प्रयागराज : पीएम मोदी के मिशन रफ्तार को तेजी देगा निरंजन पुल का काम, रामबाग तक हो रहा दोहरीकरण
मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-हावड़ा रूट पर वर्ष 2024 के अंत तक ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा करने का लक्ष्य है। इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा प्रयागराज जंक्शन का यार्ड है।
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निरंजन पुल पर बिछाया जा रहा रेल ट्रैक पीएम मोदी के मिशन रफ्तार को तेजी देने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रयागराज रामबाग से जंक्शन तक किया जा रहा दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद प्रयागराज जंक्शन से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता का रेल संपर्क जहां पहले के मुकाबले और सुगम हो जाएगा, वहीं वाराणसी, अयोध्या एवं लखनऊ की तरफ जाने वाली ट्रेनें भी नहीं फंसेंगी।
दरअसल, मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-हावड़ा रूट पर वर्ष 2024 के अंत तक ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा करने का लक्ष्य है। इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा प्रयागराज जंक्शन का यार्ड है। फिलहाल यार्ड की रिमॉडलिंग का काम निरंजन पुल पर ट्रैक बिछाए जाने के साथ शुरू हो गया है। रेलवे अफसरों का कहना है कि प्रयागराज जंक्शन की रिमॉडलिंग का कार्य कुुल 9.6 करोड़ रुपये से होना है।
इसी प्रमुख कार्य के तहत निरंजन रेल पुल पर अतिरिक्त ट्रैक बिछाने हैं। मौजूदा समय में रामबाग, लखनऊ रूट से आने वाली ट्रेनें अमूमन आउटर में रोकनी पड़ती हैं। अब यार्ड की रिमॉडलिंग, दो नए प्लेटफार्म का निर्माण और निरंजन पुल पर अतिरिक्त रेल लाइन बिछाए जाने के बाद आउटर पर ट्रेनें नहीं फंसेंगी। साथ ही जिन ट्रेनों के इंजन यहां बदले जाते हैं उनकी शंटिंग भी आसानी से हो सकेगी।
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि प्रयागराज जंक्शन का यार्ड देश के व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है। महाकुंभ से पहले यहां के यार्ड की रिमॉडलिंग जरूरी है, ताकि कुंभ के दौरान ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों का सुगम संचालन हो सके। इसी वजह से निरंजन रेल पुल पर अतिरिक्त रेल ट्रैक बिछाने के साथ ही जंक्शन के यार्ड की रिमॉडलिंग का कार्य शुरू किया गया है।