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Prayagraj: अब पुरुषोत्तम ट्रेन के 160 से ज्यादा मुसाफिर संदिग्ध
Mon, 06 Apr 2020 12:29 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 Apr 2020 12:29 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : Prayagraj
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प्रयागराज में पहला कोरोना पॉजीटिव केस आने के बाद अब 21 मार्च की रात नई दिल्ली से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में सफर करने वाले 160 से ज्यादा मुसाफिर कोराना संदिग्ध बन गए हैं। जिला प्रशासन ने 21 मार्च की रात नई दिल्ली से चली इस ट्रेन के सभी यात्रियों की सूची रेलवे से रविवार को तलब की। रेलवे ने भी बिना देरी किए बगैर 1633 आरक्षित यात्रियों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी है।
पिछले माह 21 मार्च की रात नई दिल्ली से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में चढ़ने के बाद अगले दिन रविवार सुबह प्रयागराज जंक्शन उतरने वाले इंडोनेशिया के एक नागरिक की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट रविवार को पॉजीटिव आई है। इंडोनेशिया के इन नागरिकों को बिहार के गया शहर जाना था लेकिन, सभी प्रयागराज में ही 22 मार्च की सुबह उतर गए थे।
इनकी जानकारी होने पर जिला प्रशासन ने इन विदेशी नागरिकों की कोरोना जांच करवाई तो एक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। पॉजीटिव रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन के अफसर सक्रिय हो गए। क्योंकि 22 मार्च की सुबह इस ट्रेन से इन विदेशी नागरिकों के अलावा विभिन्न कोच से कुल 35 अन्य आरक्षित टिकट वाले यात्री प्रयागराज जंक्शन उतरे थे। इसमें सात यात्री एस-5 कोच से एवं एक यात्री एस-3 कोच के ही थे।
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दरअसल इन्हीं दोनों कोच से ही इंडोनेशया के भी नागरिक उतरे थे। इस दौरान संबंधित तिथि पर यहां से ट्रेन में आरक्षित टिकट लेकर चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या 37 रही। इसमें भी सर्वाधिक 17 यात्री एस-5 कोच में ही चढ़े। जबकि एस-3 कोच में भी एक यात्री यहां से चढ़ा। इस तरह से इन दोनों ही कोचों की सभी 80-80 बर्थ भरी रही। यानी, इन दोनों ही कोच के 160 यात्री अब कोरोना संदिग्ध के घेरे में आ गए हैं। जिला प्रशासन भी संबंधित यात्रियों तक जल्द से जल्द पहुंचना चाह रहा है। ताकि अगर विदेशी नागरिकों से किसी यात्री को संक्रमण हुआ है तो उसका समय रहते इलाज हो सके।
हालांकि रेलवे की ओर से उपलब्ध कराए गए चार्ट में कुछ यात्रियों के फोन नंबर नहीं है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती रहेगी कि वह ट्रेन के यात्रियों को कैसे ढूंढे। बताया जा रहा है कि एस-2, एस-4 एवं एस-6 कोच के यात्रियों को भी प्रशासन संदिग्ध मान सकता है। इस बारे में एडीआरएम अनुराग गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन को रेलवे की ओर से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के सभी 1633 यात्रियों की सूची सौँप दी गई है।
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पिछले माह 21 मार्च की रात नई दिल्ली से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में चढ़ने के बाद अगले दिन रविवार सुबह प्रयागराज जंक्शन उतरने वाले इंडोनेशिया के एक नागरिक की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट रविवार को पॉजीटिव आई है। इंडोनेशिया के इन नागरिकों को बिहार के गया शहर जाना था लेकिन, सभी प्रयागराज में ही 22 मार्च की सुबह उतर गए थे।
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इनकी जानकारी होने पर जिला प्रशासन ने इन विदेशी नागरिकों की कोरोना जांच करवाई तो एक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। पॉजीटिव रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन के अफसर सक्रिय हो गए। क्योंकि 22 मार्च की सुबह इस ट्रेन से इन विदेशी नागरिकों के अलावा विभिन्न कोच से कुल 35 अन्य आरक्षित टिकट वाले यात्री प्रयागराज जंक्शन उतरे थे। इसमें सात यात्री एस-5 कोच से एवं एक यात्री एस-3 कोच के ही थे।
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दरअसल इन्हीं दोनों कोच से ही इंडोनेशया के भी नागरिक उतरे थे। इस दौरान संबंधित तिथि पर यहां से ट्रेन में आरक्षित टिकट लेकर चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या 37 रही। इसमें भी सर्वाधिक 17 यात्री एस-5 कोच में ही चढ़े। जबकि एस-3 कोच में भी एक यात्री यहां से चढ़ा। इस तरह से इन दोनों ही कोचों की सभी 80-80 बर्थ भरी रही। यानी, इन दोनों ही कोच के 160 यात्री अब कोरोना संदिग्ध के घेरे में आ गए हैं। जिला प्रशासन भी संबंधित यात्रियों तक जल्द से जल्द पहुंचना चाह रहा है। ताकि अगर विदेशी नागरिकों से किसी यात्री को संक्रमण हुआ है तो उसका समय रहते इलाज हो सके।
हालांकि रेलवे की ओर से उपलब्ध कराए गए चार्ट में कुछ यात्रियों के फोन नंबर नहीं है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती रहेगी कि वह ट्रेन के यात्रियों को कैसे ढूंढे। बताया जा रहा है कि एस-2, एस-4 एवं एस-6 कोच के यात्रियों को भी प्रशासन संदिग्ध मान सकता है। इस बारे में एडीआरएम अनुराग गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन को रेलवे की ओर से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के सभी 1633 यात्रियों की सूची सौँप दी गई है।