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Prayagraj News : नैनी, झूंसी और फाफामऊ में भूमि अब सिविल लाइंस जैसे ही महंगे, बढ़ा सर्किल रेट

Wed, 23 Jul 2025 06:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Jul 2025 06:23 PM IST
सार

New Circle Rate In Prayagraj : एक अगस्त से प्रयागराज में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराना पांच से 40 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। नया सर्किल रेट मंगलवार को प्रकाशित कर दिया गया। इसके तहत सिविल लाइंस के सर्किल रेट में सबसे ज्यादा 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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Prayagraj News: Land in Naini, Jhunsi and Phaphamau is now as expensive as Civil Lines, circle rate increased
house home society awas new - फोटो : istock

विस्तार

एक अगस्त से प्रयागराज में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराना पांच से 40 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। नया सर्किल रेट मंगलवार को प्रकाशित कर दिया गया। इसके तहत सिविल लाइंस के सर्किल रेट में सबसे ज्यादा 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं मम्फोर्डगंज, टैगोर टाउन, जार्जटाउन आदि स्थानों पर 25 से 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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प्रमुख बात यह है कि नैनी, झूंसी और फाफामऊ के विस्तारित क्षेत्र का सर्किल रेट वृद्धि के मामले में शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस को टक्कर दे रहा है। यहां 25 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा शांतिपुरम के सर्किल रेट में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सबसे कम वृद्धि कोरांव क्षेत्र में हुई है। यहां का सर्किल रेट पांच से 15 प्रतिशत तक बढ़ा है।
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एक अगस्त से सर्किल रेट की नई दरें लागू करने की तैयारी है। डीएम की अनुमति के बाद सभी तहसीलों में प्रस्तावित नए सर्किल रेट का प्रकाशन मंगलवार को किया गया। प्रस्तावित सर्किल रेट की सूची सभी तहसीलाें, उप निबंधक, एआईजी स्टाम्प, एडीएम वित्त और राजस्व कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसे संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया गया है।

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इस पर एक सप्ताह में यानी 23 से 29 जुलाई शाम पांच बजे तक आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं होगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 30 जुलाई को दिन में दो से चार बजे के बीच आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आपत्तिकर्ता इस दौरान एडीएम कार्यालय के कक्ष संख्या 37 में उपस्थित होकर तर्क व साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।

अफसरों के अनुसार आपत्तियों के निस्तारण के बाद 31 जुलाई तक जरूरी संशोधन कर लिए जाएंगे। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ का कहना है कि एक अगस्त से नया सर्किल लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद नई दरों पर ही संपत्तियों का बैनामा होगा।

लागू किए गए हैं कई नए प्रावधान

सर्किल रेट 2025-26 में कई नए प्रावधान लागू किए गए हैं। पहली बार अपार्टमेंट, बरात घर, लॉन, पेट्रोल पंप आदि को आधार बनाकर सर्किल रेट का निर्धारण किया गया है। इसके अलावा खेती की जमीन की रजिस्ट्री में भी स्लॉट की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अफसरों के अनुसार इन प्रावधानों से सर्किल रेट में बढ़ोतरी के अलावा मूल्यांकन करना भी आसान होगा।

अपार्टमेंट को बनाया आधार

पहली बार अपार्टमेंट को आधार बनाकर सर्किल रेट का निर्धारण किया गया है। अभी जमीन के सर्किल रेट और कारपेट एरिया का अलग-अलग मूल्यांकन कर अपार्टमेंट का सर्किल रेट तय होता है। वहीं नए प्रावधान के तहत पूरे अपार्टमेंट का मूल्यांकन करके सर्किल रेट तय किया गया है। इसमें अपार्टमेंट के स्थान, उसमें मिलने वाली सुविधाओं आदि को भी शामिल किया गया है। खास यह कि पार्किंग, स्वीमिंग पूल, सभागार आदि सुविधाओं के लिए अंक तय किए गए हैं और उसी आधार पर सर्किल रेट तय किया गया है। यानी एक ही मार्ग पर अलग-अलग अपार्टमेंट में समान आकार के फ्लैट के सर्किल रेट में सुविधाओं के अनुसार अंतर होगा। इस व्यवस्था से सर्किल रेट में 20 से 40 फीसदी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। अफसरों का कहना है कि रेरा के प्रावधानों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।

बरात घर, पेट्रोल पंप की दरें भी तय

बरात घर, पेट्रोल पंप आदि के लिए भी नई दरें तय की गई हैं। अभी तक इन व्यवसायों के लिए कोई दर तय नहीं है। जमीन की स्थिति, भूखंड के आकार आदि के आधार पर सर्किल रेट का निर्धारण होता है। वहीं नए प्रावधान के तहत बरात घर, पेट्रोल पंप को आधार बनाकर सर्किल रेट प्रस्तावित है।

खेती की जमीन के लिए स्लॉट की व्यवस्था खत्म

खेती की जमीन में स्लॉट की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अभी 500 वर्गमीटर जमीन पर सर्किल रेट का 60 फीसदी, 500 से 1000 वर्गमीटर पर 30 फीसदी और इससे अधिक जमीन की रजिस्ट्री पर 20 फीसदी स्टाम्प शुल्क का निर्धारण होता है। इसके तहत स्टाम्प शुल्क के निर्धारण की प्रक्रिया काफी जटिल हो जाती है। वहीं प्रस्तावित सर्किल रेट में स्लॉट की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। भूखंड का आकार चाहे जो हो एक ही सर्किल रेट के आधार पर स्टाम्प शुल्क लगेगा। खेती की जमीन के सर्किल रेट में भी 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है।

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