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प्रयागराजः रवि ने उड़ाया था एटीएम कैश वैन से डेढ़ करोड़ रुपयों से भरा बक्सा, विनोथ निकला मास्टरमाइंड

Sun, 03 Nov 2019 03:50 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Nov 2019 03:50 AM IST
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Prayagraj: Ravi had thrown a box full of one and a half crores of rupees,
crime news - फोटो : प्रयागराज
जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में कैशवैन से डेढ़ करोड़ रुपये चोरी की वारदात तमिलनाडू के त्रिचुरापल्ली जिले के चोर गिरोह ने अंजाम दी थी। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा है जिनमें से एक घटना के दौरान मौकेपर मौजूद था। इनसे पता चला है कि कैशवैन से डेढ़ करोड़ रुपयों भरा बक्सा उड़ाने वाला रवि है जबकि गिरोह का सरगना विनोथ है जो नगदी लेकर फरार है।
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जंक्शन पर तीन अक्तूबर को हुई इस वारदात के बाद जिले भर में सनसनी फैल गई थी। पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगा था जिसमें कैशवैन से बक्सा उड़ाने वाले बदमाशों की तस्वीरें कैद हुई थीं। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि पिछले साल वाराणसी केलंका व मुगलसराय में भी ऐसी ही वारदात हुई थी। वाराणसी पुलिस से संपर्क करने पर जानकारी हुई कि वहां हुई वारदात में तमिलनाडु के त्रिचुरापल्ली जिले के शातिर चोर गिरोह का हाथ था। जिसके बाद पुलिस की एक टीम ने तमिलनाडु पहुंचकर वहां की पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि जंक्शन पर हुई घटना में भी यही गिरोह शामिल था।
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सूत्रों की मानें तो जिला पुलिस की टीम ने तमिलनाडु पुलिस को जंक्शन पर हुई घटना की सीसीटीवी फुटेज दिखाई तो उसे गिरोह के सदस्यों के नाम पता चले। जिसके बाद टीम ने तमिलनाडु पुलिस की मदद से उनके घरों पर दबिश दी। इस दौरान सभी सदस्य फरार मिले। इसके बाद कई दिनों तक वहीं रहकर टीम सुरागरशी में जुटी रही जिसमें जानकारी मिली कि गिरोह का एक सदस्य आदी, अपनी एक  महिला दोस्त से मिलने वहां आता रहता है। इसके बाद पुलिस ने सटीक मुखबिरी पर आदी को हिरासत में ले लिया। शहर लाकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गिरोह ने किस तरह इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। 
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बताया, मैं ही था रवि के पीछे दौड़ रहा युवक
सूत्रों केमुताबिक, पकड़े गए आदी ने बताया कि घटना वाले दिन वह लोग वाराणसी से शहर आए थे। इससे पहले उन्होंने एक होटल में खाना खाया और फिर सिविल लाइंस पहुंच गए। यहां होटल पोलोमैक्स केबाहर खड़ी कैशवैन, जिसकेआसपास कोई मौजूद नहीं था, से नगदी भरा बक्सा उड़ाने की तैयारी की।  हालांकि उन्होंने यह नहीं सोचा था कि बक्से में इतनी ज्यादा रकम होगी। पूछताछ में आदी ने बताया कि गिरोह केसरगना विनोथ व अन्य लोगों ने टिकट काउंटर पूछने केबहाने कैशवैन केड्राइवर को अपनी बातों में उलझाया। उधर एक अन्य साथी रवि ने इतनी ही देर में ड्राइवर सीट की ओर से बक्सा उड़ा दिया। फुटेज देखकर आदी ने बताया कि कैशवैन से उड़ाने केबाद बक्सा लेकर जा रहे रवि केपीछे दौड़कर पहुंचने वाला वह ही था और उसने ही फिर बक्से को डीआरएम आवास केबगल स्थित सकरे गेट केपार पहुंचाने में रवि की मदद की, जिसकेबाद उसकेअन्य साथी भी पीछे से वहां पहुंच जाते है। 

नौ बदमाश थे शामिल, महिलाएं भी हैं गिरोह की मददगार
सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए आदी ने पूछताछ में बताया कि वारदात में गिरोह के कुल नौ सदस्य शामिल थे। जिनमें उसके साथ रवि व विनोथ के अलावा सुभान व अन्य लोग शामिल थे। यह भी बताया कि गिरोह की मददगार कुछ महिलाएं भी हैं। पूछताछ में ही वारदात में शामिल एक सदस्य की पत्नी सिल्वा केबारे में पता चला। जिसके बाद पुलिस उसे भी हिरासत में लेकर शहर लाई। सूत्रों की मानें तो उसके पास चोरी की रकम में से कुछ पैसे मिले हैं लेकिन अब तक हुई पूछताछ में उसने अपने पति केबारे में कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी है। आदी ने यह भी बताया कि चोरी की गई रकम में से कुछ पैसे साथियों में बांटने के बाद विनोथ बाकी की अधिकाशं रकम लेकर विनोथ फरार हो गया। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका।

स्कूल वैन से सहसों, फिर रोडवेज से गए वाराणसी
सूत्रों के मुताबिक आदी ने पूछताछ में यह भी बताया है कि टेंपो से फाफामऊ तक पहुंचने केबाद वह और उसके साथी स्कूल वैन से सहसों तक पहुंचे। फाफामऊ में स्कूल वैन बुक कर उन्होंने चालक से कहा कि वह उन्हें वाराणसी पहुंचा दे। हालांकि सहसों केपास रोडवेज बस दिखने पर वह वैन से उतरकर उसमें सवार हो गए। इसकेबाद रोडवेज बस से ही वाराणसी पहुंचने केबाद वह ट्रेन से तमिलनाडु पहुंचे जिसकेबाद सभी अलग-अलग हो गए। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि वाराणसी व मुगलसराय में कैशवैन लूटने की वारदात में भी उसकेही गिरोह का हाथ था।

रकम बरामदगी है बड़ी चुनौती
पुलिस सूत्रों का कहना है कि वारदात में शामिल चोर गिरोह केसभी सदस्यों को चिहिनत कर लिया गया है और उनके हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती रकम बरामदगी की है जिसकी वजह से ही अब तक मामले का खुलासा नहीं किया जा सका है। गिरोह केसरगना विनोथ केपकड़ेजाने के बाद ही रकम केबारे में कुछ पता चल सकता है। हालांकि हर बीतते दिन केसाथ पूरी रकम की बरामदगी की संभावना भी बेहद कम होती जा रही है।  


1.52 करोड़ रुपये हुए थे चोरी
मामले में कस्टोडियन अशोक त्रिपाठी की ओर से सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर चार अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसने बताया कि बक्से में कुल 1.52 करोड़ रुपये थे जो चोरी हुए। सुबह 11.30 बजे वह अपने साथी कस्टोडियन बलराम चौधरी निवासी धार मप्र, गनर अजय दुबे निवासी कैंट व ड्राइवर राजकुमार मिश्रा निवासी जयंतीपुर धूमनगंज के साथ एसबीआई मुख्य शाखा से 2.30 करोड़ रुपये लेकर निकला था। सुभाष चौराहा स्थित यूनियन बैंक, बम्हरौली एयरफोर्स, एजी ऑफिस और फिर बिग बाजार के सामने स्थित एटीएम में नगदी डालने के बाद सभी जंक्शन स्थित पोलो मैक्स होटल के बगल स्थित एसबीआई एटीएम में नगदी डालने पहुंचे। यहां रुपये भरने के बाद प्लेटफार्म एक पर स्थित एटीएम पर पहुंचे तभी पता चला कि कैशवैन में रखा 1.52 करोड़ नगदी भरा बक्सा गायब था। 
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