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बिना शुरू हुए बंद हुआ खनन
Mon, 06 Jul 2020 11:35 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 Jul 2020 11:35 PM IST
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बालू निकालती पोकलैंड मशीन
- फोटो : अमर उजाला
जिले में बालू को लेकर गंभीर संकट बना हुआ है। इसकी वजह से घर का सपना महंगा हो गया है। इसके पीछे मुख्य कारण इस वर्ष बालू का खनन नहीं होना है। मुश्किल यह कि एक जुलाई से खनन पर रोक लग गई है। ऐसे में निर्माण कार्य सीज बालू के भरोसे है।
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जिले में अलग-अलग कारणों से बालू खनन के ज्यादातर लाइसेंस निरस्त रहे। सिर्फ दो स्थानों पर खनन की अनुमति रही। फीस जमा नहीं होने की वजह से इसमें से भी एक स्थान पर लंबे समय तक खनन प्रतिबंधित रहा।
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ऐसे में बालू का भाव अपने शीर्ष पर है। अब बारिश में बालू खनन पर रोक लगने के बाद जब्त बालू की नीलामी की कवायद शुरू की गई है। चौंकाने वाली बात यह कि पहले चरण में इसके लिए भी व्यापारी आगे नहीं आए। चार स्थानों पर सीज करीब 50 हजार घनमीटर बालू की नीलामी की फिर से कवायद शुरू की गई है। वरिष्ठ खान अधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही बालू की नीलामी होगी।
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अक्तूबर के बाद राहत की उम्मीद
जिले में सात जगहों से बालू खनन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 12 अन्य क्षेत्रों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। अब बालू खनन एक अक्तूबर से शुरू होगा। माना जा रहा है कि इन 19 क्षेत्रों के लिए पट्टा आवंटन तथा पर्यावरण समेत अन्य विभागों से अनापत्ति पत्र लेने की प्रक्रिया तब तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद इन घाटों से भी बालू खनन शुरू हो सकेगा।