{"_id":"5c8aa7e0bdec2213f10dd2f6","slug":"prayagraj-rs-15-lakh-implant-kit-from-srn-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः एसआरएन अस्पताल से 15 लाख की इम्प्लांट किट चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः एसआरएन अस्पताल से 15 लाख की इम्प्लांट किट चोरी
Fri, 15 Mar 2019 12:43 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 15 Mar 2019 12:43 AM IST
विज्ञापन
पीजीआई में मरीज को महंगा पड़ता है घुटना ट्रांसप्लांट
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने एसआरएन अस्पताल से 15 लाख रुपये कीमत की आर्थोपेडिक इंप्लांट किट चोरी कर ली। घटना आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो स्थित रेजीडेंट रूम में हुई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस मामले में एक संविदाकर्मी को हिरासत में ले लिया है।
अल्लापुर निवासी वीरेन्द्र कुमार सिंह आर्थोपैडिक इम्प्लान्ट एवं सर्जिकल पार्ट्स आपूर्ति करने वाली कंपनी के कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एसआरएन अस्पताल के डॉ. सचिन यादव ने इम्पोर्टेड आर्थोपेडिक इम्प्लान्ट किट मंगवाई थी, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। 12 मार्च को यह किट आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो स्थित रेजीडेंट कक्ष में में डॉ. विजय को बताकर रख दी थी।
अगले दिन यह किट गायब मिली। अस्पताल में लगा सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो कुछ लोग किट को चोरी करके ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। इस सूचना के बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने फुटेज में दिख रहे लोगों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि इसमें से एक स्वास्थ्य विभाग में तैनात संविदा कर्मचारी है। सूत्रों की मानें तो उसने ही अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि कोतवाली इंस्पेक्टर बच्चेलाल इससे इंकार करते रहे। उनका कहना है कि जांच की जा रही है। वैसे एक बड़ा सवाल यह भी है कि अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी होने के बावजूद चोर आखिर कैसे इंप्लांट किट ले जाने में सफल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्लापुर निवासी वीरेन्द्र कुमार सिंह आर्थोपैडिक इम्प्लान्ट एवं सर्जिकल पार्ट्स आपूर्ति करने वाली कंपनी के कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एसआरएन अस्पताल के डॉ. सचिन यादव ने इम्पोर्टेड आर्थोपेडिक इम्प्लान्ट किट मंगवाई थी, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। 12 मार्च को यह किट आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो स्थित रेजीडेंट कक्ष में में डॉ. विजय को बताकर रख दी थी।
विज्ञापन
अगले दिन यह किट गायब मिली। अस्पताल में लगा सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो कुछ लोग किट को चोरी करके ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। इस सूचना के बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने फुटेज में दिख रहे लोगों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि इसमें से एक स्वास्थ्य विभाग में तैनात संविदा कर्मचारी है। सूत्रों की मानें तो उसने ही अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि कोतवाली इंस्पेक्टर बच्चेलाल इससे इंकार करते रहे। उनका कहना है कि जांच की जा रही है। वैसे एक बड़ा सवाल यह भी है कि अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी होने के बावजूद चोर आखिर कैसे इंप्लांट किट ले जाने में सफल हुए।
विज्ञापन