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प्रयागराज : खनन से बने तालाब में राख भरने की दे दी अनुमति, जांच का आदेश
Thu, 28 Jul 2022 09:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 28 Jul 2022 09:34 PM IST
सार
बारा के पुरा बैजनाथ गांव के पास स्थित पहाड़ी में करीब साढ़े पांच एकड़ में गिट्टी खनन का पट्टा दिया गया था। खनन के बाद वहां बड़ा तालाब बन गया। इसकी गहराई भी 30 से 35 फीट बताई जा रही है। इस बीच खनन विभाग ने उस तालाब में पॉवर प्लांट की राख भरे जाने की अनुमति दे दी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अफसरों ने पत्थर खनन से बने तालाब में ही पॉवर प्लांट की राख भरने की अनुमति दे दी। इससे भूजल तथा वायु प्रदूषण का खतरा बन गया। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद राख भंडारण पर रोक लगा दी गई है। एनजीटी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण तथा प्रदूषण नियत्रंण विभाग को जांच का भी आदेश दिया है।
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बारा के पुरा बैजनाथ गांव के पास स्थित पहाड़ी में करीब साढ़े पांच एकड़ में गिट्टी खनन का पट्टा दिया गया था। खनन के बाद वहां बड़ा तालाब बन गया। इसकी गहराई भी 30 से 35 फीट बताई जा रही है। इस बीच खनन विभाग ने उस तालाब में पॉवर प्लांट की राख भरे जाने की अनुमति दे दी। चूंकि, तालाब गहरा है और उसमें पानी भरा रहता है। ऐसे में खतरनाक रसायनों वाली राख भरे जाने से आसपास के क्षेत्रों में भूजल को भी खतरा बन गया।
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इसके अलावा राख से वायु प्रदूषण का भी खतरा बन गया। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत एनजीटी से की। इसे गंभीरता से लेते हुए एनजीटी के निर्देश पर केंद्रीय वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन विभाग के उप निदेशक की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई। इसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं स्थानीय अफसरों को भी शामिल किया गया।
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टीम ने जांच शुरू कर दी है। वहीं एनजीटी में शिकायत के बाद खनन विभाग ने भी तालाब में राख भंडारण पर रोक लगा दी। वरिष्ठ खान अधिकार केके राय का कहना है कि गढ्ढे से पानी निकाले बगैर ही राख भरे जाने की शिकायत हुई है। शिकायत के बाद इस पर रोक लगा दी गई है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट तथा एनजीटी के आदेश के क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी।