Prayagraj : कुंभ से पहले श्रद्धालुओं को संगम के हवाई दर्शन कराने की तैयारी, हेलीपोर्ट पर होंगी कई सुविधाएं
यमुना तट पर बोट क्लब के पास प्रस्तावित हेलीपोर्ट के लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे। संगम के पास बनने वाला हेलीपोर्ट प्रदेश का पहला हेलीपोर्ट होगा।
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देश विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को संगम के हवाई दर्शन कराने की कवायद तेज हो गई है। वर्ष 2025 में आयोजित होने वाले कुंभ से पहले ही हेली दर्शन योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए यमुना तट पर सभी सुविधाओं से युक्त हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। हेलीपोर्ट के अलावा झूंसी और अरैल में दो स्थायी हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।
यमुना तट पर बोट क्लब के पास प्रस्तावित हेलीपोर्ट के लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे। संगम के पास बनने वाला यह हेलीपोर्ट प्रदेश का पहला हेलीपोर्ट होगा। इस हेलीपोर्ट पर तीन हेलिकॉप्टरों की एक साथ लैंडिंग हो सकेगी और साथ ही उड़ान भी भर सकेंगे। हेलिकॉप्टर से श्रद्धालु संगम के अलावा अक्षयवट, सरस्वती कूप और समुद्र कूप के दर्शन कर सकेंगे। हेलीपोर्ट पर श्रद्धालुओं के लिए वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त टिकट विंडो, फायर टेंडर की सुविधा होगी।
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी रहेगी एंबुलेंस
श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस भी तैनात की जाएगी। पर्यटन विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कराया गया है। हेलीपोर्ट के अलावा अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। झूंसी थाने के पीछे आवास विकास की जमीन पर तथा अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास हेलीपैड बनाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के कुंभ में भी सरकार ने यह योजना बनाई थी। इस पर पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई थी, लेकिन हेलीपोर्ट का निर्माण अधर में लटक गया था।
क्या है हेलीपोर्ट
हेलीपैड पर एक समय में एक ही हेलीकॉप्टर लैंड कर सकता है। लेकिन, हेलीपोर्ट पर एक साथ कई हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई जा सकती है। एयरफोर्स में कई स्थानों पर हेलीपोर्ट है। इसी तरह यमुना तट पर प्रयागराज में संगम की हवाई सैर के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा।