फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj News Mahe Moharram's moon is seen know covid-19 guidelines how to celebrate

Prayagraj News: माहे मोहर्रम का चांद दिखा, पर ऐसे करनी होगी इबादत

Fri, 21 Aug 2020 09:48 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 21 Aug 2020 09:48 AM IST
विज्ञापन
Prayagraj News Mahe Moharram's moon is seen know covid-19 guidelines how to celebrate
prayagraj news - फोटो : prayagraj
जिलहिज्जा की 29वीं तारीख बृहस्पतिवार को चांद के दीदार के साथ मोहर्रम का एलान हो गया। सुन्नी मरकजी रुपये हिलाल कमेटी केकाजी-ए-शहर मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने चांद की शरई तस्स्दीक का एलान किया।
विज्ञापन


इसी के साथ शनिवार को मोहर्रम की पहली तारीख से अंजुमनें मातम शुरू कर देंगी। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से किसी तरह के न तो जुलूस निकलेंगे और ना ही सामूहिक तौर पर कहीं जमावड़ा होगा, लेकिन अली असगर का झूला, अलम और दुलदुल सजाने की तैयारियां की गई हैं।
विज्ञापन


माहे मोहर्रम के चाद के साथ गम का महीना शुरू हो गया। देर शाम मोहर्रम के आगाज के साथ रानी मंडी, बख्शी बाजार,करैली, दरियाबाद, दायरा शाह अजमल,सब्जी मंडी सहित अन्य मोहल्लों के घरों की छतों व बारजों पर स्याह परचम लगा दिए गए। अब कर्बला के शहीदों की याद में 68 दिनों तक गम मनाने का सिलसिला चलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी के साथ घरों में अजाखाने सजा दिए गए। शोक के प्रतीक के तौर पर स्याह परचम भी घरों की छतों, बारजों पर लहराने लगे हैं। शिया चांद मरकजी कमेटी की ओर से भी चांद देखे जाने का एलान किया गया। अंजुमन गुंचा- ए-कासिमिया के प्रवक्ता सैयद मोहम्मद अस्करी के मुताबिक चांद की तस्दीक के साथ ही माहौल गमगीन हो गया।

ओलमाओं ने भी चांद की तस्दीक की। इसकेबाद घरों व अजाखानों में अलम, ताबूत, ताजिए, झूला व जरी को सजा दिया गया। शुक्रवार को पहली मोहर्रम से सरकारी गाइड लाइन पर अमल करते हुए सिर्फ पांच लोगों की मौजूदगी में घरों व अजाखानों में मजलिसें शुरू होंगी।

नहीं निकला इस्तकबाल -ए -अजा का जुलूस

प्रयागराज। दरियाबाद व रानीमंडी से पूर्व वर्षों की भांति निकलने वाला इस्तेकबाल -ए -अजा का जुलूस इस बार नहीं निकाला गया। इस जुलूस में कई मातमी अंजुमनें शिरकत करती थीं। लेकिन, मजहबी शिया धर्म गुरु आयातुल्ला सिसतानी व आयातुल्ला खामेनई की कोविड -19 के दृष्टिगत अपील पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मोहर्रम मनाने का निर्णय लिया गया। इस वजह से भीड़भाड़ वाले किसी भी बड़े आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed