात के प्रभाव से धूल भरी आंधी और गरज चमक के साथ बारिश के आसार बने हैं। रविवार को अचानक मौसम बदल सकता है, लेकिन इससे गर्मी से फौरी राहत मिलेगी। अभी हमें भीषण सूखी गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।
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शनिवार को न्यूनतम पारा भी दो करीब दो डिग्री कम होकर 28.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। एक दिन पहले सूबे में सबसे गर्म जिला बना प्रयागराज तपन के लिहाज से पिछड़ते हुए लोगों को राहत दे गया। आर्द्रता का स्तर 26/9 प्रतिशत से बढ़कर 37/15 प्रतिशत पर आ गया। यहीं बादलों के डेरा जमाने और बूंदाबांदी का कारण बना। मौसम के करवट लेने की शुरूआत बूंदाबांदी से हुई। दोपहर में कई स्थानों पर बौछारें पड़ीं।
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वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गर्मी के बावजूद इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में 53.44 प्रतिशत रहा वहीं फूलपुर संसदीय क्षेत्र में 50.20 प्रतिशत था। वहीं इससे पहले हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत बेहद कम रहा। सियासी जानकारों का मानना है कि यदि तपिश कम हुई तो पिछली बार की अपेक्षा इस बार अधिक वोटर मतदान करने बूथों तक पहुंचेंगे, जिसके पूरे आसार दिख रहे हैं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक हर दिन तपिश का बढ़ता क्रम मौसम बदलने का संकेत दे रहा था। 11से 13 मई तक ऊष्ण चक्रवात के प्रभाव से धूल भरी आंधी और गरज चमक के साथ बारिश के आसार बने हैं। रविवार को अचानक मौसम बदल सकता है, लेकिन इससे गर्मी से फौरी राहत मिलेगी। अभी हमें भीषण सूखी गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।
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