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Prayagraj News : अब नॉन-गजटेड कर्मचारी भी देंगे संपत्ति का ब्योरा, रेलवे बोर्ड ने जारी किया निर्देश
Sat, 07 Mar 2026 03:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Mar 2026 03:49 PM IST
सार
भारतीय रेलवे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए रेलवे बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे के उन सभी नॉन-गजटेड (अराजपत्रित) कर्मचारियों को अचल संपत्ति का वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा, जो अब तक इस दायरे से बाहर समझे जाते थे।
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संपत्ति का ब्योरा।
- फोटो : एआई।
विस्तार
भारतीय रेलवे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए रेलवे बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे के उन सभी नॉन-गजटेड (अराजपत्रित) कर्मचारियों को अचल संपत्ति का वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा, जो अब तक इस दायरे से बाहर समझे जाते थे। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं।
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रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश (आरबीई 19/2026) के अनुसार, ग्रुप सी के ऐसे कर्मचारी जिनका ग्रेड पे 4600 रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अपनी और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। इसमें विरासत में मिली संपत्ति, खुद खरीदी गई या लीज/मॉर्टगेज पर ली गई संपत्ति की जानकारी शामिल है। इस आदेश में केवल सुपरवाइजर ही नहीं, बल्कि पब्लिक डीलिंग वाले कॉमर्शियल स्टाफ को भी शामिल किया गया है। इसके तहत रिजर्वेशन क्लर्क, पार्सल क्लर्क, बुकिंग क्लर्क, टीटीई और टीसी को भी अपनी संपत्ति का विवरण देना होगा।
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रेलवे बोर्ड की निदेशक (स्थापना) प्रिया गोपाल कृष्णन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संपत्ति विवरण जमा करने के नियमों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कर्मचारियों से अचल संपत्ति रिटर्न तय प्रारूप में जमा कराना सुनिश्चित करें। बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि रेलवे बोर्ड के निर्देश का जोन में पूरी तरह पालन होगा। इससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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